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Written By: Editorial Team | Published : December 13, 2017 12:47 PM IST
हो सकता है कुछ लोग इस सलाह से सहमत ना हों, क्योंकि बहुत से लोगों का मानना है कि जब बच्चे को पेट में तकलीफ हो या डायरिया जैसी समस्याएं हों तो उन्हें दूध से बनी चीज़ें नहीं देनी चाहिएं। लेकिन डायरिया में बहुत से लोग अपने बच्चे को दही-चावल खिलाते हैं। हमने डॉ. गीतांजलि शाह (कंसल्टेंट पीडियाट्रिशियन, सुप्रजा फाउंडेशन और अश्विनी आईवीएफ सेंटर मुंबई और गर्भसंस्कार की लेखिका) से बात की और जानने की कोशिश की कि क्या सचमुच दही-चावल दस्त या डायरिया से राहत दिलाता है।
पेट में होनेवाली तकलीफें इस ओर इशारा करती हैं कि पाचन तंत्र में किसी प्रकार की सूजन हुई है। गाय के दूध में ऐसे एंजाइम्स और बैक्टेरिया होते हैं जिनकी वजह से एक हेल्दी बच्चे के पाचन तंत्र की समस्याएं पैदा कर सकता है। इसमें कोई शक नहीं कि आप अपने बच्चे को दस्त से बचाने के लिए कुछ चीज़ों से परहेज करेंगे, फिर चाहे वह दूध ही क्यों ना हो। अगर आपके बच्चे को लैक्टोज़ इंटॉलरेंस है तो डायरिया में तो उसे दूध बिल्कुल ना दें। इसी तरह चीज़ और पनीर खिलाने से भी बचें।
लेकिन डायरिया में आप बच्चे को दही खिला सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि दही में प्रोबायोटिक (probiotic) होते हैं जो पेट में अच्छे बैक्टेरिया को संतुलित करते हैं। दही एक फर्मेंटेड खाद्य पदार्थ है और इसीलिए यह पचने में काफी आसान है और डायरिया के दौरान शरीर में होनेवाली पानी की कमी को पूरा करता है। इसलिए डायरिया होने पर आप अपने बच्चे को राहत दिलाने के लिए उसे दही-चावल खिला सकते हैं। अगर आपके बच्चे को दिन में 6-7 बार दस्त होते हैं तो ज़ाहिर है उसे ज़्यादा कमज़ोरी महसूस होगी। इसीलिए उसे ढेर सारा पानी और ज़्यादा खाना खिलाने की कोशिश करें। लेकिन जैसा कि ऐसे वक़्त में बच्चों को कम भूख लगती है इसीलिए उन्हें जबरदस्ती ज़्यादा खाना ना खिलाएं।
आप उसे कुछ चम्मच दही-चावल खिलाएं। जो उनके लिए पचाने में आसान और पेट के लिए अच्छा होगा।
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अनुवादक: Sadhana Tiwari.
चित्रस्रोत:Shutterstock Images.