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What are the common mistakes by the parents of single child: हर कोई चाहता है कि अपने बच्चे को सबसे अच्छी परवरिश मिले, ताकि वह अपने जीवन में कामयाबी हासिल कर पाए। ऐसा कहा जाता है कि अपने बच्चे को सबसे अच्छी परवरिश उसके माता-पिता भी दे सकते हैं। वहीं अगर बच्चे की परवरिश में किसी भी प्रकार की चूक होती है, तो उसका नुकसान बच्चे के जीवन भर भुगतना पड़ सकता है। इसलिए हर पेरेंट के लिए जानना यह जरूरी है कि बच्चे की परवरिश करते समय अक्सर कौन सी गलतियां हो जाती हैं। खासतौर पर सिंगल चाइल्ड के पेरेंट्स को कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि कई बार पेरेंट्स सिंगल चाइल्ड की परवरिश के दौरान ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे बच्चे के फ्यूचर पर भी प्रभाव पड़ता है। जानें कौन सिंगल चाइल्ड पेरेंट्स द्वारा की जाने वाली आम गलतियां कौन सी हैं -
सिंगल चाइल्ड होने की वजह से अक्सर बच्चा कुछ ज्यादा ही लाडला हो जाता है और पेरेंट्स का सपना हो जाता है कि वे अपने बच्चे की सभी उम्मीदों को पूरा करें। लेकिन लाड़-प्यार में कई बार पेरेंट्स अपने बच्चे की ऐसी जिद को पूरा कर देते हैं, जिन्हें नहीं करना चाहिए। यही कारण है कि बच्चे को अपनी हर जिद को पूरा करवाने की आदत पड़ जाती है।
बच्चे की किसी भी प्रकार के तुलना करना पेरेंट्स द्वारा की जाने वाली सबसे बड़ी गलतियों में से एक है। कुछ पेरेंट्स दूसरों से बच्चों के सामने खुद के बच्चों को अच्छा बनाते हैं, जिससे बच्चे में ओवर कॉन्फिडेंस आ जाता है। वहीं कुछ पेरेंट्स दूसरों के बच्चों को अच्छा बताते हैं, जिससे बच्चे का आत्मविश्वास कम होने लगता है।
सिंगल बच्चा होने के कारण पेरेंट्स को सारी उम्मीदें अपने बच्चे से हो जाती है। बच्चे का हर सपना अपने माता-पिता से होता है उसी प्रकार इकलौता बच्चा होने के कारण पेरेंट्स भी सारी उम्मीदें अपने बच्चे से लगा लेते हैं। लेकिन इकलौता होने के कारण कई बार अवास्तविक उम्मीदें हो जाती हैं, जिससे बच्चे का आत्मविश्वास कम हो जाता है।
अगर आपका बच्चा ज्यादा लाडला है तो यह अच्छी बात है लेकिन उसको जरूरत से ज्यादा समय देना भी आपके बच्चे को बिगाड़ सकता है। इसलिए बच्चे को सिर्फ उतना ही समय दें जितना उसके लिए जरूरी है। यदि बच्चे की उम्र 15 साल से ऊपर है, तो उसे थोड़ा प्राइवेसी देना भी जरूरी है।
हालांकि, आपको बच्चे की मानसिक हेल्थ का ध्यान भी रखना है। कई बार जरूरत से ज्यादा लाड़-प्यार के कारण बच्चे का स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है, जिससे बच्चे के भविष्य पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। यदि आपको लगता है कि आपका बच्चा चिड़चिड़ा होता जा रहा है, तो ऐसे में किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात जरूर कर लेनी चाहिए।