
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : November 14, 2025 10:35 AM IST
Bache Ki Healthy Growth Kaise Kare: हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे का शारीरिक और स्वास्थ्य विकास अच्छे से हो। हमेशा स्वस्थ रहे और बीमारियों से दूर रहे। लेकिन आज जिस तरह हमारा लाइफस्टाइल बदल रहा है, पॉल्यूशन बढ़ रहा है और जिंदगी चलने के बजाय भाग रही है। ऐसे में बच्चों का प्रॉपर विकास तो होता है, लेकिन वह हेल्दी है या नहीं, इसकी संभावना कम-ज्यादा भी हो सकती है।
इस दौरान सभी माता-पिता यही सोचते हैं कि आखिर ऐसा क्या करें कि बच्चा का स्वास्थ विकास हो। आपके इसी सवाल का जवाब आज हम आपको इस लेख में देने वाले हैं। जी हां, आज बाल दिवस यानी कि चिल्ड्रन डे के मौके पर हम आपको इस लेख में 3 ऐसी टिप्स बताने वाले हैं, जिन्हें फॉलो कर आप अपने बच्चे के विकास को हेल्दी तरीके से बढ़ा सकते हैं। आइए बिना देर किए इन टिप्स के बारे में जानें।
आजकल कई माता-पिताओं को बाहर का खाने का शौक है, ऐसे में बच्चे भी वही सीख रहे हैं। लेकिन अगर आप अपने बच्चे की हेल्दी ग्रोथ चाहते हैं तो इसकी नींव सही खानपान से शुरू करनी होगी। जैसे आप उनकी डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन रिच फूड्सको जरूर शामिल करें।
बच्चा बोर न हो, इसलिए उसे एक ही सब्जी को अलग-अलग तरीकों से बनाकर खिलाएं। कोशिश करें कि बच्चा मीठी चीजों, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेटबंद वाले खाने आदि का सेवन कम करें और उसे दिनभर खूब पानी पीने की आदत डालें।
कई बार बच्चे की हेल्थ तो अच्छी होती है, लेकिन मानसिक और भावनात्मक तौर पर बच्चे कमजोर हो जाते हैं। इसलिए सिर्फ खान-पान पर ही ध्यान न दें। बल्कि बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य ध्यान दें और उसे हमेशा यह महसूस कराएं कि आप उन्हें बहुत प्यार करते हैं, गलती पर उन्हें डाटने से पहले समझाएं, रोज उनसे उनके दिन के बारे में पूछें, उन्हें प्रोत्साहित करें आदि।
कम उम्र में बच्चों के अंदर बहुत ही ज्यादा जोश होता है, लेकिन माता-पिता बच्चों को इसी बात पर टोकते रहते हैं कि पढ़ो-लिखो, खेलने से कुछ नहीं होता है आदि-आदि। इससे आप बच्चे के दिमाग को एक हद तक सीमित कर रहे होते हैं। आपको समझना होगा कि बच्चे का विकास तभी होता है जब वह दिल और दिमाग खोलकर अपनी लाइफ में आगे बढ़ता है, न कि रोक-टोक के साथ।
अगर आपका बच्चा बहुत सवाल करता है तो उसे चुप करने के बजाय सवालों का जवाब दें। अगर आपके पास जवाब नहीं है तो इंटरनेट पर देखें। फोन से पहले बच्चों की दोस्ती किताबों से करवाएं और आए दिन नई चीजों को ट्राई करने को लेकर प्रोत्साहित करें।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
नहीं, कुछ बीमारियां माता-पिता से विरासत में मिलती हैं। इसके अलावा, कुछ बीमारियां दादा-दादी या नाना-नानी से भी मिल सकती है। कुछ म्यूटेशन बाद में भी हो सकते हैं, जिसकी वजह से बीमारियां हो सकती हैं।
अगर आपका बच्चा चीजों को लेकर काफी स्लो है तो डॉक्टर से परामर्श लें।
बच्चा अपने घर से ही सीखता है, इसलिए जो अनुशासन आप बच्चे में चाहते हैं, पहले खुद में लाएं। घर पर सब से प्यार से बात करें और आपस में समय बिताएं।
जब बच्चा ज्यादा जिद करे तो उसे एक से ज्यादा विकल्प देकर उसका ध्यान भटकाएं।