
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : November 7, 2023 6:01 PM IST
Discrimination between children: हर पेरेंट्स का सपना होता है कि वे अपने सभी बच्चों को बराबर प्यार दे। आजकल के समय में बहुत ही कम ऐसे के मिलेंगे जिसमें पेरेंट्स अपने एक बच्चे से ज्यादा प्यार करते हैं और दूसरे से कम करते हैं। लेकिन यह भी सच है कि ये चीजें कई बार जानबूझकर नहीं बल्कि अनजाने में हो जाती हैं। हालांकि, ये मामले कम देखने को मिलते हैं, लेकिन इनका असर बच्चों पर बहुत गहरा पड़ता है और सिर्फ एक दो-बार हुए ये मामले बच्चे को मानसिक रोगी बना सकते हैं। हर पेरेंट्स के लिए यह जरूरी है कि वे ऐसी सभी बातों का ध्यान रखें, क्योंकि उनके द्वारा की गई छोटी-छोटी गलतियां भी उनके बच्चों में भेदभाव का कारण बन सकती है। चलिए जानते हैं अक्सर पेरेंट्स ऐसी कौन सी गलतियां करते हैं, जिनके कारण उनके बच्चे भेदभाव का शिकार हो सकते हैं।
पेरेंट्स अपने बच्चों को खाना परोसते समय भी कई बार ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे उनके खुद के बच्चे भेदभाव का शिकार हो जाते हैं। हर बार छोटे या बड़े बच्चों को पहले खाना देना भेदभाव हो सकता है। पेरेंट्स के लिए यह सामान्य हो सकता है, लेकिन बच्चों के लिए यह गलत संकेत हो सकता है।
बच्चों से वैसे तो काम कराना गलत है, लेकिन कभी-कभार बच्चों का अपने पेरेंट्स के काम में हाथ बंटाना गलत नहीं होगा, लेकिन सिर्फ एक ही बच्चे से बार-बार काम कराना गलत हो सकता है। अपने सभी बच्चों से समय-समय पर बराबर काम कराएं। आप छोटा समझ कर या जो बच्चे काम करना पसंद नहीं करते उन्हें इग्नोर न करें, ऐसा करना दूसरे बच्चों पर गलत असर डालता है।
बच्चों का शरारती होना आम बात है और पेरेंट्स का उन पर इस बात से गुस्सा करना भी सामान्य है। लेकिन अगर पेरेंट्स हमेशा बिना गलती का पता लगाएं एक ही बच्चे को डांटते हैं, जैसा आमतौर पर बड़े बच्चे के साथ होता है, तो यह भी गलत हो सकता है। क्योंकि बच्चा छोटा हो या बड़ा उन्हें फर्क नहीं पड़ता है और अगर बिना गलती किए बच्चे को बार-बार डांट पड़ रही है, तो यह गलती का कारण हो सकता है।
पेरेंट्स अक्सर इस बात को मान नहीं पाते हैं, लेकिन बच्चे कई बार छोटी-छोटी बातों को नोटिस करना शुरू कर देते हैं। खासतौर पर उनके पेरेंट्स उनके साथ किस तरह से बात कर रहे हैं और किस नाम से पुकार रहे हैं। इसलिए आपको इस बात का ध्यान भी रखना है कि आप अपने सभी बच्चों को क्या कहकर पुकार रहे हैं।
अगर आप किसी बच्चे से ज्यादा उम्मीद रखने को उसके प्रति ज्यादा प्यार समझ रहे हैं, तो यह आप गलत सोच रहे हैं। किसी बच्चे के प्रति ज्यादा उम्मीद रखना उसके प्रति प्यार नहीं बल्कि भेदभाव भी हो सकता है। किसी भी बच्चे से ज्यादा उम्मीद लगाने से कई बार बच्चा ज्यादा दबाव मानने लग जाता है और इसलिए पेरेंट्स को ऐसी गलतियां नहीं करनी चाहिए।