झारखंड के स्कूल में 11 छात्राएं पायी गयीं कोविड पॉजिटिव, स्कूल जाने वाले बच्चों को यूं सिखाएं संक्रमण से सुरक्षित रहना
झारखंड के स्कूल में 11 छात्राएं पायी गयीं कोविड पॉजिटिव, स्कूल जाने वाले बच्चों को यूं सिखाएं संक्रमण से सुरक्षित रहना
झारखंड में पिछले दो दिनों में 11 स्टुडेंट्स के कोविड पॉजिटिव पाए जाने की खबर मिली है। ये सभी छात्राएं एक ही स्कूल से हैं। छात्राओं के कोविड पॉजिटिव पाए जाने के बाद स्कूल और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 7, 2022 12:51 PM IST
कोविड संक्रमण के मामलों में गिरावट के साथ ही स्कूल खो दिए गए और अब स्कूलों मे शिक्षण सत्र भी शुरु हो चुके हैं। लेकिन, स्कूल खुलने के साथ ही बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं भी बढ़ने लगी हैं क्योंकि कुछ राज्यों से स्कूली बच्चों में कोविड संक्रमण के मामलों की पुष्टि की गयी है। अप्रैल महीने में दिल्ली के कई स्कूलों में छात्रों, टीचर और स्कूल के कर्मचारियों में संक्रमण की खबरें आयीं। वहीं, झारखंड में पिछले दो दिनों में 11 स्टुडेंट्स के कोविड पॉजिटिव पाए जाने की खबर मिली है। ये सभी छात्राएं एक ही स्कूल से हैं। छात्राओं के कोविड पॉजिटिव पाए जाने के बाद स्कूल और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, ये सभी छात्राएं झारखंड के चतरा जिले के कस्तूरबा गांधी गर्ल्स रेजिडेंशियल स्कूल में पढ़ती हैं। इन सभी 11 छात्राओं का कोविड पॉजिटिव पाया गया है। वहीं, 4 मई को इनमें से 2 छात्राओं को कोविड संक्रमितपाया गया है।
स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए सेफ्टी टिप्स
बच्चों को सबसे पहले यह समझाने की कोशिश करें कि कोविड संक्रमण कितनी गम्भीर बीमारी है और बच्चों को इसका कितना खतरा है।
बच्चों को साफ-सफाई, साबुन से हाथ धोने,मास्क का इस्तेमाल करने और सोशल डिस्टेंसिंग (Social distancing) अपनाने का महत्व समझाएं और उन्हें इसके लिए प्रेरित करें ।
स्कूल जाने वाले बच्चों को यह समझाना भी आवश्यक है कि उसके साथ किस तरह कोरोना संक्रमण घर आ सकता है और घर में रहने वालों को किस तरह इससे संक्रमण हो सकता है।
उन्हें मास्क लगाने के फायदे समझाएं और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के लिए कहें।
बच्चों में तनाव और डर कम करने के लिए उन्हें स्कूल और घर में किसी बात के लिए फोर्स ना करें और उन्हें एडजस्ट होने के लिए पर्याप्त समय दें।
बच्चों को मानसिक स्तर पर मजबूत बनाने के लिए टीचर और बच्चों के बीच बातचीत को बढ़ावा दें।
टीचर अपनी क्लास में आने वाले बच्चों में कोरोना के लक्षण(symptoms of covid in kids) दिखने या उनके व्यवहार में बदलाव आने के बाद माता-पिता को सूचित करें।
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