Earwax Cleaning: छोटे बच्चों के कान में जमा मैल साफ करने का सही तरीका क्या है, जानें वैक्स साफ करने से जुड़ी सावधानियां

क्या बच्चों के कानों में ईयरबड का इस्तेमाल करना चाहिए और क्या है कानों की सफाई का सही तरीका, उसी से संबंधित जानकारियां पढ़ें यहां।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : October 25, 2022 4:31 PM IST

Right way to clean earwax in small kids: कानों में बनने वाला वैक्स कान के अंदरूनी हिस्से को सुरक्षित रखने का काम करता है जो बैक्टेरिया और गंदगी को कानों में जाने से रोकता है। वैक्स बनना एक नेचुरल प्रक्रिया है और यह हर उम्र के लोगों में होती है। वहीं, शिशुओं और छोटे बच्चों के कानों में वैक्स अधिक तेजी से बनता है। इसीलिए, उनके कान में मैल या वैक्स अधिक मात्रा में जमा भी होता है। जब यह वैक्स अधिक मात्रा में जम जाए तो इससे बच्चों को ठीक तरीके से सुन पाने में दिक्कत होती है। इसी तरह उन्हें कान में दर्द और अन्य प्रकार की समस्याएं भी हो सकती हैं। आमतौर पर देखा गया है कि जब वैक्स अधिक मात्रा में जमा हो जाए तो लोग लकड़ी की सींक, माचिस की तिली या ईयरबड्स लेकर कानों की सफाई करने लगते हैं। लेकिन, क्या बच्चों के कानों से मैल या वैक्स साफ करने के लिए ये तरीेके सेफ हैं, क्या बच्चों के कानों में ईयरबड का इस्तेमाल करना चाहिए और क्या है कानों की सफाई का सही तरीका, उसी से संबंधित जानकारियां पढ़ें यहां। (right way to clean earwax in small kids in Hindi)

क्यों बनता है वैक्स

कान के अंदरूनी हिस्से में एक्सटर्नल ऑडिटरी कैनाल (external auditory canal)  मौजूद होती है जिसमें मौजूद सेरुमिनस और नाइलोसीबेशियस नामक ग्रंथियों में लगातार एक पदार्थ का स्राव होता है। इसी सीक्रेशन की वजह से वैक्स बनता है। यह वैक्स जब अधिक मात्रा में जमा होने लगता है तो इस तरह की परेशानियां हो सकती हैं-

  • ठीक से सुनायी (Hearing related problems) ना देना।
  • कानों में लगातार सांय-सांय जैसी आवाज सुनायी देना
  • कानों में दर्द महसूस होना
  • चक्कर आने की परेशानी

बच्चों के कान में जब जमा हो जाए वैक्स

छोटे बच्चों के कानों में वैक्स अधिक मात्रा में जमा हो जाने पर उसे टॉवेल के नुकीले हिस्से से साफ करने या ईयर बड से साफ करने से बचें। बच्चे को किसी डॉक्टर या पीडियाट्रिशयन को दिखाएं और उनकी सलाह के अनुसार बताए गए तरीके अपनाएं।

ना करें यह गलती

  • बच्चे के कान में गुनगुना तेल (putting hot oil in ear) ना डालें और डॉक्टर की सलाह के बिना किसी अन्य प्रकार के घरेलू नुस्खे ना आजमाएं। इससे कानों में इंफेक्शन (ear infection) हो सका है।
  • बाजार में कानों की सफाई करने वालों से कान ना साफ ना कराएं।
  • बच्चे के कानों में ईयर बड (using earbuds) का इस्तेमाल ना करें।