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Written By: Anshumala | Published : September 14, 2018 6:41 PM IST
गुरुजी ईशान शिवानंद। © IANS Hindi
आज के हाईटेक और भाग-दौड़ भरी जिंदगी में, हम सहज ही अति उत्तेजना का शिकार हो जाते हैं। हमारी व्यस्त जिंदगी हमें केवल आगे बढ़ने का संकेत देती है। इसके अलावा हमारे हाथ में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हमें अलग-अलग डिजिटल दिशा की ओर ले जाते हैं, जहां आंतरिक शांति हमारे लिए बहुत जरूरी हो जाती है। एक वयस्क के रूप में यह हमारे लिए सच्चाई है, इसलिए बच्चों के बारे में सोचिए, वे अपने अभिभावकों और जिस माहौल में रहते हैं, वहां की ऊर्जा ग्रहण करते हैं। उसके बाद हम उन्हें स्कूल भेजते हैं, जहां उनसे उम्मीद की जाती है कि वे ध्यान केंद्रित करें।
मेडिटेशन दिमागी अभ्यास का एक बेहतरीन तरीका है। यह हमें हमारे सच्चे भाव के साथ जुड़े रहने में मदद करता है। अध्ययन का संबंध ध्यान को मौजूदा समय में एकाग्रचित करने से है, जो हमारी बेहतर एकाग्रता, ध्यान केंद्रित करने और स्मरणशक्ति को बढ़ाने में मदद करता है।
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इस संबंध में गुरुजी ईशान शिवानंद ने मीडिया से कहा, "ग्रहणशील अतिभार और स्कूल, परिवार व आंतरिक दबाव की दुनिया में बच्चों को वयस्कों जितना ही मेडिटेशन की जरूरत है। मेडिटेशन बच्चों में ध्यान विकसित करने, उन्हें अपनी भावनाओं पर काबू रखने और यह सिखाने में कि कैसे अपने अंदर और बाहर ध्यान देना है में मदद करता है। यह उनमें केंद्र का भाव उत्पन्न करता है।"
उन्होंने आगे कहा, "बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार मेडिटेशन जैसे सोल रिवाइवल (आत्मा पुनरुद्धार) उन्हें एकाग्र करने में मदद करते हैं, ताकि वे अपने अध्ययन में अच्छी तरह ध्यान लगा सकें। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि मेडिटेशन ने छात्रों के अकादमिक और खेल के क्षेत्र में प्रदर्शन में सुधार लाने में मदद की है।"
बच्चों के लिए क्यों जरूरी है मेडिटेशन
मेडिटेशन जिस तरह से बड़ों के लिए फायदेमंद है ठीक उसी तरह से इसका पॉजिटिव असर बच्चों पर भी होता है। ऐसे में बच्चों को भी मेडिटेशन करना चाहिए। खासकर, सर्दियों में बच्चों की सेहत के लिए मेडिटेशन और भी जरूरी हो जाता है। मेडिटेशन से न सिर्फ ध्यान आपके काम पर अधिक लगता है बल्कि आपकी कार्यक्षमता भी बढ़ जाती है। जो बच्चे बहुत अधिक चंचल होते हैं उन्हें खासतौर पर मेडिटेशन करना चाहिए। ऐसा नहीं है कि बच्चों के लिए मेडिटेशन करना बहुत मुश्किल है। मेडिटेशन के कुछ टिप्स अपनाकर आराम से मेडिटेशन आप अपने बच्चों को भी करवा सकते हैं।
बच्चों को मेडिटेशन के फायदे के बारे में बताएं। © Shutterstock
बच्चे कैसे करें मेडिटेशन
यदि आप चाहते हैं कि आपका बच्चा नियंत्रण सीखें, उसका दिमागी विकास सही रूप से हो, तो आपको इसके लिए कुछ तरकीबें अपनानी होंगी। बच्चों को सुबह में पार्क ले जाएं। वहां आप अपने बच्चे के साथ पद्मासन की अवस्था में बैठ जाएं। इसके बाद बच्चे को आंखे बंद करने को बोलें। उसे बताएं कि वह रिलैक्स होकर कमर सीधी करके बैठे। किसी दूसरी चीज की तरफ न ध्यान ले जाए। कुछ दूसरी बात न सोचे। बच्चों को मेडिटेशन के फायदे के बारे में बताएं। उसे धीरे-धीरे लंबी सांसे लेने के लिए कहें। आप चाहें तो शुरुआत में मोबाइल पर रिलैक्सेशन सॉन्ग बजा दें ताकि उसका ध्यान न भटके। अब उसे इसी गाने पर रिलैक्स होने के लिए कहें।
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बच्चों पर मेडिटेशन करने के फायदे
बच्चों को समझाएं कि उनके दिमाग में लगातार जो विचार आ-जा रहे हैं, उन्हें भूलने की कोशिश करें। अपना ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें ताकि वे मेडीटेशन का फायदा उठा सकें। हां, शुरुआत में थोड़ी सी मुश्किल जरूर आएगी, लेकिन धीरे-धीरे बच्चा मेडिटेशन करना सीख जाएगा और उसे इसमें मजा भी आने लगेगा। ध्यान भटकने से रोकने के लिए उसे ॐ या ओम का उच्चारण करवाएं।
मेडिटेशन से उनका चंचल मन शांत होगा। डिप्रेशन और तनाव से छुटकारा मिलेगा। इसका फायदा तभी होगा, जब आप बच्चे को प्रतिदिन मेडिटेशन करने के लिए प्रेरित करें। यदि बच्चे कभी-कभी ही इसे शौक के लिए करेंगे तो इसका उन्हें लाभ नहीं होगा। बहुत ज्यादा गुस्सा करता है या चिड़चिड़ा है तो उसे जरूर मेडिटेशन करने को कहें। इससे उसे अपने गुस्से पर काबू पाने में मदद मिलेगी। स्वस्थ तन-मन और सकारात्मक सोच के लिए मेडिटेशन करना बहुत जरूरी है।
इनपुट: (आईएएनएस हिंदी)