Image credits by: कान में इन्फेक्शन: बच्चों को अक्सर कान में किसी न किसी कारणवश इन्फेक्शन हो ही जाता है, ऐसे में उन्हें खुद से ही कोई एंटीबायोटिक दवाइयां न दें। हालांकि कभी-कभी डॉक्टर भी कान के इन्फेक्शन में एंटीबायोटिक दवाइयां देते हैं लेकिन ऐसा कुछ ही मामलों में होता है। इसलिए बेहतर यही होगा कि बच्चे की जांच किसी डॉक्टर से करवाएं।
बच्चों के कान में इंफेक्शन हो जाने पर बच्चे को काफी परेशानी होती है। कान में इंफेक्शन या संक्रमण के कई कारण हो सकते हैं जैसे, एलर्जी, हवा के दबाव में बदलाव और एडेनॉएड्स में सूजन।ज़्यादातर मामलों में कान में संक्रमण होना मामूली-सी समस्या होती है इसलिए पहले 24 घंटे इंतज़ार करें और अगर तब भी संक्रमण ठीक न हो तो डॉक्टर से सम्पर्क करें। बच्चों को कान के इंफेक्शन से बचाने के लिए आप यह तरीके अपना सकते हैं-
बच्चे को मां का दूध पिलाएं- जिन बच्चों को जन्म के बाद ब्रेस्टफीड नहीं करवाया जाता है उनमें संक्रमण का खतरा ज़्यादा रहता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मां के दूध में ऐसे एंटीबॉडीज़ होते हैं जो शरीर को कई तरह के संक्रमणों, कान के इंफेक्शन आदि से बचाने में मदद करता है। अगर आपके बच्चे की उम्र 2 साल से कम है और उसे कान में इंफेक्शन हुआ है तो हो सकता है कि उसे स्तनपान करवाने से ये ठीक हो जाए। ब्रेस्टफीड करने से आगे चलकर भी बच्चे को कान के इंफेक्शन से बचने में मदद होती है।
गरम कपड़े से सेंकना- ईयर इंफेक्शन से राहत का एक बहुत ही आसान तरीका है क्योंकि इससे ना केवल संक्रमण ठीक हो जाएगा बल्कि बच्चे को दर्द से भी राहत मिलेगी। गरम कपड़े से बच्चे के कान पर हल्की-सी सिकाई करें। ऐसा करते हुए अपने बच्चे का सिर अपनी गोद में रखें। इससे उसे आराम मिलेगा। ज़रूरत पड़े तो दिन में दो-तीन बार सिकाई करें।
एसेरामिनोफेन दवा- अधिकतर पीडियाट्रिशियन इस दवा को लेने की सलाह देते हैं। इससे बच्चे में कान का दर्द ठीक हो जाता है। कुछ मामलों में डॉक्टर बच्चे को इबुप्रोफेन लेने की सलाह भी देते हैं। कई मामलों में पीडियाट्रिशियन द्वारा बताया गया एंटीबायोटिक्स का सिंपल कोर्स भी काम कर जाता है।
स्मोकिंग से बचें- धूम्रपान के खतरों में एक बच्चे को कान का इंफेक्शन होने का डर भी है। सिगरेट के धुएं में सांस लेने का सबसे ज़्यादा असर कान पर पड़ता है और बच्चों को कान में दर्द की शिकायत होने लगती है। कभी-कभी बच्चों की सुनने की क्षमता भी कम हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि स्मोक से इंउस्टैचिअन ट्यूब में जलन होने लगती है जिसकी वजह से संक्रमण हो जाता है। अगर आप धू्म्रपान करते हैं तो बच्चों को इससे दूर ही रखें।
चित्र स्रोत : Shutterstock.
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