बच्‍चा गोद ले रहे हैं, तो उसकी भावनाओं का भी रखें ख्‍याल

अब तो ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जो सिंगल पेरेंट होते हुए भी बच्‍चा गोद लेते हैं। पर बच्‍चा गोद लेने के बाद उस बच्‍चे की भावनाओं और मानसिक कम्‍फर्ट का ध्‍यान रखना बहुत जरूरी है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : April 21, 2019 8:13 PM IST

बच्‍चा गोद लेना आजकल कोई नई बात नहीं है, इसके अलग-अलग कारण हो सकते हैं। पर लोग अब अपने बच्‍चे के लिए उतना ज्‍यादा मानसिक दबाव नहीं लेते। बल्कि समाज का नजरिया भी अब धीरे-धीरे बदलने लगा है। बल्कि अब तो ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जो सिंगल पेरेंट होते हुए भी बच्‍चा गोद लेते हैं। पर बच्‍चा गोद लेने के बाद उस बच्‍चे की भावनाओं और मानसिक कम्‍फर्ट का ध्‍यान रखना बहुत जरूरी है।

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इन बातों का जरूर रखें ध्‍यान

हर बच्‍चे की भावनाएं और मानसिक क्षमता अलग-अलग होती हैं। इसलिए गोद लिए हुए बच्‍चे को कभी भी यह न समझें कि वह बेस्‍ट ही होना चाहिए। इस तरह आप माता या‍ पिता होने का ही अपमान कर रहे हैं।

आप बच्चे को कभी ये अहसास ना करवाएं कि आपने उसे गोद लिया है, जन्म नहीं दिया।  इससे बच्चे पर बुरा असर पड़ सकता है।

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कभी बच्चे के सामने ये ना कहें कि उसका अपना बच्चा होता तो ज्यादा खूबसूरत होता।

बच्चे को ये अहसास ना करवाएं कि उसके असली पेरेंट्स उसके साथ नहीं हैं।

बच्चे को ये बातें कभी ना बोलें कि अगर आप उसे गोद नहीं लेते तो उसका दुनिया में कोई नहीं होता।

बच्चे से सच ना छुपाएं लेकिन उसको सभी बातें तब बताएं जब को समझने लायक हो।

अन्‍य बच्‍चों की तरह इस बच्‍चे की भी अन्‍य बच्‍चों के साथ तुलना न करें। यह आप दोनों के लिए ही मुश्किल भरा हो सकता है।

हो सकता है उसे आपकी पसंद-नापसंद को समझने में वक्‍त लगे या अलग हों ,  पर इन बातों पर झुंझलाएं नहीं। सहज स्‍वीकार करें।

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