
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : May 1, 2026 3:59 PM IST
Medically Verified By: Dr Shorouq Motwani
Image credits by: Social Media Impact on Child
Social media for children: आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया बच्चों की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। स्मार्टफोन, टैबलेट और इंटरनेट की आसान पहुंच ने बच्चों को बहुत कम उम्र में ही ऑनलाइन दुनिया से जोड़ दिया है। सोशल मीजिया और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म बच्चों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ सीखने और खुद को एक्सप्रेश करने का माध्यम भी बन रहे हैं। Narayana Health SRCC Children's Hospital के चाइल्ड एंड एडोलसेंट साइकियाट्री, कंसल्टेंट डॉ. शोरूक मोटवानी का कहना है कि एक ओर सोशल मीडिया बच्चों के लिए एक सीखने का माध्याम बन रही है। वहीं, दूसरी ओर इसका ज्यादा इस्तेमाल बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास पर नकारात्मक असर भी डाल सकती है। ऐसे में जरूरी है कि माता-पिता सोशल मीडिया के फायदे और नुकसान दोनों को समझें और बच्चों के डिजिटल इस्तेमाल पर संतुलित नजर रखें।
डॉ. मोटवानी का कहना है कि अगर सही तरीके से सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाए, तो यह बच्चों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। जानते हैं फायदे के बारे में0
सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे बच्चों को नई जानकारी और दुनिया भर की चीजों को जानने का मौका मिलता है। वे एजुकेशनल वीडियो, साइंस फैक्ट्स, आर्ट, म्यूजिक, भाषा सीखने और नई स्किल्स डेवलप करने वाले कंटेंट से जुड़ सकते हैं।
इतना ही नहीं, सोशल मीडिया बच्चों के क्रिएटिविटी को बढ़ाने में मदद करता है। बच्चे ड्रॉइंग, डांस, म्यूजिक, लेखन, फोटोग्राफी या किसी अन्य टैलेंट को ऑनलाइन शेयर कर सकते हैं। इससे उनका कॉन्फिडेंट लेवल भी बढ़ सकता है। साथ ही उन्हं अपनी पहचान बनाने का मौका मिल सकता है।
सोशल मीडिया के जरिए बच्चों को एक्सप्रेस करने की आजादी मिलती है। वे अपने विचारों को सोशस मीडिया के जरिए शेयर कर सकते हैं, समान रुचि रखने वाले लोगों से जुड़ सकते हैं और नई चीजें सीख सकते हैं। सही प्लेटफॉर्म और पॉजिटिव कंटेंट बच्चों के विकास में योगदान दे सकते हैं।
सोशल मीडिया का सबसे बड़ा खतरा है दूसरों से तुलना की आदत होती है। बच्चे अक्सर दूसरों की तस्वीरें, लाइफस्टाइल या उपलब्धियां देखकर खुद की तुलना करने लगते हैं। इससे उनमें हीन भावना, आत्मविश्वास की कमी और तनाव बढ़ सकता है।
अगर बच्चे काफी ज्यादा सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं, तो उनके अंदर लाइक्स, कमेंट्स और फॉलोअर्स का दबाव बढ़ने लगता है, जो बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। कई बच्चे अपनी पोस्ट पर कम रिस्पॉन्स मिलने पर निराश महसूस करते हैं। धीरे-धीरे उनका आत्मसम्मान सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया पर निर्भर होने लगता है।
बच्चों को सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर रखना हमेशा संभव नहीं है, लेकिन उसका सही इस्तेमाल सिखाना जरूरी है।
Disclaimer : सोशल मीडिया अपने आप में न अच्छा है, न बुरा। यह इस बात पर निर्भर करता है कि बच्चे इसका इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं। सही निगरानी और संतुलन के साथ सोशल मीडिया बच्चों के लिए सीखने और आगे बढ़ने का अच्छा माध्यम बन सकता है।
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