सीधा बच्चों के नर्वस सिस्टम पर प्रभाव डालती है चाय और कॉफी, बच्चों को पिलाने से पहले ध्यान दें पेरेंट्स

Tea and coffee effects on children: छोटे बच्चों के लिए चाय-कॉफी बेहद हानिकारक है और इससे उनके शरीर के कई अंग प्रभावित होने लगते हैं, जिनके बारे में हम आपको इस लेख में खास जानकारी देने वाले हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : January 2, 2026 1:21 PM IST

Bacho ko Chai Dene ke Nuksan: अगर आपको चाय या कॉफी पसंद है तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपके बच्चे को भी होगी। इससे भी जरूरी बात यह है कि अगर छोटे बच्चे को चाय या कॉफी पीना पसंद भी है, तो भी उसे इसका सेवन करने की सलाह नहीं दी जाती है। आजकल बदलती जीवनशैली और बड़ों की नकल करने की आदत के कारण छोटे बच्चे भी चाय और कॉफी पीने लगे हैं। 'टी बोर्ड ऑफ इंडिया’ के अनुसार, भारत के लगभग 88% घरों में चाय पी जाती है। वहीं 'कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया’ के मुताबिक चाय कॉफी को अपनी पसंदीदा ड्रिंक मानने वाले 84% लोग हैं। लेकिन बच्चों के लिए चाय को अच्छा नहीं माना जाता है, क्योंकि यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए नुकसानदायक हो सकता है। यह लेख खास तौर पर उन पेरेंट्स के लिए ही है, जो अपने बच्चों को चाय या कॉफी पीने से नहीं रोकते हैं, क्योंकि इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं कि चाय या कॉफी में मौजूद कैफीन से बच्चों के नाजुक शरीर और नर्वस सिस्टम पर निम्न प्रभाव डालता है:-

दिमाग कमजोर पड़ने लगना

कैफीन का असर दिमाग पर पड़ता है, जिससे सबसे पहले बच्चे का फोकस यानी एकाग्रता प्रभावित होने लगती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कैफीन अस्थायी रूप से सतर्कता बढ़ाता है और जब उसका असर कम हो जाता है तो उसका उल्टा प्रभाव पड़ने लगता है। जिसके कारण बच्चा चिड़चिड़ा, बेचैन और जल्दी ध्यान भटकाने वाला हो जाता है। पढ़ाई तथा किसी भी अन्य गतिविधि में लंबे समय तक ध्यान लगाना उसके लिए मुश्किल हो जाता है।

नर्वस सिस्टम को डेवलप न होने देना

बच्चों के लिए चाय व कॉफी इसलिए भी हानिकारक मानी जाती है, क्योंकि उनका तंत्रिका तंत्र धीरे-धीरे विकसित हो रहा होता है। लेकिन अगर वह चाय व कॉफी पीने लग जाता है, तो कैफीन का प्रभाव तंत्रिका तंत्र को भी ठीक से विकसित नहीं होने देता है। अगर किसी बच्चे के नर्वस सिस्टम ठीक से डेवलप नहीं हो पाता है, तो आने वाले समय में उसे न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम होने का खतरा बढ़ जाता है जैसे हाथ-पैर में कंपन, दिल की धड़कन बढ़ना, बेचैनी रहना, नींद न आना आदि।

ब्रेन डेवलपमेंट पर प्रभाव

बच्चे का मस्तिष्क उम्र के साथ-साथ धीरे-धीरे विकसित होता है और चाय-कॉफी में पाया जाने वाला कैफीन उसे भी रोकने लगता है। बच्चे को बचपन से ही अच्छा व पोषक तत्वों से भरपूर आहार दिया जाता है, जिससे उसके शरीर का विकास सामान्य रूप से हो सके। ऐसे में कैफीन का प्रभाव उसकी ब्रेन डेवलपमेंट को प्रभावित कर सकता है, जिससे याददाश्त कमजोर होना, सीखने की क्षमता कमजोर होना और व्यवहार से जुड़ी कुछ समस्याएं हो सकती हैं।

खून की कमी का कारण

बच्चे की हड्डियों और दांतों के विकास में भी चाय-कॉफी बाधा डाल सकता है, क्योंकि इसमें मौजूद कैफीन शरीर में आयरन के अवशोषण को कम कर देता है। इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में आयरन नहीं मिल पाता है और एनीमिया जैसी समस्याएं होने लगती है। इसलिए जरूरी है कि बच्चे को चाय-कॉफी की आदत न डालें, क्योंकि इससे उनके स्वास्थ्य को कोई भी फायदा नहीं मिलने वाला है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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