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बच्चे सारा दिन शारीरिक और मानसिक रूप से इतने एक्टिव और व्यस्त रहते हैं कि जाहिर है वो थक जाएंगे। कई बार सुबह स्कूल जाते समय वो ठीक से खाते-पीते भी नहीं। स्कूल में भी लंच बॉक्स का खाना खाते हैं और आधा छोड़ देते हैं। प्रॉपर न्यूट्रिशन ना मिलने से भी बच्चों को थकान (Fatigue in children) की समस्या हो जाती है। हालांकि, थकान कभी-कभार महसूस तो कोई परेशानी नहीं, लेकिन बच्चा बार-बार थकान (Fatigue in children) महसूस होने की शिकायत करे, तो यह उनकी सेहत के लिए सही नहीं है।
थकान एक प्रकार का लक्षण है जो किसी खास कारणों से होता है। इसे किसी बीमारी या डिसॉर्डर में शामिल नहीं किया जा सकता। अपनी दिनचर्या, उठना-बैठना, खाने-पीने पर ध्यान न देना थकान की अहम वजह है। पर बच्चों को हर दिन ऐसा महसूस होने लगे, तो फिर इसे नजरअंदाज करना उचित नहीं। यदि इसे समय रहते दूर नहीं किया जाएगा, तो लो फील होगा और इंसुलिन लेवल भी कम होता जाएगा।
बच्चों में थकान कई कारणों से हो सकता है, जैसे खानपान में पोषक तत्वों की कमी, जंक फूड का प्रतिदिन सेवन, एक्सरसाइज में कमी, नींद में कमी, साइकोलॉजिकल समस्या आदि। प्रॉपर डायट एवं प्रतिदिन एक्सरसाइज करना फैटीग की समस्या को बहुत हद तक कम करता है। इसके अलावा निम्न कारण भी बच्चों में फैटीग या थकान की समस्या विकसित करते हैं...
Nightmares in Children : रात में सोते समय बुरा सपना तो नहीं देखता बच्चा, यूं रखें ख्याल
कई टीन्स या या इससे छोटी उम्र के बच्चे विभिन्न डेवलप्मेंट स्टेजेज में अपर्याप्त नींद या नींद न आने की समस्या से जूझते हैं। नींद पूरी न लेना थकान का मुख्य कारण होता है। यह सिलसिला प्रतिदिन हो सकता है, जब बच्चे समय से सोने-जगने का रूटीन फॉलो नहीं करेंगे। देर रात तक जागकर टीवी देखने की बच्चे की आदत छुड़वाएं। अर्ली टू बेड और अर्ली टू राइज की आदत डालना सिखाएं। इससे वो सुबह में फ्रेश फील करेंगे।
खाने-पीने में पोषक तत्वों की कमी भी थकान का दूसरा मुख्य कारण है, इसलिए जंक फूड जैसे बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राई व तली-भूनी चीजों से परहेज करना चाहिए। इन खाद्य पदार्थों में फैट, अतिरिक्त कैलोरी, तेल की मात्रा अधिक होती है, जो बच्चों के शरीरिक विकास के लिए फायदेमंद नहीं है। इससे मोटापा, दिल की समस्या कम उम्र में ही शुरू हो सकती है। उनकी डाइट में आवश्यक विटामिन्स, ताजे फल और अन्य न्यूट्रिएंट्स शामिल करो।
एक्सरसाइज की कमी से भी बच्चे इनएक्टिव हो सकते हैं, जिससे थकान होने की संभावना बढ़ जाती है। सुबह जल्दी उठन कर उम्र के मुताबिक एक्सरसाइज करने के लिए कहें। जॉगिंग पर जाना, रोज कोई स्पोर्ट खेलने से भी थकान की समस्या दूर होगी। इससे बच्चों की एनर्जी लेवल भी बढ़ेगी।
Cyberbullying : साइबरबुलिइंग के शिकार होने से अपने बच्चों को यूं बचाएं
तनाव के शिकार सिर्फ बड़े लोग ही नहीं, बल्कि बच्चे भी होते हैं। टीन्स भी अपनी दिनचर्या, समस्याओं के कारण इसके शिकार होते हैं। पेरेंट्स का तलाक, झगड़ा, किसी प्रिय की मृत्यु, परीक्षा में कम नम्बर आना भी बच्चों में तनाव, लेथार्जिक बिहेवियर विकसित करता है। बच्चा तनाव में हो तो किसी एक्सपर्ट से मिलें। उन्हें उनका फेवरेट काम करने दें, दोस्तों के बीच रहने दें, जिन कार्यो में उन्हें खुशी महसूस होती है, करने दें। सॉफ्ट व शांत म्यूजिक सुनने के लिए कहें।
खून में आयरन की कमी से हमेशा थकान, डल लगता है। एनेमिक होने से दिमाग में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा नहीं पहुंच पाती, इसलिए भी बच्चे थका हुए महसूस कर सकते हैं। ऐसे में उनके खाने में आयरन की भरपूर मात्रा शामिल करें।