
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : January 28, 2026 11:31 AM IST
Parenting Mistakes in Hindi: भारतीय पेरेंट्स बच्चे को खूब खिलाने-पिलाने को अक्सर लाड़-प्यार समझते हैं, लेकिन लाड़-प्यार में वह समझ नहीं पाते कि कई बच्चा ओवरईटिंग कर रहा होता है या फिर गलत चीजों का सेवन कर रहा होता है। यही कारण है कि तेजी से बढ़ रहा वजन यानी मोटापा न सिर्फ आज वयस्कों के लिए ही बल्कि छोटे-छोटे बच्चों के लिए भी चुनौती बन रहा है। मुख्य आज के समय में बच्चों का बढ़ता वजन एक गंभीर समस्या बनकर उभर रहा है। कम उम्र में ही बढ़ता मोटापा बच्चे की शारीरिक सेहत के साथ साथ उसके आत्मविश्वास भी कमजोर कर देता है। हम आपको बता देते हैं कि इसमें केवल बच्चों की गलती नहीं है, बल्कि पेरेंट्स की कुछ आम लेकिन बड़ी गलतियां होती हैं, जिस कारण बच्चे का वजन उसकी तय उम्र से ज्यादा हो जाता है। तो आई आज हम आपको आपकी ऐसी ही कुछ आम गलतियों के बारे में बताते हैं, जिस कारण बच्चे का वजन तेजी से बढ़ जाता है।
खाना खाने के बाद भी बच्चे अक्सर छोटी-मोटी भूख के कारण कुछ ना कुछ खाने की मदद करता है। इस दौरान आप उन्हें बर्गर, चिप्स, पिज्जा, कोल्ड ड्रिंक और बिस्किट जैसे स्नैक्स दे देती हैं। धीरे-धीरे बच्चे को इन चीजों की आदत लग जाती है और फिर उसको घर का पौष्टिक खाना पसंद नहीं आता। विशेषज्ञ बताते हैं कि ज्यादा कैलोरी और कम पोषण वाला यह भोजन वजन बढ़ाने के साथ-साथ पाचन और इम्यून सिस्टम को भी कमजोर कर देता है, जो उसे भविष्य में बीमार कर सकता है।
आज के समय में बच्चे या तो पढ़ाई करते हैं या फिर फोन, टीवी या गेम्स में लगे रहते हैं। वह कमरे में बंद रहना पसंद करते हैं और बाहर खेलना लगभग घूमते जा रहे हैं। वही जो पेरेंट्स जॉब करते हैं वह सुरक्षा और समय की कमी का बहन देखकर बच्चों को बाहर खेलने से रोक देते हैं। मगर यह है फिजिकली एक्टिव रहने की कमी उनमें मोटापा का कारण बनती है और उनका वजन उम्र से अधिक हो जाता है। विशेषज्ञ का कहना है कि जब बच्चा रोजाना दौड़ता-भागता नहीं है, तो शरीर में जमा कैलोरी फैट में बदलने लगती है, जिससे मोटापा बढ़ता है।
बेटा “थोड़ा और खा लो” या “ये पूरा खत्म करो” जैसी बातें सुन-सुनकर बच्चा अपनी भूख से ज्यादा खा लेता है। असल में पेरेंट्स प्यार में यह नहीं समझ पाते कि बच्चा जरूरत से ज्यादा खा रहा है, जो उसकी सेहत के लिए नुकसानदायक है। इससे बच्चे में प्राकृतिक भूख-प्यास की पहचान खत्म हो जाती है और उसे ओवरईटिंग की आदत पड़ जाती है।
देर रात तक जागना, मोबाइल देखना, जन भी भूख लगे कुछ बाहर से मांगा के खा लेन या अनहेल्दी स्नैक्स खाना और सुबह देर से उठना बच्चों के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है। नींद पूरी न होने से हार्मोनल असंतुलन होता है और वजन तेजी से बढ़ने लगता है। वहीं अनियमित दिनचर्या बच्चे को सुस्त बनाती है और एक्टिव रहने की इच्छा कम हो जाती है। फिर अंत में यही सभी कारण मिलकर उनके वजन को बढ़ाने का काम करते हैं।
बच्चों का बढ़ता वजन केवल उनकी आदतों का नहीं, बल्कि पेरेंट्स की देखभाल को भी प्रदर्शित करता है। इसलिए आप समय रहते उनके खान पान, खेलकूद, नींद और दिनचर्या पर ध्यान दें। इससे आप बच्चे को मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों से आसानी से बचा सकते हैं। याद रखें आज लिया गया सही फैसला, आपके बच्चे का भविष्य स्वस्थ बना सकता है
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।