Headache in Children: क्या आपके बच्चे को बार-बार होता है सिरदर्द? दिखें ये 7 लक्षण तो तुरंत ले जाएं डॉक्टर के पास
Headache in Children: क्या आपके बच्चे को बार-बार होता है सिरदर्द? दिखें ये 7 लक्षण तो तुरंत ले जाएं डॉक्टर के पास
यदि कभी-कभी बच्चे को सिरदर्द की समस्या होती है, तो ठीक है, लेकिन लगातार सिर दर्द होना सेहत के लिए अच्छी बात नहीं। बच्चे को सिरदर्द रहता है, तो इसे नजरअंदाज करने की बजाय डॉक्टर से जरूर दिखाएं।
Written By: Anshumala | Published : October 21, 2021 11:24 PM IST
Headache in kids: सिरदर्द की समस्या से अक्सर बड़े परेशान रहते हैं। कई बार तनाव, चिंता बनती है सिर दर्द का कारण तो कई बार आंखों, सर्दी-जुकाम, साइनस या सिर में किसी समस्या के कारण होने लगता है सिरदर्द (Headache)। आजकल की जीवनशैली इतनी खराब हो गई है कि बड़ों के साथ ही बच्चे भी अब इस तरह की समस्याओं के शिकार होने लगे हैं। कम उम्र में आंखें कमजोर होना, मांसपेशियों में दर्द, ऐंठन, हड्डियों की समस्या, मोटापा, बालों का गिरना, स्ट्रेस यहां तक कि सिर दर्द से भी परेशान रहते हैं। दरअसल, आज से 10-20 साल पहले की लाइफस्टाइल काफी अलग थी। बच्चे घर से बाहर खेलने जाते थे। शारीरिक रूप से एक्टिव रहते थे, लेकिन अब बच्चों का ज्यादा समय मोबाइल, कंप्यूटर, टैब, टीवी, म्यूजिक इन्हीं सब में बीतता है। घर पर रहकर वे छोटे-मोटे एक्सरसाइज भी नहीं करते हैं। इन कारणों से भी जल्दी आंखें खराब होती हैं। पढ़ाई को लेकर चिंता, तनाव करने से भी सिरदर्द हो सकता है। यदि कभी-कभी बच्चे को सिरदर्द की समस्या (Headache in Children) होती है, तो ठीक है, लेकिन लगातार सिर दर्द होना ठीक नहीं। इसे नजरअंदाज करने की बजाय डॉक्टर से जरूर दिखाएं।
बच्चों में सिरदर्द के कारण (Causes of headache in kids)
सिर पर चोट लगने से सिरदर्द होना
सर्दी-जुकाम, खांसी या फिर साइनस, माइग्रेन होने पर सिरदर्द होना
डाइट में पौष्टिक तत्वों की कमी, अनहेल्दी ईटिंग हैबिट्स
रात में देर से सोना और सुबह देर से उठना
आंखों में कोई परेशानी होना
दिमाग के अंदर कोई समस्या होना जैसे ट्यूमर, घाव, रक्तस्राव होना
सिरदर्द तेज होने पर नजर आने वाले लक्षण (Symptoms of headache in kids)
यदि आपका बच्चा बार-बार सिरदर्द की शिकायत कर रहा है, तो इसे नजरअंदाज ना करें। किसी अच्छे डॉक्टर से बच्चे को दिखाएं। डॉक्टर लक्षणों के बारे में जानकर उसी अनुसार निदान, टेस्ट और इलाज करेगा।
सिरदर्द होने पर आंखों में भी दर्द रहता है, पानी आता है, जलन होती है, तो आंखों की भी जांच करवाएं। आंखों में किसी भी तरह की समस्या होने पर भी सिरदर्द होने लगता है। इस दौरान मोबाइल, लैपटॉप बिल्कुल ना चलाने के लिए दें। नजर कमजोर होने पर भी सिरदर्द की समस्या हो सकती है।
बच्चों की ईटिंग हैबिट्स, लाइफस्टाइल सब बदल दें। बच्चों की सेहत का ख्याल आप पेरेंट्स को ही रखना है। यदि सेहत को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहते हैं, तो थोड़ा स्ट्रिक्ट बनें। उन्हें हर तरह की सब्जियां, दूध, दूध से बने प्रोडक्ट्स, फल, दालें, अनाज खाने के लिए दें। जंक फूड, बाहर का खाना बहुत कम कर दें। शुगरी ड्रिंक की जगह ताजे फलों का जूस पिलाएं।
शारीरिक रूप से एक्टिव रहने के लिए कहें। बाहर खेलने जाने दें। उनके सोने-जागने का टाइम टेबल फिक्स करें। नींद अच्छी लेंगे बच्चे तो शारीरिक और मानसिक रूप से फिट और हेल्दी रहेंगे। परीक्षा में अच्छे नंबर लाने का उन पर दबाव ना डालें। इससे भी वे डिप्रेशन, चिंता और स्ट्रेस में आ जाते हैं, जो सिरदर्द को ट्रिगर करते हैं।
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