आपका बच्चा बार-बार पटक रहा है सिर? जानें, इसके कारण और बचाव के उपाय

हम कितने भी उपाय क्यों ना अपनाएं, फिर भी बच्चे अपना सिर बात-बात पर पटकने लगते हैं। बच्चों को ऐसा करते देख माता-पिता को लगता है कि वे गुस्से में ऐसा कर रहे हैं। दरअसल, बच्चों द्वारा ऐसा करना स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या हो सकती है।

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Written By: Kishori Mishra | Updated : May 19, 2020 5:09 PM IST

Head Banging : बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए हम कई तरह के उपाय अपनाते हैं, लेकिन हम कितने भी उपाय क्यों ना अपनाएं, फिर भी बच्चे अपना सिर बात-बात पर पटकने लगते हैं। बच्चों को ऐसा करते देख माता-पिता को लगता है कि वे गुस्से में ऐसा कर रहे हैं। दरअसल, बच्चों द्वारा ऐसा करना स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या हो सकती है। इसके साथ ही पालन-पोषण की कमी के कारण भी ऐसा हो सकता है। इसलिए माता-पिता को अपने बच्चों का खास ख्याल रखना चाहिए। आज हम आपके साथ शिशु और बच्चों के इन हरकतों के पीछे के कुछ कारणों को बताने जा रहे हैं, ताकि आप बच्चों के ऐसे हरकतों पर काबू  (Head Banging ) पा सकें।

अपना सिर क्यों पटकते हैं बच्चे? (Why Baby Bangs Head)?

बच्चों और शिशुओं द्वारा बार-बार सिर पटकना, भले हमें सामान्य गुस्सा और नासमझी लगे, लेकिन असल में ऐसा नहीं होता है। दरअसल, शिशु और बच्चे झपकी लेते समय या फिर सोते समय ऐसा करने से आत्म-सुख का अनुभव करते हैं।लेकिन यह एक सामान्य आदत धीरे-धीरे बच्चों के लिए घातक हो सकता है।

हेड बैंगिंग बच्चों में अलग-अलग रूप धारण कर सकता है। कुछ बच्चे ऐसे होते हैं, तो बिस्तर में लेटने के बाद ही अपना सिर पीटते हैं और वहीं, कुछ ऐसे बच्चे होते हैं, तो बार-बार अपने सिर को तकिये या गद्दे से टकराते रहते हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी शिशु होते हैं, जो दीवार, पालने की रेलिंग, कुर्सी जैसी चीजों पर जानबूझकर अपना सिर मारते हैं। इससे उनके सिर में गंभीर चोट लगने की संभावना बढ़ सकती है।

अपने सिर को पीटते समय कुछ बच्चे शरीर को हिलाते हैं, और ऐसा करने में उन्हें मजा आता है। तो वहीं,  कुछ अन्य बच्चे होते हैं जिन्हें रोते या शोर मचाते हुए काफी मजा हैं। शिशु में यह आदत 6 से 9 महीने की उम्र के बाद शुरू होने लगता है। जो करीब 3 से 5 साल की उम्र तक रहता है।

सिर पीटने के क्या हैं कारण?

नींद में ऐसा करने की आदत

कुछ ऐसे बच्चे होते हैं, जिन्हें सोने से ठीक पहले ऐसा करने की आदत होती है। ये आपको सुनने दर्दनाक सा लग सकता है, लेकिन बच्चों के लिए ये एक शांत और सुखद अनुभव हो सकता है। कुछ ऐसे बच्चे होते हैं, जो सोते समय पैर हिलाते हैं या कुछ बच्चे सोने के लिए रॉक करते हैं।

स्पष्ट रूप से कहें, तो उनके लिए सिर को पीटना आत्म-आराम का एक रूप है, ताकि उन्हें नींद आए। बच्चों की इस आदत को ठीक करने के लिए आप अपने बच्चों को अपने पास सुलाएं। उन्हें थपकियां, देें ताकि वे आराम महसूस कर सकें। बार-बार देखते रहें कि आपका बच्चा सोया है या नहीं। उनके आस-पास नर्म चीजें रखें, ताकि वे अगर अपना सिर पटकते भी हैं, तो उन्हें ज्यादा चोट ना लगे।

मानसिक समस्या के कारण

सिर पीटना, कभी-कभी ऑटिज्म (autism) जैसी मानसिक समस्या का भी संकेत हो सकता है। ऐसे में मनोवैज्ञानिक और न्यूरोलॉजिस्ट के पास बच्चों को ले जाए। मानसिक रूप से जुड़ी परेशानी के कारण बच्चे ऐसा कर सकते हैं, ऐसे में ये एक चिंता का विषय हो सकता है। ऐसे में अपने बच्चे को बाल रोग विशेषज्ञ के पास ले जाने की जरूरत होती है।

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