
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Can you use pillow for babies: छोटे बच्चों का ध्यान रखना कोई छोटा-मोटा काम नहीं है यह बहुत मेहनत का काम है। दरअसल, छोटे बच्चों का शरीर और उनकी सेहत बहुत नाजुक होती है और ऐसे में पेरेंट्स व केयरटेकर्स को ही यह अंदाजा लगाना पड़ता है कि उनके लिए क्या सही है और क्या सही नहीं है। ऐसी कई चीजें हैं, जो पेरेंट्स के लिए कन्फ्यूजन पैदा करती हैं। ऐसी ही चीजों में से एक हैं, शिशु को तकिया लगाना चाहिए या नहीं। दरअसल, जब छोटे बच्चे सो रहे होते हैं, तो उन्हें देखकर पेरेंट्स को ऐसा लगता है कि जैसे बच्चे को बिना तकिए के तकलीफ महसूस हो रही है। लेकिन ऐसा माना जाता है कि बच्चे को तकिया लगाने से उनका दम घुटने का खतरा बढ़ जाता है। अगर आपके घर में भी छोटा बच्चा है तो आपके लिए भी इस बारे में जानना बहुत जरूरी है।
यदि आप सोच रहे हैं कि छोटे बच्चे के सोते समय उसके सिर के नीचे तकिया लगाना जरूरी है, तो आप गलत सोच रहे हैं। तकिया लगाने के कारण सोते हुए बच्चे का दम घुटने का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। इस कारण से छोटे बच्चों को तकिया लगाने के सलाह नहीं दी जाती है। यदि आप बच्चे के लिए कोई तकिया लाए हैं, तो उसे बिल्कुल भी इस्तेमाल न करें और न ही घर पर किसी को उसे बच्चे के लिए इस्तेमाल करने दें। साथ ही छोटे बच्चों के लिए तकिए आदि गिफ्ट भी नहीं करने चाहिए।
छोटे बच्चों के लिए तकिया बहुत खतरनाक और जानलेवा हो सकता है। दरअसल बच्चे का सोते समय तकिया से सिर नीचे की तरफ खिसक जाता है, जिससे गर्दन मुड़ने और श्वसन मार्ग बंद होने का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि बच्चे ठीक से सांस नहीं ले पाते हैं और उनका दम घुटने लगता है। इसके अलावा छोटे बच्चे कई बार तकिये में मुंह देकर सोने लग जाते हैं, जिस कारण से वे ज्यादातर खुद के द्वारा छोड़ी गई कार्बन डाइऑक्साइड में सांस लेते हैं।
हमें अक्सर तकिए के साथ सोने की आदत पड़ जाती है और छोटे बच्चों को बिना तकिए के सोते देखकर हमें कई बार लगता है कि बच्चे को बिना तकिए के दिक्कत हो रही है। लेकिन आपको बता दें कि बच्चे को बिना तकिए के ही सोने में सबसे ज्यादा आराम मिलता है और वे आराम से सो रहे होते हैं। बिना तकिए को सोते समय बच्चे की गर्दन सीधी रहती है और उन्हें ठीक तरीके से सांस आ रहा होता है।
बच्चे को कम से कम 5 साल तक बिना तकिए के सोने की ही आदत डालनी चाहिए। पांच साल का होने के बाद ही बच्चा तकिया मांगने लगता है और फिर उसे सोने के लिए तकिया दे देना चाहिए। साथ ही उसे तकिया देते समय सोते समय तकिए का सही इस्तेमाल करना भी सिखा देना चाहिए। बच्चे को 5 साल से पहले तकिए के साथ सोने की आदत नहीं डालनी चाहिए।