
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : June 2, 2022 1:25 PM IST
वो कहते हैं ना कि बच्चे तो मन के सच्चे होते हैं और वे हमेशा वही करते हैं और वही बोलते हैं, जो उनके मन को भाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बच्चे सारा दिन अपनी मनमानी ही करते रहें। हालांकि, कई बार पेरेंट्स बच्चे पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते हैं और वे धीरे-धीरे उनकी बातों को इग्नोर करने लग जाते हैं। किसी भी बच्चे के अच्छे संस्कार व आचरण उन्हें समझा कर ही सिखाए जा सकते हैं और अगर पेरेंट्स की बातों पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं, तो उनका बिगड़ना तय हो जाता है। इसलिए जरूरी है अपने बच्चे की सुनने की क्षमता यानी लिसनिंग स्किल बढ़ाएं। लिसनिंग स्किल का मतलब यह नहीं कि वह आपकी बातों को सुनें, इसका मतलब यह है कि जो आप उसे बता रहे हैं उन्हें व समझे भी। पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए भी बच्चे की लिसनिंग स्किल अच्छी होनी चाहिए। चलिए जानते हैं वे खास तरीके जिनकी मदद से आप बच्चे की लिसनिंग स्किल्स को बढ़ा सकती हैं -
आप अपने बच्चे को तब तक अच्छा श्रोता नहीं बना सकते हैं, जब तक उसे उन बातों का महत्व का पता नहीं चलेगा। इसलिए आप उसे जो भी बातें समझा रहे हैं, उनसे पहले बच्चे को उन बातों का महत्व बताएं। उदाहण के लिए अगर आप बच्चे को उसकी स्टडी के बारे में बता रहे हैं, तो उसे बताएं कि पढ़ाई हमारे जीवन में कितनी महत्वपूर्ण है।
अगर आप अपने बच्चे को कोई बात समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उसका ध्यान किसी दूसरी बात या चीज पर है। इसलिए उसे समझाने से पहले आप उसका ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करें उसके लिए आप उसे कोई जोक या फिर अपनी बात को किसी मजाकिया तरीके से बता सकते हैं।
कई बच्चे अक्सर इस कारण से भी इग्नोर करने लग जाते हैं, क्योंकि उनके पेरेंट्स उन्हें बार-बार समझाते हैं। बार-बार समझाने के कारण बच्चे अक्सर पक जाते हैं और फिर वे सुनना बंद कर देते हैं। बच्चे को सिर्फ उसी समय समझाएं जिस समय उसका ध्यान किसी और गतिविधि में न हो।
अपने बच्चे के साथ कुछ मनोरंजक गतिविधियां करना भी बहुत जरूरी है, तभी आपके और बच्चे के बीच का रिश्ता मजबूत हो पाएगा। अगर आप चाहते हैं कि बच्चे को अच्छा सिखाना चाहते हैं, तो उसके लिए आपके और बच्चे के बीच एक मजबूत बॉन्ड होना जरूरी है।
जैसा कि आप बच्चे से उम्मीद कर रहे हैं, कि वह एक अच्छा लिसनर बने ठीक उसी प्रकार आपको भी बच्चे के लिए अच्छा लिसनर बनना पड़ेगा। अगर बच्चा आपकी बातों पर ध्यान नहीं दे रहा है, तो हो सकता है कि उसके मन में कोई बात हो। इसलिए बच्चे से भी आप उसके दिल की बात पूछ सकते हैं।