
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : June 13, 2025 8:43 PM IST
Chanakya Niti Parenting Tips In Hindi: आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र लिखा था, जिसमें उन्होंने राजनीति, जीवनयापन, तरक्की, लोगों के प्रति समझ और शिक्षा के महत्व को बताया था। चाणक्य नीति में ऐसी मूलभूत सीख दी गई हैं, जिन्हें अगर बच्चे को समय रहते सिखा लिया जाए, तो उसे जीवन में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। चाणक्य नीति में बच्चों के लिए भी कई ऐसी सीख दी गए हैं, जो अगर उन्हें समय रहते सिखा दी जाएं तो बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। लेकिन आजकल हर कोई अपने काम में बिजी रहता है और बच्चे ज्यादा से ज्यादा समय फोन पर बिताते हैं, जिससे उनके मन में ईर्ष्या, गुस्सा और जलन ही भावना बढ़ रही है। ऐसे में माता-पिता अपने बच्चे को खुद ये 5 सीख देखकर अभी से ही उनका भविष्य सुधार सकते हैं।
चाणक्य नीति में 'शिक्षा' को ही व्यक्ति का सबसे बड़ा धन माना गया है। वैसे तो आजकल हर जगह पैसे का बोल बाला है, लेकिन असली धनवान वही है जो शिक्षित है। यही असली संपत्ति है और शिक्षा ही उसे सफलता की और ले जाती है। इसलिए आप चाणक्य नीति के ये शिक्षा अपने बच्चे को भी दें ताकि वो पैसों के मोह में न फसें।
अपने बच्चे को सिखाएं कि अगर वो समय की कदर नहीं करेंगे और अपना टाइम फोन या इधर-उधर के कामों में बर्बाद करेंगे तो भविष्य में उन्हें ही दिक्कत होगी। उन्हें समझाएं कि समय की सही उपयोग का मतलब ये नहीं कि आप दिनभर पढ़ाई करें या कुछ न कुछ एजुकेशनल काम करें। इसका मतलब है कि आप अपने समय को मैनेज करें, जो काम जिस समय पर किया जाना चाहिए, उसी समय करें न कि कल पर छोड़ें।
बचपन से बड़े होने तक, हमारे जीवन में कई कठिनाइयां आती हैं, जिनके लिए चाणक्य कहते हैं कि जीवन में कठिनाइयों का सामना करने के लिए अपने संकल्प को दृढ़ रखें और खुद में साहस का संचार करें। क्योंकि बिना परिश्रम के कोई भी व्यक्ति अपने उद्देश्य तक नहीं पहुंच पाता है। अपने बच्चों को ये सीख दें ताकि कभी भी कठिनाई का सामना करने पर उसके पैर न लड़खड़ाएं।
चाणक्य का कहना था कि सच हमेशा कड़वा होता है। यही सीख आप अपने बच्चों को दें और उन्हें बताएं कि हर बार कोई भी चीज उनके मन की या इच्छा अनुसार नहीं होगी। कभी-कभी आपको हार जैसे कड़वे सच का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसा करने से आपका बच्चा अच्छे और बुरे दोनों परिणामों के लिए तैयार रहेगा।
अगर छोटी उम्र से ही आप बच्चों को एक्टिव रखते हें, खेल-कूद में व्यस्त रखते हैं तो इससे उनका दिमाग और शरीर दोनों ही अच्छे से काम करते हैं। बच्चे में आलस होने से वो अपनी लाइफ में कुछ नहीं कर पाते हैं। आज का काम कल और कल का काम परसों पर छोड़ने की उनकी आदत बन जाती है। बच्चों को सिखाएं कि आलस उनका सबसे बड़ा दुश्मन है और अगर इसको हरा लिया जो लाइफ में बहुत कुछ हासिल कर लेंगे।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
चाणक्य सिखाते हैं कि हमारे पास जितना खाना है, हमें उतने में ही संतुष्ट खाना चाहिए, और अधिक का लालच नहीं करना चाहिए।
चाणक्य नीति के अनुसार आप आलस से दूर रहें, कठिनाइयों से न भागें और समय का सही उपयोग करें। ये सभी सफलता की कुंजी हैं।
किसी भी सोच या निर्णय का पालन करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी खुद पर विश्वास और दृढ़ संकल्प होता है। दोनों अपने मन में रखें तो कोई भी काम असंभव नहीं है।