बच्चों का मानसिक विकास कैसे करें? अपनाएं ये 5 पेरेंटिंग टिप्स

Kids' Mental Health: आज कल के बच्चों में छोटी उम्र से ही कई मानसिक समस्याएं देखी जा रही हैं। ऐसे माता-पिता को उन्हें बचपन से ही एक स्ट्रांग इंसान बनाने की कोशिश करनी चाहिए।

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Written By: Pallavi Kumari | Published : August 8, 2022 5:14 PM IST

बच्चों का मानसिक विकास कैसे करें, ये सवाल आज के ज्यादातर माता-पिता पूछते हैं। इसके पीछे कारण ये है कि छोटे-छोटे बच्चों में व्यवहारों से जुड़ी समस्याएं देखने को मिलती हैं। स्थिति ये होती है 10 साल या इससे भी कम उम्र के बच्चे एडीएचडी की समस्या (ADHD Disorder) का शिकार हो जाते हैं। साथ ही वे बहुत ज्यादा गुस्सैल और अटेकिंग बिहेवियर वाले भी होते हैं। ऐसे बच्चे किसी भी चीज को लेकर ना या कोई भी छोटे सी समस्या से भी एंग्जायटी और डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं। इन स्थितियों में जरूरी ये है कि आप अपने बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत करें।

बच्चों का मानसिक विकास कैसे करें-How do you promote mental health in children

1. बच्चों को खुल कर बातचीत करने का मौका दें

बच्चों कोखुल कर बातचीत करने का मौका देना बेहद जरूरी है। क्योंकि इससे उनकी भड़ास बाहर आती है। साथ ही वे आपके साथ फ्रेंडली होना सीखते हैं। इससे आगे चल कर उन्हें कोई भी परेशानी होगी तो आपको इस बारे में जरूर बताएंगे। इससे उनमें बचपन से इस बात का भरोसा जगेगा कि उनके माता-पिता उन्हें समझते हैं और वे उनका साथ देंगे।

2. बच्चों के लिए अपना प्यार जताएं

प्यार आपके बच्चों को हमेशा बर्बाद नहीं करता बल्कि ये उन्हें एक अच्छे इंसान के रूप में भी तैयार करता है। अपने बच्चे को अगर आप प्यार करते हैं तो बच्चे को ये जता कर दिखाएं। ताकि आपके बच्चे इस बात को समझें और आगे बढ़ें। अपने बच्चे को प्यार करना उतना ही आसान हो सकता है जितना कि उसे गले लगाना, उसके साथ समय बिताना और हर दिन उसकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना। इससे बच्चों के शरीर में ऑक्सीटोसिन जैसे फील-गुड हार्मोन बढ़ते हैं और यह उन्हें एक खुश और पॉजिटिव इंसान के रूप में बड़े होने में मदद करता है।

3. बच्चों को सामाजिक होना सिखाएं

बच्चों के मानसिक विकास के लिए जरूरी है कि आप उन्हें सामाजिक होना बताएं। इसके लिए उन्हें लोगों से मिलाएं और उनसे बात करने की सीख दें। उन्हें अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के सामने खुल कर रहना सिखाएं। साथ ही उन्हें घर के बाहर के काम करने दें। इससे वे बाहर लोगों के साथ खुलना सीखेंगे और इससे उनका विश्वास भी बढ़ेगा। इस तरह ये उन्हें सामाजिक रूप से मजबूत बनाएगा।

4. बच्चों को अपनी समस्याओं को खुद हल करने दें

बच्चों को अपनी समस्याओं को खुद हल करने दें। इससे वे अपनी स्थितियों के साथ खुद ही डिल करना सीखेंगे। उनमें धीमे-धीमे समझ विकसित होगी कि अपनी समस्याओं के साथ इंसान कैसे लड़ता है। इससे आगे चल कर उनके सामने कोई समस्या भी आएगी तो वे मानसिक रूप से बीमार नहीं होंगे बल्कि परेशानी को समझेंगे और इससे लड़ेंगे।

5. स्ट्रेस बॉल और सेंसरी खिलौनों का प्रयोग करें

चिंता और तनाव को दूर करने में स्ट्रेस बॉल और सेंसरी खिलौने काफी काम करते हैं। ऐसे में स्ट्रेस बॉल स्ट्रेस रिलीज करने में मदद करती है। इन्हें या तो घर पर बनाया जा सकता है या स्टोर से खरीदा जा सकता है। स्ट्रेस बॉल्स का लाभ यह है कि वे एक चंचल खिलौने और सकारात्मक व्याकुलता के रूप में काम करते हैं। साथ ही आप सेंसरी खिलौनों का प्रयोग कर सकते हैं, जो कि मानसिक सेहत को बढ़ावा देते हैं।

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