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Happy Mother’s Day: किम कार्दशियन सेरोगेसी से चौथी बार बनी मां, जानें सेरोगेट मदर की खास बातें

किम कार्दशियन (Kim Kardashian) ने ट्वीट करके कहा कि "वह यहां है और एक दम स्वस्थ्य व ठीक है।" इसके पहले भी किम कर्दशियन की बेटी शिकागो का जन्म भी सेरोगेसी के माध्यम से हुआ था।

किम कार्दशियन वेस्ट (Kim Kardashian) दुनिया की मशहुर हस्तियों में शामिल हैं। किम कार्दशियन वेस्ट और उनके पति कान्ये वेस्ट चौथी बार माता-पिता बन गये हैं। किम कार्दशियन का यह चौथा बच्चा सेरोगेसी के जरिए पैदा हुआ है। सेरोगेसी से पैदा किम कार्दशियन का यह बच्चा बेबी बॉय है। जब से किम कार्दशियन ने अपने बच्चे के बारे में ट्वीट किया है तब से सेरोगेसी एक बार फिर चर्चा में है।

किम कार्दशियन (Kim Kardashian) ने ट्वीट करके कहा कि "वह यहां है और एक दम स्वस्थ्य व ठीक है।" इसके पहले भी किम कर्दशियन की बेटी शिकागो का जन्म भी सेरोगेसी के माध्यम से हुआ था। किम कार्दशियन के चौथे बच्चे का नामकरण अभी नहीं हुआ है।

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सेरोगेसी को लेकर चर्चा भारत में भी होती रहती है। भारत सरकार ने 2016 में सेरोगेसी बिल लाकर इसे वैधानिकता प्रदान की है। आइए जानते हैं सेरोगेसी के बारे कुछ विशेष तथ्यों के बारे में....

सेरोगेसी क्या है

सेरोगेसी से मां बनने वाली महिला और एक दंपति के बीच करार होता है। जो दंपति अपने लिए बच्चा चाहते हैं वो अपने लिए एक महिला की कोख को किराए पर लेते हैं। गर्भधारण से लेकर बच्चे के जन्म तक सेरोगेट मदर की देखभाल की जिम्मेदारी दंपति की होती है।

भारत में सेरोगेसी बिल और नियम

भारत में 2016 में सेरोगेसी बिल बनाकर इसे वैधानिकता प्रदान की जा चुकी है। इस नियम के तहत कोई भी अकेला पुरुष या महिला सेरोगेट मदर की मदद नहीं ले सकता है। सेरोगेसी से बच्चा वही लोग पैदा करवा सकते हैं जो दंपति हैं। सेरोगेसी के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की गाइडलाइंस को फॉलो करना जरूरी होता है।

सेरोगेसी की कब पड़ती है जरूरत

सामान्यतया सेरोगेसी की जरूरत तब पड़ती है जब किसी दंपति को बच्चा नहीं होता है। कुछ मामलों में बार-बार गर्भपात, आईवीएफ तकनीक का फेल होना जिम्मेदार होता है। सेरोगेसी के माध्यम से बच्चे को जन्म देने वाली मां को सेरोगेट मदर कहते हैं।

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आईवीएफ उपचार फेल होने पर सेरोगेसी की जरूरत पड़ती है।

बार-बार गर्भपात होने पर सेरोगेसी काम आती है।

भ्रूण आरोपण उपचार फेल होने पर भी सेरोगेसी का रास्ता।

गर्भ में बच्चा सही से विकसीत न होने पर सेरोगेसी से मां बना जा सकता है।

गर्भाशय में किसी तरह की बीमारी होने पर भी सेरोगेसी से मां बन सकते हैं।

दिल की खतरनाक बीमारियां होने पर

जिगर की बीमारी या उच्च रक्तचाप होने पर या उस स्थिति में जब गर्भावस्था के दौरान महिला को गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम होने का डर हो।

गर्भाशय न होने पर भी सेरोगेसी से मां बनने का सपना पूरा किया जा सकता है।

यूट्रस कमजोर होने पर भी सेरोगेसी से मां बनने का रास्ता साफ होता है।

सेरोगेसी के बारे में क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

सरोगेसी बहुत महंगी प्रक्रिया है, इसके पूरे प्रॉसिजर में 10-15 लाख रूपए आसानी से लग जाते हैं। वे आगे कहती हैं कि सरोगेसी का विकल्प चुनना गलत नहीं हैं लेकिन आपको पूरी जांच पड़ताल करनी चाहिए कि आप किस डॉक्टर के पास जा रहे हैं। वहां कौन सी सुविधाएं हैं।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की वेबसाइट पर मान्यता प्राप्त क्लीनिक और डॉक्टर्स की सूची है। इन्हीं डॉक्टर्स के पास ही जाना चाहिए ना कि किसी भी स्थानीय क्लीनिक में जाना चाहिए।

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