5 साल का हो गया बच्चा लेकिन फिर भी है आलसी? ये एकस्ट्रा करिकुलर एक्टीविटिज बनाएंगी बच्चों को एक्टिव

न्यूट्रिशन एक्सपर्ट शुचि अग्रवाल बता रही है कि अगर आपका बच्चा 5 साल की उम्र तक भी एक्टिव नहीं होता है तो उसे आप कैसे एक्टिव बना सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे बच्चे को बनाएं एक्टिव।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : August 3, 2021 2:55 PM IST

क्या आपका बच्चा सुस्त रहता है? बचपन में ऐसे कई कारण होते हैं, जिनकी वजह से बच्चा सुस्त रहता है लेकिन धीमे-धीमे उम्र बढ़ने के साथ बच्चा एक्टिव होता जाता है। जैसा कि हम जानते हैं कि हर बच्चा अलग होता है, उसके शौक अलग होते हैं! इसलिए कोई बच्चा कम उम्र में ही एक्टिव हो जाता है तो कुछ देर से एक्टिव होते हैं। लेकिन बच्चा उम्र बढ़ने पर भी एक्टिव नहीं हो रहा है तो दिक्कत होना लाजमी है। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट शुचि अग्रवाल बता रही है कि अगर आपका बच्चा 5 साल की उम्र तक भी एक्टिव नहीं होता है तो उसे आप कैसे एक्टिव बना सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे बच्चे को बनाएं एक्टिव।

सिर्फ माता-पिता ही जानते हैं ये बात

शुचि अग्रवाल कहती हैं कि मुझे लगता है इस प्रश्न का सबसे अच्छा उत्तर सिर्फ बच्चे के माता पिता या परिवारजन ही दे सकते हैं जो बच्चे के साथ दिन रात रहते हैं और अपने बच्चे को घर घड़ी हर पल देखते हैं, उसे समझते हैं। अपने बच्चे को समझकर उसके शौक के अनुसार ही उसे कोई एक्टिविटी करवायी जा सकती है। एक्स्ट्रा एक्टिविटी का उद्देश्य बच्चे का बेहतर विकास करना होता है न कि बच्चे पर अतिरिक्त बोझ डालना!

बच्चों को सिखाएं डांस

शुचि कहती हैं कि मेरी बेटी जब बहुत छोटी थी, शायद छः महीने की रही होगी, और अभी उसने चलना नहीं शुरू किया था, बस मेज पकड़कर खडी हो पाती थी। तब भी किसी विज्ञापन की धुन पर ही कमर हिलाना शुरू कर देती थी। जब कभी उसके दादी बाबा या नाना नानी ताली बजाकर भजन गाते तो वो ताली की थाप पर ही हिलने लगती। हमको ऐसा लगा कि इसका रुझान शायद नृत्य, संगीत की तरफ हो। इस बात पर ध्यान देते हुए हमने उसे तीन वर्ष की आयु में बैले नृत्य की क्लास करवाई जिसमें उसे खूब मजा आता था।

दो बच्चे, दोनों की अलग संभावनाएं

शुचि कहती हैं कि हमारे बेटे को नृत्य में बिल्कुल रूचि नहीं थी। उसने नृत्य सीखने से मना कर दिया। उसके शौक अलग थे। हमने उसके शौक को समझ कर उस पर काम किया और उसी के अनुसार उसे एक्टिविटी करवाईं।

बच्चे को कौन-कौन सी एक्टिविटी कराई जा सकती हैं

आप अपने बच्चों को 3 साल से लेकर उनके आठवीं कक्षा में आ जाने तक रोज कोई न कोई एक्टिविटी करा सकते हैं, जिससे वो कुछ नया सीखें और सिखाएं और और नए लोगों से मिलें। कुछ एक्टिविटी जो हमारे बच्चों ने की वो इस प्रकार हैं, नृत्य, वादन, गायन, पेंटिंग, तैराकी, बैडमिन्टन, दौड़ ( ट्रैक एंड फील्ड), जिम्नास्टिक, शतरंज, तीरंदाजी इत्यादि। इसके अलावा मैं उन्हें अपने साथ कुकिंग और बेकिंग भी सिखाती थी घर पर।

बच्चों को कोई भी एक्टिविटी करवाते समय कुछ चीजों का ध्यान रखना चाहिए।

एक्टिविटी घर से बहुत दूर न हो कि बच्चा लम्बी ड्राइव में आते जाते ही थक जाये।

अपने सपनों को पूरा करने के लिए बच्चों पर अतिरिक्त दबाव न बनायें।

एक्टिविटी बच्चों के लिए काम न बन जाये, बल्कि इसके जरिये वो कुछ सीखें और साथ में वो एक्टिविटी उन्हें आनंद दे।

बाकी जरूरी नहीं है कि बच्चा एक्टिविटी करने घर के बाहर जाये और सर्टिफिकेट ही बटोरे। घर पर ही बच्चे को कुछ एक्टिविटी करवाई जा सकती हैं जिससे बच्चे को अपनी जिम्मेदारी का अहसास भी होता है- जैसे अगर घर पर बुजुर्ग हैं तो बच्चे को यह बताया जा सकता है कि उसे रोज नियमित समय पर बुजुर्गों को पार्क ले जाना है और उनके साथ कोई खेल खेलना है या उन्हें कुछ सिखाना है या उनसे कुछ सीखना है।

(सोर्सः शुचि अग्रवाल की qoura वॉल से)

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