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Written By: Yogita Yadav | Published : September 11, 2018 10:45 AM IST
पिता का व्यवहार बच्चों के लिए साइलेंट लर्निंग की तरह काम करता है। © Shutterstock
बच्चों की परवरिश सिर्फ मां की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें पिता का योगदान भी अहम होता है। अब तक हुए शोध में यह बात साफ हो चुकी है कि जिन परिवारों में माता और पिता दोनों अनुशासित होते हैं, वहां बच्चों का अनुशासित होना ज्यादा आसान होता है। वही पिता से मिलने वाला सपोर्ट बच्चों में आत्मविश्वास की बढ़ोतरी करता है। इसलिए जब बच्चे बड़े हो रहे हों तो पिता की भी हैं कुछ खास जिम्मेदारियां-
मनोवैज्ञानिक कारण
बाल मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि मां चाहें जितना भी प्रयास करे, कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो पिता ही बच्चों को सिखा सकते हैं। इनमें उनका व्यवहार और नजरिया दोनों मायने रखता है। जबकि कुछ चीजों में बच्चे पिता के पदचिन्हों पर ही चलते हैं।
साइलेंट लर्निंग
पिता का व्यवहार बच्चों के लिए साइलेंट लर्निंग सोर्स है। बच्चे जब देखते हैं कि घर का एक जिम्मेदार सदस्य अपनी जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाह है, तो वे भी इसमें रास्ता ढूंढ लेते हैं। जबकि जब वे उन्हें मेहनत करते और अपने काम सही ढंग से निपटाते, प्यार से परिवार को संभालते देखते हैं तो वे भावनात्मक रूप से इस सबके लिए तैयार होते हैं।
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