
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : February 28, 2024 6:52 PM IST
Raising Teenage Children : हर माता-पिता की इच्छा होती है कि उनका बच्चा आगे चलकर एक अच्छा इंसान बने और समाज में खूब नाम कमाएं। इसके लिए माता-पिता बच्चों को लेकर बहुत सतर्क रहते हैं। टीनएज एक ऐसी उम्र होती है जो बच्चों के भविष्य को तय करती है। इस उम्र में बच्चों की परवरिश बहुत ध्यान से करनी चाहिए। कभी कभी माता-पिता की छोटी सी गलती बच्चे के भविष्य को अंधकार में डाल देती है। इसलिए पेरेंट्स को चाहिए कि वे बच्चों की परवरिश में लापरवाही ना बरतें। आज हम आपको इंफोसिस फाउंडेशन की चेयरपर्सन, लेखिका और समाजसेविका सुधा मूर्ति के कुछ पेरेंटिंग टिप्स देने जा रहे हैं। इन टिप्स के जरिए आप भी अपने टीनएजर बच्चों की परवरिश अच्छे से कर सकते हैं। सुधा मूर्ति का मानना है कि बच्चों में नैतिक मूल्य, समाज के प्रति जिम्मेदारी और संपूर्ण जगत के लिए सहानुभूति का भाव होना चाहिए।
सुधा मूर्ति कहती है कि बच्चों के जरिए अपने सपने पूरे नहीं करने चाहिए। वह कहती है कि बच्चों की भी कुछ इच्छाएं होती है। हर माता पिता को अपने बच्चे की इच्छा का भी सम्मान करना चाहिए। जिस फील्ड में वे लोग करियर बनाना चाहते हैं, उसके लिए उन्हें सपोर्ट करना चाहिए।
सुधा मूर्ति के अनुसार, अपने बच्चों की दूसरे बच्चे से तुलना करना अच्छी बात नहीं है। इससे बच्चे के अंदर हीन भावना आ जाती है। आपका बच्चा जैसा भी है ठीक है। उसके अंदर जो गुण है उसकी तारीफ भी करनी चाहिए।
आजकल बच्चे का ज्यादातर समय स्क्रीन पर बीतता है। बच्चों का ये आदत अच्छी नहीं होती है। सुधा मूर्ति कहती है कि टीनएज बच्चों को स्क्रीन से दूर रखना चाहिए। हो सके तो बच्चों को किताबें पढ़ने की सलाह देनी चाहिए। किताबों से बहुत सारी जानकारी मिलती है, साथ ही ज्ञान में भी विस्तार होता है।
सुधा मूर्ति कहती है कि पेरेंट्स को अपने बच्चों के साथ टाइम स्पेंड करना चाहिए। वह कहती है कि बच्चों का बातों को सुनना चाहिए और उन्हें समझना चाहिए। घर में ऐसा माहोल बनाना चाहिए कि बच्चा अपनी बातों को पेरेंट्स से बिना किसी हिचक के बता सके। ऐसा करने से बच्चा आपसे कुछ नहीं छुपाएगा। साथ ही बच्चे को जब माता पिता की किसी सलाह की जरूरत पड़ेगी तो वह पेरेंट्स से अपने मन की बात शेयर कर सकेगा।
ज्यादातर माता-पिता ऐसे होते हैं जो बच्चों की सभी इच्छाओं को पूरा करते हैं। ऐसा करने से बच्चा जिद्दी बन जाता है। बच्चों की सभी इच्छा पूरी नहीं करनी चाहिए, बल्कि उन्हें पैसों का मूल्य समझाना चाहिए। ऐसा करने से वे हर चीज को लेने की जिद नहीं करेंगे। माता-पिता को चाहिए कि वह बच्चों को नैतिकता सिखाएं और सामाजिक मूल्यों के बारे में समझाएं। माता-पिता की इस तरह की परवरिश उनके उज्जवल भविष्य का मार्ग खोल सकती है।
बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए सुधा मूर्ति के इन टिप्स को आप फॉलो कर सकते हैं। इससे आपको एक बेहतर परवरिश करने में काफी हद तक मदद मिल सकती है। इसके साथ-साथ कभी-कभी अपनी सूझ-बूझ का भी इस्तेमाल करें।