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Written By: Anshumala | Published : September 12, 2018 7:09 PM IST
बच्चे को नशे के दुषप्रभावों के बारे में बताएं। © Shutterstock
क्या आपका युवा होता बच्चा अक्सर कमर दर्द की शिकायत करता है? अगर ऐसा है तो अलर्ट हो जाइए, ऐसे में वह स्मोकिंग और ड्रिंकिंग की तरफ ज्यादा झुकाव महसूस कर सकता है। इतना ही नहीं उसे ऐंग्जाइटी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। हालांकि, अक्सर लोग इसे मामूली समझकर इस पर ध्यान नहीं देते लेकिन कुछ युवा बच्चों को होने वाला बैकपेन उनकी रोजमर्रा की जिंदगी, पढ़ाई और उनके स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है।
हाल ही में हुए एक अध्ययन में पता चला है कि दर्द की फ्रीक्वेंसी जितनी बढ़ी उसी अनुपात में स्मोकिंग, ड्रिंकिंग और स्कूल मिस करने के मामले सामने आए। मान लीजिए, 14-15 साल के जिन बच्चों को हफ्ते में 2-3 बार से ज्यादा बार दर्द हुआ, वे दर्द न होने वाले बच्चों की अपेक्षा 2-3 गुना ज्यादा ड्रिंक और स्मोकिंग करते पाए गए। इसी तरह जिन बच्चों को हफ्ते में एक बार से ज्यादा दर्द हुआ, उन्होंने दोगुना स्कूल मिस किया।
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जॉर्जटाउन लोम्बार्डी कॉम्प्रिहेन्सिव कैंसर सेन्टर के नेतृत्व में किए गए एक शोध में यह भी दावा किया गया है कि जो पेरेंट्स सिगरेट पीने के आदी होते हैं, उनके बच्चों में न सिर्फ धूम्रपान की आदत विकसित होती है, बल्कि वे टीनएज में ही बहुत ज्यादा सिगरेट पीने लगते हैं।
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परफ्यूम
अगर आपका बच्चा बहुत ज्यादा परफ्यूम लगाता है कि तो हो सकता है कि वह सिगरेट पीता हो। ऐसे में आप उनसे इस बारे में सीधे-सीधे बाते करें। कॉलेज जाने वाले बच्चे सिगरेट की बदबू को छुपाने के लिए खुद पर ज्यादा परफ्यूम डालते हैं ताकि सिगरेट की बदबू गायब हो जाए।
च्यूइंगम चबाना
वैसे तो बच्चों को च्यूइंगम खाने का शौक होता है लेकिन अगर बच्चा हमेशा च्यूइंगम चबाएं तो समझ लें कुछ गड़बड़ है। ऐसे में जानने की कोशिश करें कि कहीं वो आपसे कुछ छिपाने की कोशिश तो नहीं कर रहा।
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लिपस्टिक
सिगरेट पीने के मामले में लड़कियां भी किसी से कम नहीं है। सिगरेट के कारण होंठों के कालेपन को छुपाने के लिए वह लिपस्टिक का इस्तेमाल करती हैं और घर पर होते हुए भी वह इसे साफ नहीं करती। ऐसे में अपना डर दूर करने के लिए सुबह उनके कमरे में जाकर उनके होंठ देखें। आपको सब पता चल जाएगा।
अकेले रहना
बच्चे का अकेले कमरे में रहना या बार-बार छत पर जाना खतरे की घंटी हो सकती हैं। ऐसे में मौका देखकर उनके कमरे और बैग की चैकिंग करें। अगर उसमें लाइटर या ऐसी कोई भी चीज मिले तो जो आपको गलते लगे, तो उनसे बात करें।
बार-बार पॉकेट मनी मांगना
कॉलेज में जाने वाले बच्चों की जरूरतें तो बढ़ती है लेकिन इसकी भी एक सीमा होनी चाहिए। अगर आपका बच्चा ज्यादा पॉकेट मनी मांगें या पैसों मांगने के लिए बहाने बनाएं तो सावधान हो जाएं और उनपर नजर रखें।
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यूं छुड़ाएं स्मोकिंग की आदत
संयम रखना सिखाएं
स्मोकिंग से छुटकारा पाने के लिए संयम बेहतरीन उपाय है। अगर बच्चा नशे की लत का शिकार है, तो उसे संयम रखना सिखाएं। उसे बताएं कि जब भी नशा करने का मन करे, तो मन पर संयम रखे और अपना ध्यान कहीं और लगाए।
संगत बदलें
बुरी संगत के कारण भी कई बार बच्चों में ऐसी आदत विकसित हो जाती है। ऐसे में पेरेंट्स के लिए जरूरी है कि वे अपने बच्चे की संगत पर नजर रखें और उसके कहीं भी गलत लगने पर उसमें बदलाव कराएं।
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नुकसान के बारे में बताएं
बच्चा इस लत से बाहर आ जाए, तो इसके लिए आप उसे नशे के दुषप्रभावों के बारे में बताएं। आपका कोई ऐसा जानकार जो नशे की वजह से बर्बाद हो गया हो, उसके बारे में बच्चे को केस स्टडी बताएं।
भूलकर भी बच्चे से न मगाएं सिगरेट
छोटे बच्चे से कभी भी अपने लिए नशे की चीजें जैसे सिगरेट, गुटखा आदि न मंगाएं। क्या पता वह रास्ते में जिज्ञासावश उसे टेस्ट करने लगे। इससे धीरे-धीरे यह उसकी आदत बनती जाएगी।
डॉक्टर या काउंसलर से मिलें
बच्चे को किसी अच्छे फिजिशियन या काउंसलर के पास ले जाएं।