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बच्चों की इन 3 हरकतों से समझ जाएं उनमें है धैर्य की कमी, इन 4 टिप्स से करें सुधार

How do you teach children patience : आजकल बच्चों में धैर्य की काफी कमी देखी जा रही है। इसके लिए पैरेटिंग और आस-पास का माहौल भी जिम्मेदार रहता है। यहां हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं, जिनसे बच्चों में धैर्य की भावना विकसित की जा सकती है।

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Written By: Kishori Mishra | Published : October 27, 2025 11:58 AM IST

Ways to Develop Patience in Your Child : इन दिनों इशित भट्ट नाम का एक 10 साल का बच्चा सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल हो रहा है। दरअसल, बीते दिनों इशित बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन द्वारा होस्ट किए जाने वाले क्विज रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति 17' में गए थे। शो के दौरान वह बिना ऑप्शन सुने ही जवाब देने की जल्दी में थे। साथ ही होस्ट अमिताभ को अपनी बात भी पूरी नहीं करने दे रहे थे। इतना ही नहीं, हॉट सीट पर बैठते ही इशित ने बिग बी से खेल के रूल्स तक समझाने से मना कर दिया था। ऐसे में जब वह चौथे सवाल पर ही क्विज से बाहर हो गए, तो लोगों ने इशित को काफी ट्रोल करना शुरू कर दिया। दरअसल, इशित का व्यवहार और बात करने का तरीका किसी को पसंद नहीं आया।

बता दें कि इशित द्वारा हर सवाल का जवाब देने में की जा रही जल्दबाजी यह बता रही थी कि उनमें धैर्य की कमी है। ऐसे में अगर आपका बच्चा भी ऐसा करता है, तो उसकी कुछ हरकतों से आप समझ सकते हैं कि उसमें धैर्य की कमी है। ऐसे में माता-पिता को अपनी पैरेंटिंग पर ध्यान देने की जरूरत है। खैर, यहां हम आपको कुछ टिप्स के बारे में भी बताएंगे, जिससे आप अपने बच्चे को धैर्यवान बना सकते हैं।

बच्चों में धैर्य की कमी के लक्षण

हर काम के लिए जल्दबाजी करना

जिन बच्चों में धैर्य की कमी रहती है, वे किसी भी काम को करने की जल्दबाजी में रहते हैं। दरअसल, ऐसे बच्चों में सब्र नहीं होता है और न ही वे थोड़ा सा भी इंतजार कर पाते हैं।

जल्दी गुस्सा आना

जो बच्चे धैर्य नहीं रख पाते हैं, उन्हें गुस्सा भी जल्दी आता है। दरअसल, ऐसे बच्चों को अपने मन-पसंद चीजों के न मिल पाने पर गुस्सा जल्दी आता है।

दूसरों की बातों को इग्नोर करना

सब्र न होने की वजह से ऐसे बच्चे दूसरों की बातों को सुनते तक नहीं हैं। बजाय अपनी बात पर ध्यान देने के वे दूसरों की भावनाओं तक को नहीं समझते हैं।

बच्चों को धैर्य सिखाने के लिए अपनाएं ये तरीके

बच्चों के लिए आदर्श बनें माता-पिता

बच्चों को कुछ भी सिखाने के लिए माता-पिता को खुद अपना उदाहरण देना चाहिए और खुद भी धैर्यवान होना चाहिए। दरअसल, ऐसा कहा जाता है कि बच्चे जैसा अपने माता-पिता को करते हुए देखते हैं, वैसा ही सीखते हैं। ऐसे में माता-पिता को खुद भी धैर्यवान होना जरूरी है।

इंतजार करना सिखाएं

बच्चों में धैर्य डालने के लिए उन्हें इंतजार करना सिखाना जरूरी है। जब तक उन्हें अपनी बारी का इंतजार करने की आदत नहीं बनेगी, तब तक उनमें धैर्य नहीं बनेगा।

इंस्पायरिंग स्टोरी सुनाएं

बच्चे मन के कोमल होते हैं। इसलिए उन्हें जो सिखाया जाता है, वे वह खुले दिल से सीखते हैं। ऐसे में अगर आपका बच्चा धैर्य खो रहा है, तो उसे ऐसी कहानियां सुनाने की जरूरत है, जिनमें कहानी के हीरो धैर्य से जीत हासिल करते हैं।

बच्चों की बात सुनें

बच्चों से बात करते वक्त उन्हें यह समझाना जरूरी है कि अपनी बात को कहने के बाद सामने वाले की सुननी भी होती है। बच्चों को दूसरों की बातों को अच्छे से सुनने के लिए प्रेरित करने के लिए आप भी उनकी बातों को ध्यान से सुनें।

Highlights

  • बच्चों की बातों को अच्छे से सुनना है जरूरी
  • इंस्पायरिंग स्टोरीज बच्चों को अक्सर सुनाते रहें।
  • बच्चों को दिन में कम से कम 1 से 2 घंटे का समय दें।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।