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क्या आपके बच्चे को बार-बार पेट का इंफेक्शन होता है? ये हो सकती हैं वजहें

मानसून के सीजन में बच्चों को बार-बार पेट का इंफेक्शन हो सकता है। ऐसे में इसके कारणों को जानना बहुत ही जरूरी है। आइए जानते हैं किन कारणों से बच्चों को पेट का इंफेक्शन हो सकता है?

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Written By: Kishori Mishra | Published : July 8, 2026 9:21 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Urvashi Rana

Stomach Infection in Child: बच्चों में पेट का इंफेक्शन बरसात के दिनों में काफी आम समस्या है, लेकिन अगर आपका बच्चा बार-बार पेट दर्द, दस्त, उल्टी या पेट खराब होने की शिकायत करता है, तो इसे हल्के में ना लें। छोटे बच्चों की इम्यूनिटी पूरी तरह से विकसित नहीं हुई होती है, इसलिए वे बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट्स से होने वाले संक्रमण की चपेट में जल्दी आ सकते हैं। हालांकि, बार-बार होने वाला पेट का इंफेक्शन सिर्फ बाहर का खाना खाने से ही नहीं होता, बल्कि इसके पीछे कई अन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। आइए जानते हैं बच्चों को बार-बार पेट का इंफेक्शन होने के पीछे क्या वजह है। इस विषय को विस्तार से समझने के लिए हमने अहमदाबाद स्थित नारायणा हॉस्पिटल की पीडियाट्रिशियन डॉ. उर्वशी राण सा बातचीत की है। आइए जानते हैं क्या कहती हैं डॉक्टर -

बच्चों में बार-बार पेट के इंफेक्शन के कारण क्या हैं?

बच्चों में बार-बार पेट के इंफेक्शन होने के पीछे कई वजह हो सकती हैं, जैसे-

1. हाथों की साफ-सफाई में कमी

बच्चे अक्सर खेलते समय गंदे हाथ मुंह में डाल लेते हैं या बिना हाथ धोए खाना खा लेते हैं। इससे बैक्टीरिया और वायरस शरीर में पहुंचकर संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इसलिए बच्चों की हाथों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें

2. दूषित पानी और असुरक्षित भोजन

गंदा पानी, अधपका भोजन या लंबे समय तक बाहर रखा खाना खाने से पेट में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। मानसून के मौसम में यह जोखिम और अधिक बढ़ जाता है।

3. वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण

डॉक्टर का कहना है कि मानसून में रोटावायरस, नोरोवायरस, ई. कोलाई (E. coli) और साल्मोनेला जैसे सूक्ष्मजीव काफी ज्यादा पनपने लगते हैं। यह वायरस और बैक्टीरिया बच्चों में पेट के संक्रमण की प्रमुख वजह होते हैं। ये दूषित भोजन, पानी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैल सकते हैं।

4. आंतों में कीड़े के कारण

अगर बच्चे को नियमित रूप से डी-वॉर्मिंग नहीं कराई जाती है, तो आंतों में कीड़े पनप सकते हैं। इससे पेट दर्द, भूख कम लगना और बार-बार पेट खराब होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में समय पर बच्चों की डी वॉर्मिंग जरूरी होती है।

5. कमजोर इम्यूनिटी

कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चों में संक्रमण बार-बार होने की संभावना अधिक रहती है। संतुलित आहार की कमी भी इसका एक कारण हो सकती है।

किन लक्षणों पर ध्यान दें?

बच्चों में दिखने वाले कुछ लक्षणों पर आपको विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है, जैसे-

  • बार-बार दस्त
  • उल्टी होना।
  • तेज पेट दर्द की परेशानी होना।
  • बुखार आना।
  • भूख कम लगना
  • कमजोरी या डिहाइड्रेशन, इत्यादि

अगर आपको अपने बच्चों में इस तरह के लक्षण दिखे, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह दें। क्योंकि छोटे बच्चों में डिहाइड्रेशन तेजी से गंभीर रूप ले सकता है।

बच्चों को इंफेक्शन से कैसे रखें सुरक्षित?

कुछ बातों का ध्यान रखकर आप इंफेक्शन से सुरक्षित रख सकते हैं, जैसे-

  1. खाने से पहले और शौचालय के बाद बच्चे के हाथ साबुन से अच्छी तरह धुलवाएं।
  2. हमेशा साफ और सुरक्षित पानी ही पिलाएं।
  3. ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन दें।
  4. खुले में मिलने वाले कटे फल और अस्वच्छ भोजन से बचाएं।
  5. डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय-समय पर डी-वॉर्मिंग कराएं।
  6. बच्चे के टीकाकरण को समय पर पूरा कराएं, खासकर रोटावायरस वैक्सीन।
  7. संतुलित आहार दें, ताकि इम्यूनिटी मजबूत बनी रहे।

रिसर्च क्या कहती है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, डायरिया 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। हर साल दुनिया भर में बच्चों में डायरिया के लगभग 1.7 बिलियन मामले सामने आते हैं। इनमें बड़ी संख्या दूषित पानी, असुरक्षित खानपान और खराब स्वच्छता से जुड़ी होती है। WHO का कहना है कि अगर आप बच्चों को डायरिया से सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो स्वच्छता का ध्यान रखें। सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता और रोटावायरस वैक्सीनेशन को बचाव के सबसे प्रभावी उपाय मानता है।

Disclaimer : अंत में डॉक्टर का कहना है कि अच्छी पर्सनल हाइजीन, सुरक्षित भोजन और साफ पानी का सेवन बच्चों में पेट के संक्रमण के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। यदि इंफेक्शन बार-बार हो रहा है, तो इसकी मूल वजह जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, ताकि समय रहते सही उपचार शुरू किया जा सके।