वर्किंग माता-पिता बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम कैसे बिताएं?
वर्किंग पेरेंट्स को अक्सर इस बात की चिंता सताती है कि वे अपने बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम नहीं बिता पा रहे हैं। उन्हें कंफ्यूजन रहती है कि वे कैसे अपने बच्चों को क्वालिटी टाइम देंगे। आइए डॉक्टर से जानते हैं इस बारे में-
Working Parents : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में वर्किंग पेरेंट्स के लिए ऑफिस और परिवार के बीच ताल-मेल बनाना आसान नहीं होता। लंबे वर्किंग आवर्स, ट्रैफिक और बढ़ती जिम्मेदारियों के कारण कई बार माता-पिता को इस बात की चिंता सताती है कि वे अपने बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। हालांकि, कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि बच्चों के साथ बिताए गए समय की मात्रा से ज्यादा उसकी गुणवत्ता मायने रखती है। इस विषय की जानकारी के लिए हमने Narayana Health SRCC Children's Hospital के चाइल्ड एंड एडोलसेंट साइकियाट्री, कंसल्टेंट डॉ. शोरूक मोटवानी से बातचीत की है। आइए जानते हैं डॉक्टर से वर्किंग पेरेंट्स अपने बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम कैसे बिताएं?
बच्चों के विकास में क्यों जरूरी है क्वालिटी टाइम?
बच्चों के मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास में माता-पिता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। जब माता-पिता नियमित रूप से बच्चों के साथ बातचीत करते हैं, उनकी बात सुनते हैं और उनके साथ समय बिताते हैं, तो इससे बच्चों में कॉन्फिडेंट बढ़ता है। वे खुद को सुरक्षित और प्यार महसूस करते हैं।
डॉक्टर का कहना है कि माता-पिता के साथ पॉजिटिव बातचीत बच्चों के कम्युनिकेशन स्किल्स को बेहतर बनाने में भी मदद करती है। इससे वे अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करना सीखते हैं और रिश्तों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
क्वालिटी टाइम के लिए घंटों की जरूरत नहीं
अक्सर लोगों को लगता है कि बच्चों के साथ अच्छा समय बिताने के लिए पूरे दिन की जरूरत होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। दिन के कुछ छोटे-छोटे पल भी बच्चों के लिए बहुत मायने रखते हैं।
साथ बैठकर खाना खाना, सोने से पहले कहानी पढ़ना, स्कूल में क्या हुआ यह पूछना या किसी पसंदीदा गतिविधि में भाग लेना बच्चों के साथ जुड़ने के आसान तरीके हो सकते हैं। ये छोटे-छोटे पल बच्चों को यह महसूस कराते हैं कि उनके माता-पिता उनके जीवन में रुचि रखते हैं।
बच्चों के साथ हों तो फोन से बनाएं दूरी
आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन और अन्य गैजेट्स अक्सर परिवार के समय में बाधा बन जाते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जब माता-पिता बच्चों के साथ समय बिताएं, तब मोबाइल फोन, लैपटॉप या अन्य स्क्रीन से दूरी बनाए रखें।
जब बच्चे देखते हैं कि उनके माता-पिता पूरी तरह उनकी बात सुन रहे हैं और उन पर ध्यान दे रहे हैं, तो उन्हें अधिक खुशी और भावनात्मक सुरक्षा महसूस होती है।
छोटी-छोटी दिनचर्या बनाएं
परिवार के साथ नियमित रूटीन बनाना भी बच्चों के लिए फायदेमंद हो सकता है। उदाहरण के लिए, हर रात सोने से पहले कुछ मिनट बातचीत करना, सप्ताहांत में साथ टहलने जाना या कोई खेल खेलना बच्चों को स्थिरता और अपनापन महसूस कराता है। ऐसी दिनचर्याएं न केवल परिवार को करीब लाती हैं बल्कि बच्चों के लिए यादगार अनुभव भी बनाती हैं।
मजबूत रिश्तों की नींव
बच्चों के साथ बिताया गया गुणवत्तापूर्ण समय माता-पिता को उनके डर, चिंताओं और सपनों को समझने का अवसर देता है। इससे वे बच्चों की उपलब्धियों का जश्न मना सकते हैं और मुश्किल समय में उनका बेहतर समर्थन कर सकते हैं।
डॉक्टर कहते हैं कि जिन बच्चों को माता-पिता का नियमित ध्यान और भावनात्मक सहयोग मिलता है, उनमें आत्मविश्वास अधिक होता है और वे जीवन की चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से कर पाते हैं।
Disclaimer : आखिरकार, बच्चों को सबसे ज्यादा जरूरत महंगे खिलौनों या बड़े सरप्राइज की नहीं होती, बल्कि अपने माता-पिता के प्यार, ध्यान और साथ की होती है। यही क्वालिटी टाइम उनके खुशहाल और स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव बनता है।