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Delta Plus Variant and Kids: डेल्टा प्लस वेरिएंट से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए मानें AIIMS की ये 3 टिप्स, डॉ.रणदीप गुलेरिया ने दिए ये सभी सुझाव

डॉ. गुलेरिया ने कहा कि, वायरस का खतरा टला नहीं है। यह म्यूटेंट होकर अलग-अलग रूपों में लोगों को संक्रमित कर रहा है। इसीलिए, लापरवाही बरतना खतरे से खाली नहीं। (Delta Plus Variant and Kids)

Delta Plus Variant and Kids: कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट ने भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में अपना संक्रामक रूप दिखाना शुरू कर दिया है। देश में भी डेल्टा और डेल्टा प्लस वेरिएंट्स की वजह से कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी गयी है। वहीं, एम्स दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया (AIIMS Director Dr Randeep Guleria) ने बताया है कि डेल्टा वेरिएंट के बढ़ते जाल के बीच बच्चों को इससे सुरक्षित रखने के लिए कौन-से उपाय अपनाए जा सकते हैं। गौरतलब है कि जुलाई महीनें में देश में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आने की आशंका जतायी जा रही है। वहीं, इस लहर के दौरान बच्चों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका भी काफी अधिक बतायी जा रही है। (Delta Plus Variant and Kids in Hindi)

बच्चों को कोविड के डेल्टा प्लस वेरिएंट से बचाने के उपाय क्या हैं?

प्रोटोकॉल का करें पालन

AIIMS, डायरेक्टर डॉ.रणदीप गुलेरिया ने कहा कि कोविड से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है सावधान रहना और प्रोटोकॉल का पालन करना। जैसा कि लोगों की लापरवाही ही संक्रमण के मामले बढ़ाने का काम करती है ऐसे में अगर लोग कोविड सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन करते हैं तो देश में तीसरी लहर को आने से रोका जा सकता है। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि, वायरस का खतरा टला नहीं है। यह म्यूटेंट होकर अलग-अलग रूपों में लोगों को संक्रमित कर रहा है। इसीलिए, लापरवाही बरतना खतरे से खाली नहीं। ऐसे मेंबच्चों को सोशल-डिस्टेंसिंग और साफ-सफाई का ध्यान रखने के लिए प्रोत्साहित करें। इसी तरह बड़े भी मास्क पहनने, बिना वजह घर से बाहर ना जाने जैसे नियमों का पालन ज़रूर करें।

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निगरानी हो सही

दूसरी सलाह जो दी गयी वह प्रशासन के लिए है। एम्स प्रमुख ने कहा कि, ऐसे इलाके जहां कोरोना वायरस के केसेस अधिक हैं और जहां बार-बार संक्रमण की दर बढ़ती है वहां सख्ती से नियमों का पालन करवाया जाए। ऐसे क्षेत्रों में टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट की रणनीति अपनायी जाए और संक्रमितों को आइसोलेट करवाया जाए।

वैक्सीन है महत्वपूर्ण

थर्ड वेव को रोकने के लिए कोविड का टीका सबसे महत्वपूर्ण तरीका है। यह कहना है डॉ.रणदीप गुलेरिया का। उन्होंने कहा कि अपनी बारी आने पर वैक्सीन ज़रूर लगवाएं इससे, संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकेगा और बच्चों के लिए इसका खतरा भी कम होगा।

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