
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Dr. Sushil Singla
बच्चों को अंडा देने से हड्डियां मजबूत बनती हैं।
बच्चों की सेहत को बेहतर बनाने के लिए पेरेंट्स उसे सही खानपान देने की हर कोशिश करते हैं। इन दिनों बच्चों के संतुलित खानपान का अहम हिस्सा बन चुका है अंडा। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट बताती है कि अंडे में प्रोटीन, विटामिन D, विटामिन B12, आयरन जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व बच्चों के शरीर को दुरुस्त और दिमाग को चुस्त बनाते हैं। अंडे के पोषक तत्वों को ध्यान में रखते हुए ही मैं अपने भतीजे को रोजाना नाश्ते में उबले हुए अंडे देती हूं। एक दिन यही बात मैंने अपने कलीग से डिस्कस की तो उसने बोला क्या बच्चों को रोज नाश्ते में अंडा देना सही है? वो यही नहीं रुका उसने आगे कहा - बच्चों को रोजाना नाश्ते में अंडा दिया जाए तो उसका कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है और इससे उसमें कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मेरे ही कलीग की तरह ही कई लोगों को ऐसा लगता है कि बच्चों को रोजाना नाश्ते में अंडा खिलाना सही नहीं है? अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो हम आपको बताने जा रहे हैं इस बारे में रिसर्च क्या कहती है और एक्सपर्ट क्या राय रखते हैं।
पुबमेड की बेवसाइट पर मौजूद रिसर्च बताती है कि अगर बच्चा शारीरिक और मानसिक रूप से बिल्कुल सुरक्षित है। बच्चे को अंडे से किसी प्रकार की एलर्जी नहीं है तो उसे रोजाना नाश्ते में अंडा देना बिल्कुल सुरक्षित है। अंडे में प्रोटीन, विटामिन डी, आयरन पाया जाता है। यह सभी पोषक तत्व बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
अंडे में प्रोटीन होता है। (File Photo)
फरीदाबाद के सेक्टर- 8 स्थित सर्वोदय अस्पताल के बाल रोग विभाग के डायरेक्टर डॉ. सुशील सिंगला कहते हैं कि अंडा बढ़ते बच्चों के विकास के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्व है। अंडे में प्रोटीन होता है जो बच्चों की शारीरिक क्षमता को बेहतर करता है। आइए आगे जानते हैं बच्चों को अंडा खिलाने के अन्य फायदों के बारे में।
अंडा बच्चों के विकास को बेहतर करता है। (File Photo)
इस सवाल के जवाब में डॉ. सुशील सिंगला कहते हैं कि पहले ऐसा कहा जाता था। लेकिन पिछले कुछ सालों में अंडे पर जो स्टडी हुई है, उसमें यह बात सामने आई है कि बच्चों को अंडा खिलाने से आमतौर पर कोलेस्ट्रॉल की समस्या नहीं होती है। हालांकि जिन बच्चों के परिवार में हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल का इतिहास रहा है, उन्हें अंडा खिलाने से पहले थोड़ी सावधानी बरतनी जरूरी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी बताती है कि 6 महीने की उम्र के बाद, जब बच्चा ठोस आहार खाना शुरू कर देता है, तब अच्छी तरह पका हुआ अंडा धीरे-धीरे उसकी डाइट में शामिल किया जा सकता है। बच्चे को अंडा देते समय उसे पहले थोड़ी मात्रा में दें। जब बच्चा अंडा पचाने लग जाए तो इसकी मात्रा को धीरे- धीरे बढ़ाने की कोशिश करें। एक साथ बड़ी मात्रा में बच्चे को कभी भी अंडा न दें।
डॉ. सिंगला बताते हैं कि 10 में से 8 बच्चों को अंडा खिलाना बिल्कुल सुरक्षित होता है। लेकिन कुछ मामलों में पेरेंट्स को थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होती है। आइए आगे जानते हैं किन बच्चों को अंडा बिल्कुल नहीं देना चाहिए।
File photo
डॉ. सिंगला कहते हैं- अगर बच्चे को अंडे से एलर्जी नहीं है और वह पूरी तरह हेल्दी है, तो रोज नाश्ते में एक अंडा देना आमतौर पर सुरक्षित और फायदेमंद होता है। अंडे में प्रोटीन, विटामिन D, कोलीन और कई जरूरी पोषक तत्व हैं, जो बच्चे की सेहत को बेहतर बनाते हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह का विकल्प नहीं है। प्रत्येक बच्चे की न्यूट्रिशन की जरूरत अलग होती है। अगर आपका बच्चा 1 साल से छोटा है तो उसे अंडा देने से पहले एलर्जी टेस्ट जरूर करवाएं। बच्चे को कोई पुरानी बीमारी या गंभीर स्वास्थ्य समस्या है तो उसे अंडा देने से पहले डॉक्टर से बात करें। जिन लोगों के परिवार में अंडे से एलर्जी का इतिहास रहा है ऐसे बच्चों को अंडा नहीं देना चाहिए।