तैमूर की डाइट चुनते वक्त उनकी डाइटीशियन रखती हैं इन 4 बातों का विशेष ध्यान, आप भी जरूर करें इन्हें फॉलो

करीना की डाइटीशियन रुजुता ही तैमूर की डायट का भी ख्‍याल रखती हैं। ऐसे में रुजुता दिवाकर ने तैमूर की डाइट के बारे में बात करते हुए बच्चों को हेल्दी रखने की ​कुछ टिप्स शेयर की है। अगर आप भी अपने बच्‍चे को तैमूर की तरह फिट और हेल्‍दी बनाना चाहते हैं तो रुजुता के बताए गए इन 4 रूल्स को जरूर फॉलो करें।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : November 11, 2020 10:26 AM IST

बच्चों की डाइट उनकी सेहत पर बहुत गहरा असर डालती है। छोटे बच्चों के अंग बहुत नाजुक होते हैं यही कारण है कि जरा सी लापरवाही बरतने पर वे जल्दी प्रभावित भी हो जाते हैं। इसलिए कहा जाता है कि बच्चे क्या खा रहे हैं इस चीज पर पेरेंट्स की कड़ी नजर होनी चाहिए। बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान और एक्टर सैफ अली खान के बेटे तैमूर अली खान अपनी क्यूटनेस को लेकर हमेशा छाए रहते हैं। हर कोई उनके क्यूट फेस और स्माइल का फैन है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तैमूर दिनभर में क्या खाते हैं? करीना की डाइटीशियन रुजुता ही तैमूर की डायट का भी ख्‍याल रखती हैं। ऐसे में रुजुता दिवाकर ने तैमूर की डाइट के बारे में बात करते हुए बच्चों को हेल्दी रखने की ​कुछ टिप्स शेयर की है। अगर आप भी अपने बच्‍चे को तैमूर की तरह फिट और हेल्‍दी बनाना चाहते हैं तो रुजुता के बताए गए इन 4 रूल्स को जरूर फॉलो करें।

1. प्लॉस्टिक से रखें दूर

बच्चों को प्लॉस्टिक से जितना हो सके दूर रखना चाहिए। इसलिए कभी भी बच्चों के स्कूल के टिफिन या बोतल प्लॉस्टिक के नहीं होने चाहिए। रुजुता देवेकर का मानना है कि प्‍लास्टिक में मौजूद कैमिकल्स खाने या पानी के माध्यम से बच्चों के पेट में घुसते हैं जो उन्हें बीमार कर सकते हैं। इससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास भी रुक सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप अपने बच्‍चे को प्‍लास्टिक के लंच, बोतल और बर्तनों में खाना न दें।

2. बच्चों को पैकेटबंद फूड से रखें दूर

वैसे तो पैकेटबंद फूड का सेवन किसी के भी स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होता है। लेकिन व्यस्क लोग फिर भी उन्हें पचा लेते हैं लेकिन बच्चों को इन्हें कभी नहीं देना चाहिए। बच्चों को सुबह नाशते में बिस्कुट, चिप्स, मैगी, नूडल्स, ब्रेड और पैकेटबंद जूस आदि जैसी चीजें कभी न दें। इससे बच्चों को पेट संबंधी दिक्कतें होने के साथ ही शरीर में पोषण की कमी भी होती है। साथ ही इनमें लो क्वालिटी की शुगर की उच्‍च मात्रा होती है और केमिकल प्रिजर्वेटिव का इस्‍तेमाल बच्चों को बीमार कर सकता है। बच्चों को सुबह नाश्ते में हमेशा ताजी चीजें खिलाएं।

3. इलेक्ट्रॉनिक चीजों से दूरी

कुछ बच्चे गेजेट्स के इतने आदि हो जाते हैं कि उनके बिना कोई काम ही नहीं करते हैं। खाते वक्त भी बच्चों को फोन या टीवी जैसी चीजें देखनी होती है। रुजुता कहती हैं कि बच्चों की ये आदत बिल्कुल सही नहीं है और पेरेंट्स को इसे बढ़ावा देने के बजाय इसे सुधारने पर काम करना चाहिए। क्योंकि अगर बच्चा खाते वक्त टीवी या मोबाइल देखता है तो उसे पेट से सही सिग्‍नल नहीं मिल पाते हैं। जिससे बच्चा ज्यादा खाकर ओबेसिटी का शिकार हो सकता है। साथ ही पेट भरने पर लेप्टिन नामक हार्मोन रिलीज होता है। लेकिन अगर बच्चा गेजेट्स में व्यस्त रहेगा तो बच्‍चा ले‍प्टिन के सिग्‍नल पर ध्‍यान नहीं दे पाएगा और अपनी भूख से कम या ज्यादा खा लेगा।

4. डिनर के बाद 'नो' मीठा

बच्चों को मीठा बहुत पसंद होता है। इसलिए बच्चे अक्सर डिनर के बाद मिठाई, चॉकलेट या आइसक्रीम खाने की जिद्द करते हैं। लेकिन आपको बता दें कि रात में इन चीजों का सेवन बच्चों की सेहत के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। रात में कुछ भी अनहेल्दी खाने का सीधा असर आपकी नींद पर पड़ता है इसलिए डिनर पर ध्‍यान देना बहुत जरूरी है।

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