छोटे बच्चों के पेट में कीड़े होने के लक्षण क्या हैं? बच्चों के डॉक्टर ने बताया घर पर कैसे करें इसका इलाज
How to treat worms in kids at home : छोटे बच्चों को बड़ों की तुलना में पेट में कीड़े की शिकायत काफी ज्यादा होती है। बच्चों की इस परेशानी को समय पर पहचानकर इलाज कराना बहुत ही जरूरी है। आइए जानते हैं इस बारे में-
Symptoms of stomach worms : बड़ों की तुलना में छोटे बच्चों को पेट में कीड़े की परेशानी काफी ज्यादा होती है। मुख्य रूप से 10 महीने से लेकर 5 साल तक के बच्चों को पेट में कीड़े होने की दिक्कतें ज्यादा होती हैं। क्योंकि इस उम्र में बच्चे हाइजीन का अर्थ नहीं समझते हैं, वे अक्सर गंदे हाथ मुंह में लेते हैं, जूता चाटने लग जाते हैं या फिर अन्य इस तरह की एक्टिविटी करते हैं। पेट में कीड़े होने पर बच्चों के विकास पर असर पड़ता है। इसलिए माता-पिता का फर्ज होता है कि उनकी इस परेशानी को समय पर पहचानकर इलाज कराएं। ताकि आगे बच्चे को किसी तरह की परेशानी न हो। पेट में कीड़े होने पर कई तरह के लक्षण दिखते हैं। इस विषय की जानकारी के लिए हमने मुंबई स्थित नारायणा हेल्थ SRCC चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक मेडिसिन, कंसल्टेंट डॉ. नेहल शाह से बातचीत की है। आइए डॉक्टर से इस विषय के बारे में समझते हैं-
बच्चे की ग्रोथ पर असर डालते हैं पेट में छिपे कीड़े?
डॉक्टर नेहल कहते हैं कि हर किसी के घरों में खाने में देखभाल का एक अलग माप होता है। अक्सर माता-पिता अपने बच्चे खानपान पर काफी ज्यादा ध्याम देते हैं, जिसमें रोटी पर एक्स्ट्रा घी, सोने से पहले एक गिलास दूध, प्यार से कटे और पैक हुए फल शामिल हैं। जब बच्चा अच्छा खाता है, तो माता-पिता को तसल्ली होती है कि वे कम से कम खाने के साथ कुछ तो सही कर रहे हैं। इसलिए जब इतनी कोशिशों के बावजूद ग्रोथ धीमी हो जाती है, तो चिंता गहरी हो जाती है। सवाल धीरे-धीरे शुरू होते हैं और समय के साथ और तेज होते जाते हैं: बच्चे का वजन क्यों नहीं बढ़ रहा है? कपड़े अब भी वैसे ही क्यों फिट होते हैं? यह बच्चा इतनी जल्दी क्यों थक जाता है? तो इसके पीछे का जबाव पेट में छिपे कीड़े होते हैं। यह चुपचाप आपके बच्चों की ग्रोथ पप असर डालते हैं।
पेट में छिपे कीड़े बढ़ते शरीर पर कैसे डालते हैं असर?
कीड़ों का इन्फेक्शन जल्दी पता लगाने में मुश्किल हो सकता है। क्योंकि अक्सर इसके लक्षण देरी से नजर आते हैं। डॉक्टर का कहना है कि उनका असर हल्का, जमा होने वाला होता है, और आसानी से नजरअंदाज किया जा सकता है। पेट में कीड़े होने पर ग्रोथ में रुकावट होने लगती है। आइए जानते हैं कैसे शरीर पर पड़ता है असर?
- जब पेट में कीड़े होते हैं, तो कैलोरी, प्रोटीन, आयरन और विटामिन सही से शरीर को नहीं मिल पाता है।
- पेट में कीड़ेहोने की स्थिति में आंतों की परत को नुकसान पहुंचता है, इससे न्यूट्रिएंट्स का एब्ज़ॉर्प्शन कम होने लगता है।
- इस स्थिति से जूझ रहे बच्चों के शरीर में धीरे-धीरे और लगातार खून की कमी होने लगती है, जिसकी वजह से उन्हें एनीमिया हो सकता है।
- पुरानी सूजन शुरू करना जिससे भूख और एनर्जी पर असर पड़ता है।
डॉक्टप कहते हैं कि भले ही बच्चे का शरीर काम करता रहता है, लेकिन उसे हमेशा जरूरत से थोड़ी कमी रहती है। क्योंकि बच्चा एक्टिव रह सकता है, इसलिए माता-पिता तुरंत संकेतों को पहचान नहीं पाते, ऐसे में कई बार स्थिति गंभीर होने लगती है।
पेट में कीड़े होने पर कौन से लक्षण दिखते हैं?
