
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Prof. (Dr.) A. K. Singh
मौसम में बदलाव होने पर बच्चे ज्यादा बीमार पड़ते हैं।
मौसम ने फिर करवट ली और साथ में ले आया खांसी, जुकाम और बुखार। एक दिन गर्मी, अगले दिन बारिश और रात को ठंड। इस बदलते मौसम में सबसे ज्यादा परेशान होते हैं हमारे नन्हे-मुन्ने। क्योंकि बच्चों की इम्यूनिटी अभी डेवलप हो रही होती है, इसलिए वायरस और बैक्टीरिया उन्हें बहुत जल्दी पकड़ लेते हैं। घबराने की जरूरत नहीं है। थोड़ी सी सावधानी और सही आदतों से आप अपने बच्चे को इस सीजन की बीमारियों से बचा सकते हैं।
नोएडा स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. एके सिंह हमारे साथ बातचीत के दौरान बताते हैं बदलते मौसम में बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए पेरेंट्स को कुछ खास चीजों को अपनाने की जरूरत होती है। चलिए जानते हैं वो 5 जरूरी बातें जो हर मां-बाप को फॉलो करनी चाहिए।
डॉ. एके सिंह बताते हैं कि बच्चे दिन भर खेलते हैं, चीजों को छूते हैं और फिर वही हाथ मुंह में डाल लेते हैं। यहीं से इंफेक्शन शुरू होता है। बदलते मौसम में बच्चों को बीमारियां न हो इसके लिए उन्हें दिन में 4-5 बार साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोना सिखाएं। स्कूल से आने के बाद, खाने से पहले और टॉयलेट के बाद हाथ धोना बिल्कुल फिक्स कर दें। साथ में एक छोटी सैनिटाइजर की बोतल बैग में रखें।
इस मौसम में ठंडा पानी और फ्रिज का खाना बच्चों को बिल्कुल भी न दें। जहां तक संभव हो बच्चे को गुनगुना पानी पिलाएं। बाहर का कटा हुआ फल, चाट और जंक फूड से कुछ दिन दूरी बनाकर रखें। बदलते मौसम में घर का बना ताजा खाना सबसे सेफ है। इस मौसम में बच्चों के लिए दाल, खिचड़ी, सूप और मौसमी सब्जियां सबसे ज्यादा अच्छी होती हैं, क्योंकि यह इम्यूनिटी को बूस्ट करती हैं।
बदलते मौसम में बच्चे की प्लेट रंगीन होनी चाहिए। डॉक्टर सलाह देते हैं कि इस मौसम में बच्चों को आंवला, संतरा, अमरूद, पपीता जैसे विटामिन C वाले फल जरूर खिलाएं। दही, अंडा, दूध, बादाम और हरी सब्जियां भी डाइट में शामिल करें। एक चम्मच शहद और चुटकी भर हल्दी वाला गर्म दूध रात को सोने से पहले जरूर दें। ये नेचुरल एंटीबायोटिक का काम करता है। इस तरह की चीजों को डाइट में शामिल करने से बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ती है जिससे बीमारियों का खतरा कम होता है।
बदलते मौसम में बच्चे को लेयर वाले कपड़े पहनाएं। स्कूल से आते ही गीले कपड़े तुरंत बदलें। पसीने वाले कपड़ों में बच्चे को ज्यादा देर मत रहने दें। कपड़ों को समय- समय पर बदलने और सूखने से बच्चों में विभिन्न प्रकार के इंफेक्शन की परेशानी कम होती है।
कम सोने से बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। 5 से 12 साल के बच्चों को 9 से 10 घंटे की नींद चाहिए। रात को समय पर सुलाएं और सुबह जल्दी उठाएं। अच्छी नींद वायरस से लड़ने की ताकत देती है। सोने से पहले 1 घंटे मोबाइल और टीवी बंद कर दें।
डॉ. एके सिंह बताते हैं- "इन चीजों का ध्यान रखते हुए साथ ही बच्चे के सारे टीके समय पर लगवाएं। फ्लू का टीका भी इस मौसम में बहुत मदद करता है। बदलता मौसम बीमारियां लाता है, लेकिन पैनिक नहीं करना है। साफ-सफाई, सही खाना, पूरी नींद और थोड़ी सी सावधानी से आप अपने बच्चे को 90% बीमारियों से बचा सकते हैं।"
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। अगर आपके बच्चे को लगातार बुखार, सांस लेने में दिक्कत, उल्टी या कोई गंभीर लक्षण दिखे तो तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। हर बच्चे की सेहत अलग होती है, इसलिए कोई भी दवा या उपाय अपनाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।