बच्चे को बार-बार हो जाता है इंफेक्शन? ये 5 टिप्स आएंगे बेहद काम, घर पर जरूर अपनाएं
बच्चे संक्रमण से जल्दी और ज्यादा प्रभावित होते हैं। इसलिए उन्हें इंफेक्शन से बचाने के लिए माता-पिता कुछ टिप्स फॉलो कर सकते हैं।
बच्चे संक्रमण से जल्दी और ज्यादा प्रभावित होते हैं। इसलिए उन्हें इंफेक्शन से बचाने के लिए माता-पिता कुछ टिप्स फॉलो कर सकते हैं।
ल्यूकेमिया बच्चों में एक गंभीर प्रकार का कैंसर है। यह बच्चों में ज्यादा देखने को मिलता है। जानें इस प्रकार के कैंसर के लक्षण-
ल्यूकेमिया बच्चों में एक गंभीर प्रकार का कैंसर है। यह बच्चों में ज्यादा देखने को मिलता है। जानें इस प्रकार के कैंसर के लक्षण-
हर साल 15 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय बाल कैंसर दिवस मनाया जाता है। आपको बता दें कि बच्चों में होने वाला कैंसर वयस्कों के कैंसर से अलग होता है। इनमें लाइफस्टाइल या तंबाकू जैसे कारण आमतौर पर जिम्मेदार नहीं होते हैं।
टीकाकरण बच्चे को कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों से बचाता है। आमतौर पर जन्म से लेकर 6 साल की उम्र तक बच्चों को वैक्सीन लगाई जाती है, क्योंकि इस उम्र को इम्युनिटी के विकास के लिए बेहद अहम माना गया है।
Which factor increases the risk for hernia : समय से पहले जन्मे बच्चों में हर्निया का खतरा अधिक होता है। आइए डॉक्टर से जानते हैं इसके पीछे की वजह और कब होती है सर्जरी की जरूरत-
Bachha Potty Kyu Rokta Hai: अगर आपका बच्चा भी पॉटी करते समय रोता है या पॉटी को रोक कर रखता है तो डॉक्टर से जानें वो ऐसा क्यों कर रहा है। कही कोई बड़ी समस्या का कारण तो नहीं।
बच्चे के जन्म के बाद 6 महीने तक सिर्फ मां का दूध ही पिलाने की सलाह दी जाती है, हालांकि 6 महीने पूरे होने के बाद आप बच्चे को कुछ चीजें खिला सकते हैं जो कि हम आपको यहां बताएंगे।
Children's Bone Health: बच्चों का शारीरिक विकास तेजी से होता है। ऐसे में उनकी हड्डियों का स्वस्थ रहना बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए आप को दवा खाने की जरूरत नहीं है...
पेरेंट्स खुद रात में देर से सोते हैं और बच्चे भी उन्हीं के साथ सोना पसंद करते हैं, ऐसे में उनका बैड टाइम भी लेट हो जाता है।
डायबिटीज एक दीर्घकालिक स्थिति है जो आपके शरीर द्वारा भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करने के तरीके को प्रभावित करती है। डायबिटीज के दो मुख्य प्रकार हैं यानी टाइप 1 और टाइप 2।
सर्दियों में बच्चों को अस्थमा होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। श्वसन संबंधी से बीमारी न सिर्फ मासूमों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर देती है, बल्कि पेरेंट्स के लिए भी इससे उभर पाना चुनौतीपूर्ण होता है।
सर्दी के मौसम में बच्चे अक्सर छाती में कफ यानी चेस्ट कंजेशन का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर आप शुरुआत में ही इस समस्या को दूर कर सकते हैं।
प्रेग्नेंसी के पहले 3 महीने होते हैं बेहद खास, इस दौरान इन 7 चीजों के सेवन से बचना चाहिए।
स्तनपान कराना ना सिर्फ बच्चे के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है बल्कि मां के लिए भी फायदेमंद होता है, शिशु को स्तनपान (Breastfeeding)कराने से नहीं होती महिलाओं को गंभीर बीमारियां
Child Flu Vaccine:मानसून के मौसम में बीमारियां अधिक फैलती हैं ऐसे में बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए फ्लू का टीका लगाया जाता है। जिससे उन्हे सीजनल बीमारियों और फ्लू न हो।
जन्म के बाद ही हर माता-पिता की यह जिम्मेदारी हो जाती है कि वह अपने बच्चे का ध्यान रखें। कई बार जन्म के बाद बच्चों में कुछ ऐसे लक्षण दिखते हैं, जो सामान्य नहीं होते। जैसे कि बच्चों का आंख खोलकर सोना। आइए जानते है किन कारणों की वजह से बच्चे अपनी आंखो को खोलकर सोते है।
