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Written By: Agencies | Updated : January 4, 2017 6:01 PM IST
मूल स्रोत: IANS Hindi
आजकल फिगर को मेन्टेन करने के नाम पर कई महिलाएं अपने बच्चे को दूध पिलाने से कतराती है लेकिन शायद उनको ये पता नहीं कि माँ का दूधशिशु के जीवन के लिए कितना अहम् होता है। मां का दूध पीने से न सिर्फ उनको शक्ति मिलती है बल्कि रोगों का लड़ने की क्षमता बढ़ती है यानि उनका इम्युनिटी पावर बढ़ता है। जिससे शिशु उसी अवस्था से लेकर बड़े होने तक तरह -तरह के बैक्टीरिया से आसानी से लड़ पाते हैं और उनमें बिना दवा के भी मौसम के साथ एडजस्ट करने की क्षमता बढ़ती है।
मां का दूध संतान का केवल पेट ही नहीं भरता, बल्कि उसे शक्ति प्रदान कर कई रोगों से भी बचाता है। एक नए अध्ययन में पाया गया है कि मां के दूध से बच्चे को एंटीबॉडीज और माइक्रोब्स प्राप्त होते हैं, जो उसके पेट की प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं में मजबूती लाते हैं। मां के दूध के द्वारा संतान में पहुंचने वाले एंटीबॉडीज नवजात के प्रतिरक्षा तंत्र से संयोजित आजीवन प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं को आकार देते हुए पेट के बैक्टीरिया और स्तनधारी परजीवी के बीच सुरक्षा दीवारों और संतुलन का निर्माण करते हैं। पढ़े- मां के दूध से बनता है बच्चा स्वस्थ और बुद्धिमान, जानिये कैसे!
अगर यह संतुलन स्थापित नहीं होता है तो इससे संतान में कई रोग जैसे अल्सरेटिव कोलाइटिस और इंफ्लेमेटरी बॉवेल (प्रदाहक आंत) होने का खतरा होता है।
युनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया-बर्कले से इस अध्ययन की मुख्य लेखिका मीघन कोच ने बताया, 'यह अध्ययन वास्तविक सबूत प्रदान करता है कि मां का दूध बच्चे के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।' यह शोध 'जर्नल सेल' नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
चित्र स्रोत: Shutterstock