
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr. Rajesh Pathak
Image Credit : ChatGPT
आजकल कई माता-पिता यह मान लेते हैं कि बच्चों के बेहतर विकस और मजबूत प्रतिरक्षा के लिए रोज मल्टीविटामिन देना जरूरी होता है। मार्केट मेंं भी बच्चों के लिए तरह-तरह के मल्टीविटामिन मौजूद हैं, इनके एडवरटाइजमेंट भी खूब दिखाई देते हैं। लेकिन क्या हर बच्चे को वास्तव में रोज मल्टीविटामिन की जरूरत होती है? इस सवाल का जवाब उतना सीधा नहीं होता जितना अक्सर समझ लिया जाता है।
जयपुर स्थित नारायणा हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक्स और नियोनेटोलॉजी डॉ. राजेश पाठक, सीनियर कंसल्टेंट का कहना है कि अगर बच्चा संतुलित और विभिन्न तरह के पोषण से भरपूर आहार लेता है, तो अधिकतर बच्चों को जरूरी विटामिन और मिनरल्स भोजन से ही प्राप्त हो जाते हैं। शरीर को जिन पोषक तत्वों की जरूरत होती है, वे फल, सब्जियों, दालों, अनाज, दूध, दही, अंडे, मछली और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों से आसानी से मिल जाते हैं।
डॉक्टर कहते हैं कि हर एक बच्चों में समान रूप से पोषक तत्वों की जरूरत नहीं होती है। कुछ बच्चों में खाने की आदतें सीमित रहती हैं। कुछ बच्चे बहुत चुनिंदा भोजन करते हैं, जबकि कुछ को ऐसी स्वास्थ्य स्थितियां होती हैं, जिनके कारण पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावित होता है। ऐसे मामलों में अतिरिक्त विटामिन की आवश्यकता पड़ सकती है।
Multivitamins
उदाहरण के लिए जिन बच्चों का आहार बहुत सीमित होता है, जो किसी खास फूड्स का सेवन नहीं करते या जिनमें किसी पोषक तत्व की कमी पाई जाती है, उन्हें मेडिकल सलाह के अनुसार सप्लीमेंट दिया जाता है। इसी तरह समय से पहले जन्मे शिशुओं या फिर कुछ बीमारियों से ग्रस्त बच्चों को भी मल्टीविटामिन देने की सलाह दी जाती है।
अक्सर यह माना जाता है कि विटामिन जितना अधिक लिया जाए, उतना बेहतर होता है। लेकिन यह धारणा सही नहीं मानी जाती। कुछ विटामिन ऐसे होते हैं, जो शरीर में जमा हो जाते हैं। अगर उनकी मात्रा जरूरत से अधिक हो जाए, तो नुकसान भी हो सकते हैं।
विटामिन ए, डी, ई और के जैसे वसा में घुलनशील विटामिन शरीर में स्टोर रहते हैं। इनका काफी अधिक सेवन करने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए बिना आवश्यकता और बिना सलाह के लंबे समय तक मल्टीविटामिन देना सही नहीं होता है।
कई माता-पिता मल्टीविटामिन को बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का आसान उपाय मानते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट का यह मानना है कि मजबूत इम्यूनिटी सिर्फ एक बोतल में नहीं मिलती। पर्याप्त नींद, नियमित फिजिकल एक्टिविटी, संतुलित भोजन, साफ-सफाई की अच्छी आदतें और समय पर वैक्सीनेशन इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखने में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अगर बच्चा रोज अलग-अलग रंगों के फल और सब्जियां खाता है, पर्याप्त प्रोटीन लेता है और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाता है, तो उसे अतिरिक्त सप्लीमेंट्स की आवश्यकता कम पड़ती है।
Disclaimer : माता-पिता को सबसे पहले अपने बच्चों के खानपान पर ध्यान देने की जरूरत होती है। अगर बच्चा सामान्य रूप से बढ़ रहा होता है, एक्टिव रहता है और सभी तरह के आहार लेता है, तो रोज मल्टीविटामिन देना जरूरी नहीं माना जाता। दूसरी ओर अगर बार-बार पोषण संबंधी चिंताएं दिखाई देती हैं या किसी कमी की आशंका होती है, तो एक बार अपने एक्सपर्ट की मदद जरूर लें।