Vitamin B12 Deficiency in Children: बच्चों में विटामिन B12 की कमी होने पर कई संकेत देखने को मिलते हैं। इस लेख के माध्यम से जानिए बच्चों में विटामिन B12 की कमी के लक्षण, कारण और उपचार क्या है।
बच्चे संक्रमण से जल्दी और ज्यादा प्रभावित होते हैं। इसलिए उन्हें इंफेक्शन से बचाने के लिए माता-पिता कुछ टिप्स फॉलो कर सकते हैं।
ल्यूकेमिया बच्चों में एक गंभीर प्रकार का कैंसर है। यह बच्चों में ज्यादा देखने को मिलता है। जानें इस प्रकार के कैंसर के लक्षण-
हर साल 15 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय बाल कैंसर दिवस मनाया जाता है। आपको बता दें कि बच्चों में होने वाला कैंसर वयस्कों के कैंसर से अलग होता है। इनमें लाइफस्टाइल या तंबाकू जैसे कारण आमतौर पर जिम्मेदार नहीं होते हैं।
टीकाकरण बच्चे को कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों से बचाता है। आमतौर पर जन्म से लेकर 6 साल की उम्र तक बच्चों को वैक्सीन लगाई जाती है, क्योंकि इस उम्र को इम्युनिटी के विकास के लिए बेहद अहम माना गया है।
Which factor increases the risk for hernia : समय से पहले जन्मे बच्चों में हर्निया का खतरा अधिक होता है। आइए डॉक्टर से जानते हैं इसके पीछे की वजह और कब होती है सर्जरी की जरूरत-
Bachha Potty Kyu Rokta Hai: अगर आपका बच्चा भी पॉटी करते समय रोता है या पॉटी को रोक कर रखता है तो डॉक्टर से जानें वो ऐसा क्यों कर रहा है। कही कोई बड़ी समस्या का कारण तो नहीं।
Children's Bone Health: बच्चों का शारीरिक विकास तेजी से होता है। ऐसे में उनकी हड्डियों का स्वस्थ रहना बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए आप को दवा खाने की जरूरत नहीं है...
पेरेंट्स खुद रात में देर से सोते हैं और बच्चे भी उन्हीं के साथ सोना पसंद करते हैं, ऐसे में उनका बैड टाइम भी लेट हो जाता है।
डायबिटीज एक दीर्घकालिक स्थिति है जो आपके शरीर द्वारा भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करने के तरीके को प्रभावित करती है। डायबिटीज के दो मुख्य प्रकार हैं यानी टाइप 1 और टाइप 2।
सर्दियों में बच्चों को अस्थमा होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। श्वसन संबंधी से बीमारी न सिर्फ मासूमों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर देती है, बल्कि पेरेंट्स के लिए भी इससे उभर पाना चुनौतीपूर्ण होता है।
सर्दी के मौसम में बच्चे अक्सर छाती में कफ यानी चेस्ट कंजेशन का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर आप शुरुआत में ही इस समस्या को दूर कर सकते हैं।
प्रेग्नेंसी के पहले 3 महीने होते हैं बेहद खास, इस दौरान इन 7 चीजों के सेवन से बचना चाहिए।
स्तनपान कराना ना सिर्फ बच्चे के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है बल्कि मां के लिए भी फायदेमंद होता है, शिशु को स्तनपान (Breastfeeding)कराने से नहीं होती महिलाओं को गंभीर बीमारियां
Child Flu Vaccine:मानसून के मौसम में बीमारियां अधिक फैलती हैं ऐसे में बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए फ्लू का टीका लगाया जाता है। जिससे उन्हे सीजनल बीमारियों और फ्लू न हो।
जन्म के बाद ही हर माता-पिता की यह जिम्मेदारी हो जाती है कि वह अपने बच्चे का ध्यान रखें। कई बार जन्म के बाद बच्चों में कुछ ऐसे लक्षण दिखते हैं, जो सामान्य नहीं होते। जैसे कि बच्चों का आंख खोलकर सोना। आइए जानते है किन कारणों की वजह से बच्चे अपनी आंखो को खोलकर सोते है।
Egg For Kids: अगर आप भी अपने छोटे बच्चों को अंडे खिलाना चाहते हैं तो उन्हें कब और कैसे खिलाना चाहिए यह जानना जरूरी होता है।
High Cholesterol in Children: आज के समय में कोलेस्ट्रॉल काफी जानलेवा बीमारी बन चुका है। यह केवल बड़ों को ही नहीं बल्कि बच्चों को भी परेशान कर रहा है।
बच्चों और किशोरों में डिप्रेशन होने पर सबसे पहले उनके व्यवहार में परिवर्तन देखने को मिलता है, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर आइए जानते हैं बच्चों में डिप्रेशन को कैसे रोकें?
