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Written By: Agencies | Updated : January 4, 2017 5:58 PM IST
स्रोत - IANS
ऑटिज्म एक ऐसी बीमारी है जिसमें मरीज बचपन से ही परिवार, समाज व बाहरी माहौल से जुड़ने की क्षमताओं को खो देता है। यह एक ऐसा न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर है, जो बातचीत और दूसरे लोगों से व्यवहार करने की क्षमता को सीमित कर देता है। लेकिन सारे ऑटिज़्म से ग्रस्त बच्चे एक से नहीं होते। ऑटिज्म रोग से ग्रस्त लड़कियां सामाजिक तौर पर लड़कों से ज्यादा सक्रिय रहती हैं। यह बात एक अध्ययन में सामने आई है। युनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के फलेसिटी सेडविक कहते हैं,‘हमारे अध्ययन में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं कि ऑटिज्म से ग्रस्त लड़कियां सामान्य लड़कियों की तुलना में ऑटिज्म पीड़ित लड़कों से मित्रता को लेकर अधिक उत्सुक रहती हैं।‘
अध्ययन के अनुसार, हालांकि सामान्य लड़कियों जैसी न होने की वजह से इनकी दोस्ती में अक्सर मतभेद होने लगते हैं।
अध्ययन के दौरान सामाजिक प्रेरणा और मित्रता के मामले में ऑटिस्टक पीड़ित और सामान्य लड़कियां बराबरी के स्कोर पर रहीं।
शोधार्थियों ने इस अध्ययन में 12 से 16 वर्ष की आयु के 46 किशोरों को शामिल किया। इनमें 13 ऑटिस्टक पीड़ित लड़कियां, 13 सामान्य लड़कियां, 10 ऑटिस्टक पीड़ित लड़के और 10 सामान्य लड़के शामिल हुए।
साक्षात्कार से प्राप्त निष्कर्ष इस धारणा का समर्थन कर रहे थे, लेकिन यहां एक अपवाद है कि ऑटिस्टक पीड़ित लड़कियों में संबंधों को लेकर अधिक आक्रामकता होती है।
सेजविक के अनुसार, ‘हमारे अध्ययन बताते हैं कि ऑटिज्म पीड़ित लड़कों की तुलना में लड़कियों को सामाजिक रिश्तों में अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है, इस वजह से आटिज्म पीड़ित लड़कियों में इस रोग के निदान के दौरान काफी मुश्किलें आती हैं'।
इस अध्ययन को लंदन के ब्रिटिश साइकोलॉजिकल सोसायटी डिवीजन ऑफ एजुकेशनल एंड चाइल्ड साइकोलॉजी के वार्षिक सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया है।
चित्र स्रोत - Getty