
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: Dr. Raman Kumar
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Kids Care in Monsoon: बारिश का मौसम, सबसे ज्यादा बच्चों को पसंद होता है। इस मौसम में बच्चों को बारिश में भीगना, दोस्तों के साथ खेलना और तरह-तरह के पकवान खाना खूब पसंद होता है। लेकिन, यही मौसम कई तरह की बीमारियां और संक्रमण भी लाता है, जिनसे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। खासकर, जो बच्चे स्कूल जाते हैं उनमें मौसमी बीमारियों का खतरा ज्यादा रहता है। इसका मुख्य कारण है दूषित खाना और पानी। साथ ही, खराब हाइजीन भी बच्चों को बीमार बनाता है। तो आइए, अकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियंस ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉ. रमन कुमार से जानते हैं कि मानसून में स्कूल जाने वाले बच्चों की देखभाल कैसे करनी चाहिए?
मानसून में दूषित पानी पीने से बच्चों में कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अगर आपके बच्चे स्कूल जाते हैं, तो उन्हें हमेशा घर से ही पानी की बोतल भरकर दें। बच्चों को हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पिलाएं। स्कूल हो या घर, बच्चों को साफ और कीटाणु मुक्त पानी ही पिलाएं।
बच्चों की इम्यूनिटी अभी मजबूत बन रही होती है, इसलिए बारिश के मौसम में उनमें सर्दी-जुकाम, फ्लू और अन्य संक्रमणों का खतरा ज्यादा बना रहता है। अपने बच्चों को मानसून में ऐसी चीजें खिलाएं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। बच्चों की डाइट में मौसमी फल और सब्जियां शामिल करें। उनके टिफिन में विटामिन सी, प्रोटीन और मिनरल्स से भरपूर खाना पैक करें। इससे उनके शरीर को तरह-तरह की बीमारियों से लड़ने की शक्ति मिलेगी।
मानसून में कई तरह की संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। इसलिए बच्चों को इन बीमारियों से बचाने के लिए मास्क का इस्तेमाल जरूर करवाना चाहिए। मानसून में बच्चों को भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ले जाने से बचें। अगर जरूरी है, तो मास्क लगाकर ही ले जाएं। बच्चों को स्कूल भी मास्क लगाकर ही भेजें। उनके स्कूल बैग में हैंड सैनिटाइजर भी रखें।
बारिश के मौसम में बच्चों को तरह-तरह के संक्रमण और बीमारियों से बचाने के लिए उन्हें हाइजीन जरूर सिखाएं। बच्चों को खाना खाने से पहले और बाद में अच्छी तरह से हाथ धोना सिखाएं। बच्चों में टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद भी हाथ धोने की आदत डालें। उन्हें हाथों की हाइजीन का महत्व बताएं। बच्चों को मौसमी फ्लू या वायरल आदि से बचाने के लिए वैक्सीन भी लगवाई जा सकती है।
Disclaimer: अगर आप अपने बच्चों को ये अच्छी आदतें सिखाएंगे, तो इनसे बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है और उन्हें मौसमी बीमारियों से बचाने में मदद मिल सकती है। लेकिन, अगर बच्चे में कोई भी असामान्य लक्षण जैसे- लंबे समय से सर्दी-जुकाम, तेज बुखार, त्वचा पर चकत्ते, सांस लेने में तकलीफ, मुंह में छाले आदि दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।