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Written By: Anshumala | Published : March 14, 2020 6:08 PM IST
किन कारणों से बच्चे करते हैं बिस्तर गीला और उन्हें दूर करने के उपाय क्या हैं।
Bedwetting habit in kids : एक से चार साल के बच्चे का बिस्तर गीला करना बहुत ही आम बात है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें किसी बात की उतनी समझ नहीं होती। लेकिन जब 5 से 10 वर्ष के बच्चे भी बिस्तर (child Bedwetting) पर ही रात में टॉयलेट कर देते हैं, तो इस आदत को छुड़ाना जरूरी हो जाता है। कई बार ऐसा सोने से पहले अधिक पानी पीने से भी हो जाता है। कई बच्चों में काफी ट्रीटमेंट कराने के बाद भी यह आदत नहीं छूटती (How to Handle Bedwetting in Kids) है। परेशान होने की जरूरत नहीं। उनकी इस आदत को आप कुछ घरेलू उपाय आजमा (Home remedies for child Bedwetting) कर भी कम कर सकती हैं। यदि इन उपायों को आजमाने के बाद भी बिस्तर गीला (Bedwetting) करने की आदत नहीं जाती, तो किसी अच्छे पिडायाट्रिक्स से संपर्क करें।
1 कई बार बच्चे इमोशनल, डर या फिर मेंटल स्ट्रेस के कारण भी रात में बिस्तर पर पेशाब कर देते हैं। ठंड लगने के कारण और फैमिली हिस्ट्री के कारण भी ऐसा होता है। हो सकता है घर में दूसरे भाई-बहन पहले ऐसा करते हों।
2बच्चा बिस्तर गीला (child Bedwetting in hindi) करता है, तो उन्हें बहुत ज्यादा डांटें नहीं। आप उसे प्यार से समझाएं। जिस दिन वह पेशाब नहीं करता, तो उसे इनाम दें। इससे उन्हें स्ट्रेस नहीं होगा और वह खुश रहेगा।
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3 यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, बुखार, उल्टी, भूख न लगना, हार्मोनल इम्बैलेंस आदि की समस्या तो नहीं, इस बात पर गौर करिए। यदि ऐसा है, तो आप उसका ध्यान रखें, दवाइयां दें।
4 सोने से एक घंटा पहले और बिस्तर पर जाने से पहले जरूर बच्चे को टॉयलेट करवाएं। इससे उनमें बिस्तर पर जाने से पहले टॉयलेट करने की आदत डेवलप होगी।
5 बच्चे के कमरे में बिल्कुल अंधेरा न रखें। हल्की सी लाइट जली होनी चाहिए। कई बार अंधेरे के कारण वे डर जाते हैं और बिस्तर से उठने में घबराते हैं। इस वजह से भी वे नींद में ही पेशाब कर देते हैं।
6 बच्चा कहीं कैफीन युक्त पेय पदार्थ तो नहीं पीता। कई बच्चे छोटी उम्र में ही चाय पीने लगते हैं। इससे भी उनमें बिस्तर गीला करने की आदत शुरू हो जाती है। इतनी कम उम्र में चाय-कॉफी पीना बच्चों की सेहत के लिए ठीक भी नहीं होता है।