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Written By: Pallavi Kumari | Updated : May 3, 2022 7:01 AM IST
बढ़ते प्रदूषण और खराब लाइफस्टाइल के कारण आज कल बच्चों में अस्थाम की (Childhood asthma) समस्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में कई बार हम इसके इलाज के रूप में बच्चों को इनहेलर इस्तेमाल करने की सीख देते हैं। लेकिन क्या ये तरीका सही है कि जितनी बार अस्थाम अटैक आए, उतनी बार इनहेलर इस्तेमाल कर करें। इसी बारे में विस्तार से जानने और बच्चों में अस्थना के कारणों को समझने के लिए हमने डॉ. इंद्रजीत सिंह (Dr. Indrajeet Singh, M.B.B.S) से बात की जो कि लखनऊ के सिंह क्लिनिक में कार्यरत हैं। डॉ. इंद्रजीत सिंह कहते हैं कि पहले तो जिन बच्चों में अस्थमा की समस्या होती है, उनमें से 10 प्रतिशत बच्चों में अस्थमा पैदा होने के साथ हो जाता है। बाकी के 90 प्रतिशत बच्चों में लाइफस्टाइल और दूसरे कारणों से अस्थमा ट्रिगर करता है।
-डस्ट एलर्जीके कारण
-प्रदूषित शहरों में रहने के कारण
-खराब लाइफस्टाइल और खान-पान के कारण
-पेट्स के कारण, जिनके बैक्टीरिया बच्चों में अस्थमा के लक्षणों को ट्रिगर करते हैं।
-कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों को
-जेनेटिक कारणों से
ये सवाल बहुत से माता-पिता पूछते हैं जब उनके बच्चों में बहुत छोटी उम्र से अस्थमा की समस्यारहती है। तो, इसमें डॉ. इंद्रजीत सिंह कहते हैं कि जैसे-जैसे बच्चे बड़े होने लगते हैं, उनकी इम्यूनिटी मजबूत होने लगती है। उनमें अस्थमा कम होने लगता है और बहुत से बच्चों में तो 12 साल की उम्र के बाद ये ठीक हो जाता है। हालांकि, इस दौरान 12 साल के कम उम्र के बच्चों के लिए परेशान होने की जरूरत पड़ सकती है क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है और उन्हें रह-रह कर ये समस्या हो सकती है।
बच्चों में अगर अस्थमा अटैक आता है और सांस लेने में तकलीफ होती है तो उनके लिए घर पर कुछ चीजें जरूर रखें। जैसे कि एंटीहिस्टामिन सिरप या टेबलेट। ये बच्चों में अस्थमा अटैक को शांत करने में मदद कर सकता है। उसके बाद फिर डॉक्टर को दिखा लें और उनके कहने के अनुसार ही उनका इलाज करें। कोशिश करें घर में बहुत देर रख कर घरेलू इलाज का उपयोग ना करें।
डॉ. इंद्रजीत सिंह कहते हैं कि हमेशा बच्चों के लिए इनहेलर का उपयोग (Are inhalers good for kids) करने से पहले डॉक्टर से पूछ लें। बिना डॉक्टर के बताए अपने मन से ना इनहेलर इस्तेमाल करें ना उन्हें इसे इस्तेमाल करने की सीख दें। खास कर कि 12 साल से नीचे के बच्चों को। दरअसल, इसके अपने ही नुकसान। बार-बार इनहेलर इस्तेमाल करने से मुंह में खराश आ सकता है। बच्चों को थ्रश नामक मुंह का संक्रमण भी हो सकता है। इसके अलावा कई बार लार बनना कम हो सकता है और बार-बार गला सूख सकता है। हालांकि, इनहेलर अस्थमा अटैक को शांत करने में तुरंत मदद करता है लेकिन बच्चों में इसके इस्तेमाल को लेकर अपने डॉक्टर से पूछ लें।
डॉ. इंद्रजीत सिंह कहते हैं कि अस्थामा अगर जेनेटिक कारणों से नहीं है तो आप लाइफस्टाइल और डाइट में सुधार करके इससे अपने बच्चों को बचा सकते हैं। साथ ही उन्हें एक सही पोषण दें जो कि उन्हें अंदर से स्ट्रांग बनाएं और इंफेक्शन और एलर्जी से लड़ने की क्षमता प्रदान करे।