
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : January 22, 2026 8:09 AM IST
Signs of Bad Parenting: मां बच्चे की पहली गुरु होती है। बच्चा जहां स्कूल में 5 साल की उम्र के बाद या उससे पहले शिक्षा के रूप में ज्ञान लेता है, वही मां उसे पैदा होने के साथ ही शिक्षा देना शुरू कर देती है। बाल विशेषज्ञ बताते हैं कि बचपन में जो संस्कार, आदतें और सोच बच्चे को मिलती है, वही आगे चलकर उसके व्यक्तित्व की नींव बनती है। यह बात खास तौर पर बेटों के व्यवहार पर लागू होती है। बेटे अपनी मां से ज्यादा क्लोज होते हैं इसलिए मन के व्यवहार सोच और जिम्मेदारी को निभाना का तारिक बेटा खुद ब खुद मन से ही सीख जाता है। हालांकि कई बार अनजाने में मां की कुछ आदतों का असर बच्चों पर नकारात्मक रूप से पड़ता है जिसका मन को आभास भी नहीं होता। यह आदतें बच्चों के व्यक्तित्व का हिस्सा बन सकते हैं और उनके भविष्य को नुकसान पहुंचा सकती हैं। तो वह आदतें कौन सी हैं? आप नहीं जानती? कोई बात नहीं आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से आपकी उन्हें पांच आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके बेटे आपसे सीख सकते हैं।
हर मां अपने बच्चों को बहुत प्यार करते हैं ऐसी कोई मन नहीं है जो अपने बच्चों से प्यार ना करती हो। लेकिन कई बार मां बच्चों से अत्यधिक प्यार कर बैठी है। इस अत्यधिक प्यार से बच्चा जिद्दी और स्वार्थी बन जाता है। आपका उसकी हर गलती को माफ कर देना, हर मांग को तुरंत पूरी कर देना, गलतियों पर पर्दा डालना बेटे को सीखना है कि हर हाल में उसे कुछ भी मिल सकता है और उसकी हर गलती माफ है यही उसके भविष्य को नुकसान पहुंचती है। साथ ही इससे वह अनुशासन और सब्र करना भी सीख पाता।
अगर आपका बेटा अपना कमरा खुद साफ नहीं करता, खुद उठकर पानी नहीं पीता, खाना नहीं लेता और हर चीज के लिए आप पर जिम्मेदार रहता है तो यह भी आपकी एक गलत आदत है जो उसके लिए नुकसान दे साबित होगी। इससे आपका बच्चा कभी भी आत्मनिर्भर नहीं बन पाएगा और हमेशा किसी न किसी पर जिम्मेदार रहेगा। यह हर समय किसी पर जिम्मेदार रहने की आदत उसे आलसी बना सकती है और वह भविष्य में किसी भी चीज के लिए मेहनत करने से कतरने लगेगा और मुश्किलों का सामना करेगा।
अगर आप भी उन लोगों में से एक हैं, जो बच्चे के गलती करने पर बस यह कहकर टाल देती है कि “अभी तो बच्चा ही है धीरे-धीरे सीख जाएगा” तो वह कभी नहीं सीख पाएगा। आपकी ये आदत उसे झूठ बोलना, बदतमीजी करना या गुस्सा दिखाना सिखा देंगी और यही आदतें आगे चलकर उसकी पहचान बन जाती हैं। इसलिए एक मां होने के नाते आपको अपनी आदतें पहचाना और सही समय पर प्यार के साथ बच्चे को समझाना बेहद जरूरी है।
अगर आप पूरे दिन मोबाइल टीवी में लगी रहती हैं तो यकीनन बच्चा भी आपसे यही सीखेगा। बच्चा टीवी में लगा रहेगा, गेम्स खेलते रहेगा और मोबाइल खेलने पर गुस्सा दिखाएगा। साथ ही साथ इससे बच्चा चिड़चिड़ा, जिद्दी और अकेला रहने वाला बन जाएगा। आपका बच्चों के साथ खेलना, बातचीत और परिवार के साथ समय बिताना बच्चे के मानसिक विकास के लिए जरूरी है।
“देखो वो कितना अच्छा है” जैसी बातें बेटे के मन में हीन भावना पैदा कर देती हैं। आपकी यह सबसे नकारात्मक आदत है, जिससे वह खुद को कम समझने लगता है या फिर चिड़चिड़ा और विद्रोही बन जाता है। हर बच्चा अलग होता है और उसकी खूबियों को पहचानना मां की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।