अगर किसी बच्चे के पेट में कीड़े हैं, तो वे स्वभाविक रूप से थोड़े पतले दिखते हैं और उनकी हाइट भी कम हो सकती है। आप रोजमर्रा के कुछ लक्षणों पर ध्यान देकर इसकी पहचान कर सकते हैं, जैसे-
- रेगुलर खाना खाने के बावजूद बच्चे का वजन कम होना और हाइट भी कम होनी।
- पेट में बार-बार तकलीफ़, पेट फूलना या हल्का पेट दर्द होने की अक्सर बच्चा शिकायत कर रहा हो।
- स्कूल में थकान, चिड़चिड़ापन या ध्यान कम लगना
- पीली या स्किन पर काफी ज्यादा खुजली होना।
- स्किन पर बार-बार छोटे-मोटे इन्फेक्शन होना।
- रात में दांत पीसना या एनस के आसपास खुजली होना।
डॉक्टर कहते हैं कि इनमें से कोई भी लक्षण अकेले खतरनाक नहीं लग सता है। समय के साथ ये सब मिलकर आपके बच्चे के पेट के बारे में एक जरूरी कहानी बताते हैं और यह कैसे ग्रोथ से जुड़ा है।
पेट में कीड़े, छोटे बच्चों को ही ज्यादा क्यों होता है?
डॉक्टर कहते हैं कि बच्चे बिना फिल्टर के दुनिया को एक्सप्लोर करते हैं। हाथ जमीन को छूते हैं। जूते भूल जाते हैं। उंगलियां मुंह तक अपना रास्ता ढूंढ लेती हैं। उम्र के साथ हाइजीन बेहतर होती है, लेकिन शुरुआती बचपन सीखने का दौर होता है।
कीड़ों के अंडे खराब मिट्टी, खाने या पानी के जरिए शरीर में जाते हैं। इसलिए छोटे बच्चों के पेट में कीड़े होने की शिकायत अधिक होती है। यह खतरा गांवों और शहरों दोनों में होता है। साफ घर और अच्छी डाइट पूरी तरह से इन्फेक्शन से नहीं बचाते, खासकर जब स्कूल शुरू हो जाए।
पेट में कीड़े होने पर क्या करें?
डॉक्टर नेहल कहते हैं कि कीड़ों का इन्फेक्शन जितना लोग सोचते हैं, उससे कहीं ज्यादा आम है और शुक्र है कि इनका इलाज भी आसान है। हेल्थकेयर प्रोवाइडर की सलाह पर रेगुलर डीवर्मिंग कराने से बच्चे के ग्रोथ का रास्ता काफी बदल सकता है।
- रेगुलर हाथ धोना
- फल और सब्जियां अच्छी तरह धोना
- बाहर खेलते समय जूते पहनना
- साफ पीने का पानी मिलना
जब कोई बच्चा अच्छा खाता है लेकिन ठीक से नहीं बढ़ता, तो इसका जवाब हमेशा ज़्यादा खाना या ज़्यादा कोशिश नहीं होता। कभी-कभी, इसका मतलब है कि शरीर के उसे लेने से पहले ही पोषण खत्म हो रहा है। पेट के कीड़े चुपके से चोर होते हैं जिन्हें एक बार पहचान लेने पर रोका जा सकता है। उनका इलाज करने से अक्सर साफ़ बदलाव आते हैं: बेहतर एनर्जी, बेहतर भूख, मज़बूत इम्यूनिटी और लगातार ग्रोथ। अच्छी ग्रोथ का मतलब सिर्फ़ बच्चों को अच्छा खिलाना नहीं है। इसका मतलब यह पक्का करना है कि उनके शरीर को वह सब कुछ मिले जो उन्हें दिया जा रहा है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।