लॉकडाउन में बच्चों को मेंटली हेल्दी रखने के लिए डायट में करें बदलाव, अपनाएं ये टिप्स

लॉकडाउन में बच्चे ना तो स्कूल जा पा रहे हैं और ना ही घर से बाहर खेलने-कूदने। ऐसे में उनके अंदर खीझ, गुस्सा, चिड़चिड़ापन घर कर सकता है। बेहतर है कि आप उनकी इम्यूनिटी बूस्ट करने के साथ-साथ मेंटली फिट रखने के बारे में भी सोचें।

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Written By: Anshumala | Updated : April 18, 2020 4:53 PM IST

Kids Mental Health: कोविड-19 के कारण देशभर में लॉकडाउन को बढ़ाकर 3 मई कर दिया गया है। इस लॉकडाउन के कारण बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी घरों में रहने को मजबूर हो गए हैं। ना तो वो स्कूल जा पा रहे हैं और ना ही अपने दोस्तों के साथ बाहर जाकर खूल-कूद रहे हैं। घर में रहकर बस ऑनलाइन पढ़ाई और होमवर्क करने के अलावा, उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं रह गया। ऐसी स्थिति में बच्चों के अंदर खीझ, गुस्सा, चिड़चिड़ापन आना स्वाभाविक है। घर के बड़े-बुजुर्ग भी डर, चिंता और तनाव में जी रहे हैं, इसका असर भी बच्चों के दिमाग पर होता है। ऐसे में पेरेंट्स को उनकी इम्यूनिटी के साथ ही उनके मेंटल हेल्थ को बूस्ट (Kids mental health during lockdown) करने के बारे में भी सोचना होगा। बच्चों को मेंटली हेल्दी (Mentally fit kids) रखने के लिए उनकी डायट के साथ ही इन बातों का भी खास ध्यान रखें…

दें पौष्टिक चीजें

इन दिनों बच्चों के खाने-पीने का खास ख्याल रखें। बच्चे के शरीर में पौष्टिक चीजें नहीं जाएंगी, तो उसके शरीर और दिमाग को आवश्यक पोषक तत्व (foods for healthy brain) नहीं मिल पाएंगे। हेल्दी फूड से बच्चे का दिमागी विकास, दांत, हड्डियां मजबूत होती हैं। बाहर का कोई भी चीज अच्छी तरह से साफ करने के बाद ही खाने के लिए दें।

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कैलोरी करें शामिल

एक से पांच वर्ष के बच्चा है, तो कैलोरी युक्त चीजें खाने के लिए दें। इससे शारीरिक व मानसिक रूप से बच्चे फिट रहेंगे। बच्चों को जबरदस्ती खिलाने से बचें। जब उनका मूड हो तो ही खाने के लिए दें। खाने की चीजों में भरपूर पौष्टिक तत्व शामिल करें।

फल और सब्जियों का डोज

हरी पत्तेदार सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स, काले अंगूर, बेर, चुंकदर, आलूबुखारे, साबुत अनाज से तरह-तरह की रेसिपीज बनाकर उन्हें खाने के लिए दें। इससे उनके ब्रेन को सभी प्रकार के पोषक तत्व प्राप्त होंगे। डाइट में रंगों को जितना शामिल करेंगी, पोषण के लिहाज से उतना ही अच्छा होगा। हां, फलों और सब्जियों को अच्छी तरह से साफ करने के बाद ही बच्चों को खिलाएं।

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बादाम और अखरोट खिलाएं 

बादाम और अखरोट बच्चों को हर दिन दो-तीन खाने को दें। इससे उनका मस्तिष्क हेल्दी और शार्प बनेगा। बादाम में विटामिन ई, फाइबर, मैग्निशियम, आयरन, पोटैशियम आदि भरपूर होते हैं। आप चाहें, तो इन्हें घी में भून करके भी खाने के लिए दे सकती हैं। ड्राई फ्रूट्स में कई ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो दिमाग, हड्डियों, आंखों आदि को स्वस्थ रखते हैं।

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पजल्स एवं पहेली बूझने के लिए कहें

लॉकडाउन के दिनों में बच्चों के साथ पेरेंट्स को भी बच्चा बनना पड़ेगा। जब भी आपको समय मिले, उनके साथ खेलें। वीडियो गेम आधा घंटा खेल सकते हैं। पजल सॉल्व करने के लिए कहें। इससे उनका दिमाग एक्टिव होगा। उनसे पहेली पूछें। शोध कहता है कि बच्चों का दिमाग जितना सोचेगा, उनकी मेंटल हेल्थ उतनी ही ज्यादा मजबूत होगी।

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देश-दुनिया के बारे में पूछें सवाल

बच्चों की मेंटल एबिलिटी को स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए उनसे जनरल नॉलेज के सवाल करें। इससे उनका ज्ञान भी बढ़ेगा और याद करने की क्षमता भी विकसित होगी। पढ़ाई की किताबें खोलकर सवाल ना करें वरना वो बोर होने लगेंगे। इसके लिए गूगल पर दिए गए जनरल नॉलेज के सवालों को सर्च करके भी आप पूछ सकते हैं, जो उनके मन के लायक हों। जिसमें बच्चों को मजा भी आए।

पर्याप्त नींद भी है जरूरी

बच्चे तभी फिट रहेंगे, जब उनकी नींद पूरी होगी। सारा दिन पढ़ाई और पजल्स सॉल्व करके, उनका दिमाग थक सकता है। ऐसे में उन्हें रात में जल्दी सोने के लिए कहें। बच्चों के लिए 8 से 9 घंटे की नींद अच्छी और पर्याप्त मानी गई है। उनके बिस्तर पर कोई भी गैजेट्स ना रहने दें। कमरे में हल्की रोशनी रहे, ताकि बच्चा डरकर रात में उठ ना जाए।

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