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World Malaria Day 2024: मलेरिया एक वेक्टर-बॉर्न डिजिज है और यह मच्छरों के काटने से फैलती है। मलेरिया का खतरा बच्चों में अधिक होता है। बच्चों को मच्छरों और मलेरिया से सुरक्षित रखने में माता-पिता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। डॉ. बी.के विश्वनाथ भट्ट (Dr B K Vishwanath Bhat, Paediatrician and MD of Radhakrishna Multispecialty Hospital, Bengaluru) कुछ ऐसी ही टिप्स दे रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने बच्चों को इस गम्भीर और जानलेवा बीमारी से सुरक्षित रख सकते हैं।
अपने बच्चों की स्किन पर डीईईटी (DEET) वाले मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम (mosquito repellent cream) और लोशन लगाएं। इससे मच्छरों के डंक से बच्चे को सुरक्षित रखने में मदद होगी। इसी तरह बच्चों के कपड़ों पर भी आप एंटी-मॉस्किटो रोल या स्प्रे लगा सकते हैं।
बच्चों को मच्छरदानी में सुलाना मच्छरों से बचने का एक आसान तरीका है। सुबह और शाम के समय मच्छर अधिक सक्रिय होते हैं। ऐसे में घर की खिड़कियां और दरवाजे अच्छी तरह बंद कर दें। ताकि मच्छर घर के भीतर प्रवेश ना कर सकें।
बच्चों को फुल-स्लीव शर्ट, लम्बी पैंट्स और मोजे पहनाएं। इससे बच्चों की स्किन कवर रहेगी और मच्छर बच्चे कोकाट नहीं सकेंगे।
अपने घर में और घर के आसपास मच्छरों को पनपने से रोकें। इसके लिए आप साफ-सफाई का ख्याल रखें। घर के आसपास पानी ना जमा होने दें। घर और लॉन में मौजूद खाली गमलों को पलट कर रखें। पुराने डिब्बे, बाल्टियां और टायर जैसी चीजें अगर घर में रखीं हों तो उन्हें फेंक दें।
इन सबके अलावा घर के दरवाजों और खिड़कियों पर जाली लगवाएं ताकि मच्छर घर में दाखिल ना हो सकें। ऐसे स्थानों पर बच्चे को जाने से रोकें जहां मच्छर अधिक संख्या में हो।
पेरेंट्स को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अगर बच्चों में मलेरिया के लक्षण दिखायी दें तो उन्हें नजरअंदाज करने की बजाय तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें। बच्चों में मलेरिया के मुख्य लक्षण (symptoms of malaria in children) हैं-
बुखार (fever)
कंपकंपी और ठंड लगना (chills)
सिर में दर्द (headache)
मांसपेशियों में दर्द( muscle aches)
अगर आपके बच्चे को इनमें से कोई लक्षण दिखायी दें उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। इससे बच्चे को सही समय पर इलाज मिल सकेगा और वह जल्दी से रिकवर भी हो सकेगा।