
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 22, 2024 3:31 PM IST
Mobile addiction of children: आज के समय में बच्चे हो या बड़े सबको मोबाइल की लत लगी हुई है। एक समय था जब लोगों को मोबाइल चलाना नहीं आता था हम छोटी-छोटी समस्या के लिए कैसे पहुंच जाया करते थे। लेकिन आज के समय में 2 साल का बच्चा भी इतनी आसानी से फोन चला रहा है जैसे कोई प्रोफेशनल हो। आपने आज के समय में यह जुमला भी खूब सुना होगा कि “यह बच्चे तो मां के पेट से ही फोन चलाना सीख कर आते हैं”। लेकिन यह कोई कंप्लीमेंट नहीं है। इससे आपके बच्चे परेशानी में पढ़ सकते हैं यह एक लत है जिस कारण बच्चों का भविष्य बिगड़ सकता है। स्थिति आज के समय में इस कदर बिगड़ चुकी है कि अगर उनके हाथ से मोबाइल ले लिया जाए तो वह चीखना चिल्लाना शुरू कर देते हैं। ऐसे रोने लगते हैं कि जैसे उन्हें कितना मारा गया हो। लेकिन आप इसे नजरअंदाज ना करें यह एक बहुत बड़ी परेशानी है जो बच्चों के उज्जवल भविष्य के बीच एक रोड़ा बन सकती है। मगर बात केवल यहां तक सीमित नहीं है बच्चों का टीवी ज्यादा देखना भी एक समस्या है क्योंकि ज्यादा स्क्रीन टाइम उन्हें बीमार बना सकता है। ऐसे में आपको कुछ ऐसे तरीके पता होने चाहिए जिससे आप बच्चों के स्क्रीन टाइम को कम कर सके। तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताते हैं जिससे आप बच्चों के स्क्रीन टाइम को कम कर सकते हैं।
ऐसा नहीं है कि आप बच्चों को बिल्कुल भी मोबाइल या टीवी ना देखने दे। उनके विकास के लिए इन दोनों का होना भी जरूरी है लेकिन एक सीमित मात्रा में। इसलिए आप एक शेड्यूल तैयार करें। जिसमें आप उनका स्क्रीन टाइम निर्धारित करेंगे कि वह कितनी देर फोन चला सकता है या टीवी देख सकता है। ऐसा करने से वह सीमित समय तक ही स्क्रीन को देख पाएगा । और आपको उनकी इस लत को छुड़ाने में आसानी होगी।
बच्चे पेरेंट्स के दिल का टुकड़ा होते हैं। ज्यादातर माता-पिता लाड प्यार में बच्चों की जिद करने लगते हैं जिस कारण बच्चा जिद्दी बन जाता है। लेकिन जब उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी होती है आप तुरंत सख्त हो जाते हैं और उन पर शक्ति दिखाने लगते हैं। इससे बच्चों को परेशानी होती है और वह हटी हो जाता है। इसलिए अगर आप उनकी इस लत को छुड़ाना चाहते हैं तो उन्हें प्यार से समझाएं उन्हें सही गलत का फर्क बताएं ताकि वह किसी बड़ी परेशानी में ना पढ़ सके।
बच्चों को मोबाइल और टीवी से दूर रखना और उनके स्क्रीन टाइम को कम करने का एक आसान तरीका है उन्हें बिजी रखना। आप उन्हें अपने कामों में इंवॉल्व करें अगर आप खाना बना रहे हैं तो उन्हें छोटी-छोटी चीज लाने के लिए बोले जैसे फ्रिज से यह निकाल कर लो वह निकाल कर लो इसे धो कर रख दो। या उनसे लगातार आज उन्होंने क्या किया ऐसी बातें करना उन्हें बिजी रखता है। वह आपके साथ इस टाइम को इंजॉय करते हैं और फोन या टीवी देखने जैसी चीज करने का उनका मन नहीं करता। इससे उनके स्क्रीन टाइम को कम करने में मदद मिलती है।
अगर आपका बच्चा समझाने पर खुद से ही स्क्रीन टाइम को कम कर देता है तो उसे इनाम दे और उसकी तारीफ करें। ऐसा करने से बच्चों को खुशी मिलती है। उसे महसूस होता है कि उसने कोई अच्छा काम किया है। साथी अगर वह आपकी किसी भी काम में थोड़ी बहुत भी मदद करते हैं तो आप उनकी सराहना करते रहे। इससे उन्हें महसूस होगा कि फोन न चलने और उनके साथ समय बिताने से आपको अच्छा महसूस होता है। बच्चों का दिल बहुत नाजुक होता है और ऐसी छोटी-छोटी चीज उन्हें खुश कर जाते हैं इसलिए उन्हें खुश रखे और इन आसान तरीकों से उनके स्क्रीन टाइम को कम करें।
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