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छोटे बच्चों के कान और नाक में छेद करवाने से पहले मां-बाप काफी परेशान रहते हैं। अक्सर, उनके मन में सवाल आते हैं कि कही बच्चे को ज़्यादा दर्द ना हो, या बच्चे पता नहीं पियर्सिंग कराते समय चोट ना लगा ले। इसी तरह कान छिदवाने के बाद अक्सर स्किन इंफेक्शन होने का डर भी हो जाता है। हमारे देश में काफी छोटी उम्र में ही लड़कियों (और कुछ स्थानों पर लड़कों के भी ) के कान और नाक छिदवाए जाते हैं। इस परंपरा के कई फायदे भी हैं और बच्चे को यह फायदे हों इसलिए भी ज़्यादातर बच्चों के कान और नाक में 2-3 वर्ष के होने पर छेद करा दिया जाता है। आइए जानते हैं क्या है पियर्सिंग (Health Benefits of Piercing) के फायदे-
हालांकि, कई बार पियर्सिंग करवाते समय या कान-नाक छिदवाने के बाद इंफेक्शन हो जाता है। इसीलिए, ध्यान रखना आवश्यक है कि पियर्सिंग के बाद स्किन में इंफेक्शन ना हो। इसके लिए कान छिदवाते समय हमेशा किसी सर्टिफाइट प्रोफेशनल से ही पियर्सिंग कराएं। कान छिदवाने के बाद चांदी या सोने की तार ही कान में पहनाएं। इसके साथ ही कान में हल्दी और नारियल के तेल का पेस्ट मिलाकर लगाएं। इससे, कान में इंफेक्शन नहीं होगा। ऐसा तब तक करनी है जब तक कि पियर्सिंग का घाव पूरी तरह ठीक ना हो जाए।