ल्यूकेमिया बच्चों में एक गंभीर प्रकार का कैंसर है। यह बच्चों में ज्यादा देखने को मिलता है। जानें इस प्रकार के कैंसर के लक्षण-
Vitamin B12 Deficiency in Children: बच्चों में विटामिन B12 की कमी होने पर कई संकेत देखने को मिलते हैं। इस लेख के माध्यम से जानिए बच्चों में विटामिन B12 की कमी के लक्षण, कारण और उपचार क्या है।
अधिकांश माता-पिता बच्चों की हाइट न बढ़ने से चिंतित रहते हैं, अगर आपके भी बच्चो की लम्बाई नहीं बढ़ रही है तो यहां हम आपको बच्चों की लम्बाई बढ़ाने के 5 नेचुरल तरीके बता रहे हैं.
World Blood Cancer Day 2021: बच्चों में ब्लड कैंसर होना बेहद ही घातक साबित हो सकता है, यदि उसका समय पर इलाज ना शुरू किया जाए। बच्चों में होने वाले ब्लड कैंसर के कुछ लक्षणों को जानकर पेरेंट्स को इसका इलाज समय पर करवाना चाहिए।
पेट संबंधी समस्याएं सिर्फ बड़े-बुजुर्गों को ही नहीं बल्कि बच्चों को भी होती है। बड़े लोग अपनी समस्या को बताकर या डॉक्टर को दिखाकर हल कर लेते हैं, लेकिन शिशुओं के केस में यह थोड़ा मुश्किल हो जाता है। शिशुओं का डायजेशन कमजोर होता है, जिसके चलते उन्हें जल्दी पेट में गैस, कब्ज और मरोड़ जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। पेट के रोग होने पर शिशु अक्सर रोते हैं, मुंह से लार निकाले हैं, चिल्ला सकते हैं और नींद की कमी भी देखी जा सकती है। आज हम शिशुओं की गैस्ट्रिक समस्या को दूर करने के लिए कुछ आसान तरीके बता रहे हैं।
बच्चों में कब्ज होना आम बात है। जिस तरह बड़े लोगों को कब्ज की समस्या सताती है ठीक उसी तरह शिशुओं को भी यह प्रॉब्लम हो सकती है। क्योंकि शिशु 6 महीने तक सिर्फ मां का दूध पीते हैं, जो कब्ज का एक बड़ा कारण हो सकते हैं। आज हम आपको नवजात को कब्ज से छुटकारा दिलाने के लिए कुछ टिप्स बता रहे हैं। आप इन्हें अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह भी ले सकते हैं।
बच्चों में मोटापे के कारण कई हेल्थ-प्रॉब्लम्स होती हैं। इसीलिए, अगर आप बच्चों को हेल्दी इटिंग हैबिट्स अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं तो, उन्हें हेल्दी बनाने के साथ बीमारियों से बचाने में भी मदद होगी। मोटापे से बचाने के लिए बच्चों को इन तरीके से मदद करें।
बेशक बच्चों को क्रिसमस ट्री और केक पसंद होते हैं लेकिन इन बातों पर पहले ध्यान दें!
इस दिवाली जब आपके बच्चे फोड़े पटाखें तो रखें इन बातों का ध्यान नहीं तो हो सकता है बड़ा नुकसान!
छोटे बच्चों को ज्यादा देर तक मोबाइल पर गेम ना खेलने दें बल्कि उन्हें पार्क में खेलने के लिए भेजें!
हर पेरेंट्स को सीपीआर तकनीक को करने का तरीका आना चाहिए, क्या पता कब जरूरत पड़ जाए!
अगर आप हाल ही में पेरेंट्स बने हैं, तो आपको मालिश करने का सही तरीका सीख लेना चाहिए!
अगर आप अपने बच्चे को ब्रेकफास्ट में कुछ हेल्दी और टेस्टी चीज देना चाहते हैं, तो आर्टिकल आपके लिए ही है!
अगर आपके बच्चे को फल खाना पसंद नहीं है, तो यह तरीके आजमाएं!
कहीं आपके बच्चे के लगातार रोने का कारण यह तो नहीं है!
निमोनिया एक जानलेवा बीमारी है, बच्चों को इसकी चपेट में आने से ऐसे बचाएं!
आपको जानकार हैरानी होगी कि केन्या देश में मां कई महीनों तक अपने बच्चे का चेहरा नहीं देखती हैं!
तेल मालिश से बच्चे को पोषण मिलता है, त्वचा को आराम मिलता है और अच्छी नींद आती है!