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Written By: Anshumala | Published : August 29, 2019 7:51 PM IST
बच्चों को डेकेयर में भेजने के फायदे और नुकसान। © Shutterstock
आजकल बच्चों को डे-केयर में रखने का चलन काफी बढ़ गया है। वजह है, पेरेंट्स का कामकाजी होना। घर पर किसी के नहीं होने के कारण मां-बाप को हारकर अपने छोटे से बच्चे को डे-केयर में उसकी देखभाल के लिए छोड़ना पड़ता है। डे-केयर (Daycare Benefits) की मदद से एक तरफ जहां बच्चों की देखभाल अच्छी होती है, तो वहीं बच्चों के विकास पर इसका विपरीत असर भी होता है। पेरेंट्स का देर तक बच्चों से दूर रहने के कारण उनका और उनके बच्चे के बीच लगाव कम हो जाता है। उनकी आपसी बॉन्डिंग कम होने लगती है। कामकाजी पेरेंट्स और न्यूक्लियर फैमिली बढ़ने के कारण बच्चों की देखभाल एक बड़ी समस्या होती जा रही है। ऐसे में लोग बच्चों को संभालने और उनकी देखभाल के लिए डे-केयर (Daycare Benefits) की मदद लेते हैं।
बच्चों की देखभाल के लिए आज आया या फिर डे-केयर जैसे विकल्प मौजूद हैं। हालांकि, आया को घर पर रखने के मुकाबले बच्चों को डे-केयर में भेजना ज्यादा सस्ता होता है, इसलिए अधिकतर पेरेंट्स डे- केयर को ही चुनते हैं अपने बच्चे की देखभाल के लिए।
डे-केयर के नियम हर माता-पिता के लिए एक जैसे होते हैं, जिनका पालन करना जरूरी है। जैसे बच्चे को छोड़ना और ले जाने के समय में कोई फेरबदल नहीं होता है। आपको दूसरे पेरेंट्स, उनके बच्चे से मिलने, उन्हें समझने, उनकी परेशानियों को सुनने का मौका मिलता है। इससे आप यह समझ सकते हैं कि आपके बच्चे के लिए वह डे-केयर सही है या नहीं। उसकी देखभाल ठीक तरह से हो रही है या नहीं।दूसरे पेरेंट्स से बातें करते हैं, तो उनसे आप सहयोग ले सकते हैं, जब आपको डे-केयर पहुंचने में देर होती है।
डे-केयर की सुविधा शुरू करने से पहले लाइसेंस की जरूरत होती है, इसलिए आपके बच्चे की सुरक्षा तो निश्चित है। डे-केयर में बच्चों की जरूरत की हर चीज मौजूद होती है, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास अच्छी तरह से हो सके।
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डे-केयर में बच्चे अधिक एक्टिव रहते हैं, क्योंकि उन्हें गाना, डांस और कहानी सुनाई जाती है। बच्चे कई तरह की गतिविधियों में भाग लेते हैं। बच्चों को हर तरह का ज्ञान देने के लिए वहां प्रशिक्षित लोग मौजूद होते हैं। इससे बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर तरीके से होता है।
बच्चों को डे-केयर में भेजने पर उन्हें कई तरह के इंफेक्शन होने का खतरा हो सकता है। वहां मौजूद कई बच्चों के बीच में कब आपके लाडले को कौन सा संक्रमण हो जाए, इसके बारे में कहना मुश्किल है। कई बच्चों के एक साथ खेलने-खाने के दौरान बीमार बच्चे के कीटाणु स्वस्थ बच्चे को भी बीमार कर देते हैं। ऐसे में घर में मेड रखने के विकल्प के बारे में भी सोचा जा सकता है।
आमतौर पर डे-केयर आपके बच्चों की देखभाल के निर्णय को प्रभावित करते हैं, जैसे कब आपके बच्चे को दूध छोड़ना है, कब सोना है आदि। हो सकता है कि कुछ पेरेंट्स को इससे समस्या ना हो, लेकिन कुछ को हो सकती है।
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