अपने बच्चों के बीच करते हैं फर्क और भेदभाव, तो ऐसा करने के हो सकते हैं ये 3 नुकसान

क्या आप अपने बड़े बच्चे की तुलना में छोटे बच्चे को अधिक लाड-प्यार देते हैं, उसकी तरफ ही आपका सारा ध्यान रहता है, तो ऐसा करना छोड़े दें। बच्चों के बीच भेदभाव करने से कई नुकसान हो सकते हैं....

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Written By: Anshumala | Updated : December 30, 2021 8:22 AM IST

Disadvantages of paying more attention to one child: जब घर में किसी बच्चे का जन्म होता है, तो किसी भी कपल के लिए वह बेहद खुशियों भरा पल होता है। अपने पहले बच्चे को वे भरपूर प्यार, दुलार देते हैं। उसकी देखभाल करते हैं। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसकी सारी इच्छाओं को पूरा करते हैं। लेकिन, घर में दूसरे बच्चे के जन्म लेते ही, मां-बाप का सारा ध्यान उस पर चला जाता है। चूंकि, वह छोटा है, नवजात शिशु है, तो उसे अधिक केयर, देखभाल, प्यार की जरूरत होती है। ऐसे में पहले बच्चे के मन में ये घर कर जाता है कि अब उसे कोई प्यार नहीं करता है। सारा प्यार उसके छोटे भाई/बहन को मिल रहा है। ऐसा लड़कियों के साथ अधिक देखने को मिलता है। यदि बेटा हुआ है, तो आज भी अधिकतर घरों में ज्यादा प्यार सब लड़के को ही देते हैं। हालांकि, माता-पिता के मन में ऐसा नहीं होता है। उनके लिए तो उनके सभी बच्चे एक समान ही होते हैं। बस, जो छोटा होता है, उसे प्यार लोग ज्यादा करते हैं।

लेकिन, इस तरह का माहौल देखकर बच्चे के मन में यह भावना पनपने लगती है कि उसके साथ भेदभाव किया जा रहा है। लोग अब उसे प्यार नहीं करते। उसकी तरफ ध्यान नहीं देते हैं। घर में लड़की है, तो उसकी बजाय लड़के को अधिक वैल्यू दी जाती है। इस तरह की सोच से बच्चों के मन-मस्तिष्क पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। आपके घर में यदि छोटा बच्चा है, तो इसका ये मतलब नहीं कि आप अपने पहले बेटे या बेटी की तरफ ध्यान कम दें। उसे प्यार कम करें या फिर उसके लिए वक्त कम निकालें। ऐसा करने से बच्चों को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। बच्चों के बीच भेदभाव करने से होने वाले नुकसान (Discrimination between children) को जरूर जान लें.....

बच्चों के बीच फर्क/भेदभाव करने से होने वाले नुकसान

  1.  यदि आप अपने छोटे बच्चे पर ही अपना सारा ध्यान केंद्रित कर देंगे, तो आपके बड़े बच्चे के अंदर अकेलेपन की भावना घर कर जाएगी। उसे लगेगा कि अब आप उसे अधिक प्यार नहीं करते हैं। उससे भेदभाव करते हैं। आपके दो बच्चे हों या चार, कभी भी किसी के बीच भेदभाव ना करें। एक को अच्छा, एक को बदमाश या बुरा ना बताएं। इससे वे स्ट्रेस में आ सकते हैं। हीन भावना से घिर सकते हैं। परिवार से खुद को दूर समझने लगते हैं। आपके लिए आपके सभी बच्चे एक समान होने चाहिए।
  2. यदि आप अपने दो बच्चों के बीच हरदम भेदभाव करते रहेंगे, तो वे चिड़चिड़े हो सकते हैं। बात-बात में आपको जवाब दे सकते हैं। धीरे-धीरे वे आपकी किसी भी बात को नहीं मानेगा। हर बात पर वह गुस्सा कर सकता है। यहां पेरेंट्स को ही स्मार्ट तरीके से चीजों को हैंडल करने की जरूरत होती है। यदि आपका बड़ा बच्चा 5-10 साल की उम्र का है और दूसरा 1-2 वर्ष का तो दोनों को उसकी उम्र के अनुसार उतना ही प्यार, समय दें, ताकि ऐसा ना लगे कि आपका सारा ध्यान सिर्फ छोटे बच्चे की तरफ है।
  3. कई बार बच्चे एक के प्रति अधिक प्यार-लाड देखकर शिकायत करने लगते हैं कि आप उससे अब प्यार नहीं करते हैं। ऐसी स्थिति में अलर्ट हो जाएं। आप उसकी इस बात को सुनकर उसे डांटे नहीं, बल्कि प्यार से समझाएं कि क्यों आप उसके छोटे भाई या बहन को अभी ज्यादा प्यार, केयर, समय देते हैं। आप प्यार से सभी परिस्थितियों, बातों और जरूरतों को समझाएंगे, तो बच्चा जरूर समझेगा।

(डिस्क्लेमर: पेरेंटिंग से संबंधित यहां बताई गई सभी जानकारियां, उपाय सामान्य जानकारी पर अधारित हैं। हेल्थसाइट हिंदी इसकी कोई पुष्टि नहीं करता है। किसी भी पेरेंटिंग सलाह, सुझाव और टिप्स को आजमाने से पहले चाइल्ड स्पेशलिस्ट या एक्सपर्ट से जरूर संपर्क कर लें।)

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