
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : January 28, 2026 12:21 PM IST
How to deal with stubborn children : बच्चों का किसी भी चीज को लेकर जिद करन काफी आम हो गया है। अब की जनरेशन के बच्चे ज्यादा जिद्दी हो गए हैं। हालांकि, पहले के बच्चों को डांटकर समझा दिया जाता था, लेकिन अब के बच्चो में धैर्य की कमी होती जा रही है, जिसकी वजह से वे अपने माता-पिता की डांट तक बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं। पहले स्कूल में भी बच्चों को टीचर द्वारा पनिशमेंट दे दी जाती थी, जो कोई बड़ी बात नहीं थी, लेकिन आजकल स्कूलों में बच्चों को ज्यादा डांटने या पीटने पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में जिद्दी बच्चे को संभालना काफी मुश्किल हो जाता है। इसलिए आजकल पैरेंटिंग के तौर-तरीके भी काफी बदल गए हैं और बच्चो को समझाने का तरीका भी काफी बदल गया है। खैर, यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके जरिए आप अपने जिद्दी बच्चों को समझा सकते हैं, ताकि उसकी जिद्दे नेचर पर ब्रेक लग सके।
बच्चों की यह ट्रिक होती है कि जब भी उन्हें अपनी कोई बात मनवानी होती है, तो वे रोना-धोना शुरू कर देते हैं। ऐसे में माता-पिता परेशान होकर बच्चे की हर बात मान लेते हैं। ऐसे में बच्चों को यह पता चल जाता है कि उनके रोने से उनकी हर इच्छा पूरी हो जाती है। ऐसे में वे हर बात पर रोना शुरू कर देते हैं। ऐसे में माता-पिता को खुद यह समझने की जरूरत है कि बच्चे के लिए क्या जरूरी है और क्या नहीं। ऐसे में अगर आपको लगता है कि बच्चे की मांग गलत है, तो उसे साफ तौर पर मना करें कि उसकी इच्छा पूरी नहीं होगी। साथ ही यह भी बताएं कि आप क्यों उसकी इच्छा को पूरी करने से मना कर रहे हैं, ताकि वह भी समझ सके कि हर चीज हर बार और हर जिद अच्छी नहीं होती है।
कई बात माता-पिता अपने बच्चों की जिद्द के आगे नतमस्तक हो जाते हैं और पहले ना कहने के बाद भी उसकी इच्छा पूरी कर देते हैं। लेकिन माता-पिता को यह समझने की जरूरत है कि अगर कोई चीज गलत है और आपने उसके लिए अपने बच्चे को एक बार मना कर दिया है, तो फिर आपका बच्चा रोना ही क्यों न शुरू कर दें, लेकिन आप अपनी बात से न पलटें। अन्यथा उन्हें यह लग सकता है कि उनके रोने से काम बन जाता है और आप पहले मना करते हैं, लेकिन बाद में हां कर देते हैं। ऐसे में अपनी बातों पर कायम रहें।
कई पैरेंट्स को यह आदत होती है कि दूसरे लोगों के सामने बच्चों की बुराई करने लगते हैं और जिनके बच्चे जिद्दी होते हैं, वे दूसरों के सामने भी अपने बच्चों को 'जिद्दी' कहने लगते हैं। ध्यान रखें कि दूसरे लोगों के सामने बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार करने से आपके बच्चे के मन पर गलत प्रभाव पड़ सकता है और वह आपकी बात मानने के बजाय और जिद्दी हो सकता है। एक्सपर्ट्स की मानें, तो अगर आप दूसरे लोगों के सामने अपने बच्चे की तारीफ करते हैं, तो इससे बच्चे के व्यवहार में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।