बच्चों के लिए कार्टून कितना सही, कितना गलत? जानें, एक्सपर्ट की राय

बच्चों को कार्टून दिखना सही है या गलत, अक्सर माता-पिता इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं। अगर आप भी इसे लेकर कंफ्यूज हैं, तो आइए पढ़ते हैं इस आर्टिकल को विस्तार से -

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Written By: Kishori Mishra | Published : April 30, 2026 9:51 AM IST

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Medically Verified By: Dr Shorouq Motwani

आज के दौर में मोबाइल, टीवी और टैबलेट न सिर्फ बड़ों के बल्कि बच्चों की जिंदगी का भी अहम हिस्सा बन चुके हैं। कुछ बच्चों को मोबाइल और टीवी में कार्टून देखना काफी ज्यादा पसंद होता है। कार्टून के रंग-बिरंगे कास्ट, मजेदार कहानियां, अट्रैक्टिव विजुअल्स बच्चों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं। लेकिन अक्सर पेरेंट्स के मन में सवाल रहता है कि क्या दिनभर कार्टून देखना बच्चों के लिए सही है? इसका जवाब जानने के लिए हमने Narayana Health SRCC Children's Hospital के चाइल्ड एंड एडोलसेंट साइकियाट्री, कंसल्टेंट डॉ. शोरूक मोटवानी से बातचीत की है। आइए जानते हैं क्या कहती हैं एक्सपर्ट?

क्या कहती हैं साइकियाट्रिस्ट?

डॉक्टर शोरूक मोटवानी का कहना है कि कार्टून बच्चों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ सीखने का एक अहम माध्यम हो सकता है। कई शोज बच्चों को भाषा, नैतिकता और अच्छे व्यवहार सिखाते हैं। कलरफुल विजुअल्स और रोचक कहानियां उनकी कल्पनाशक्ति को बढ़ावा देते हैं और उन्हें नई चीजों को समझने में मदद करते हैं। ऐसे में अगर बच्चा सही कंटेंट सीमित मात्रा में देखे, तो उनके लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम नुकसान पहुंचा सकता है।

कार्टून देखने के फायदे और नुकसान क्या हैं? कार्टून देखने के फायदे और नुकसान क्या हैं? - AI generated

क्या हैं कार्टून देखने के फायदे?

डॉक्टर कहती हैं कि हर कार्टून शो सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं होता। कई एजुकेशनल कार्टून बच्चों को नई चीजें सिखाने में मदद करते हैं। इससे बच्चों को कई फायदे भी हो सकते हैं, जैसे-

  1. सही कार्टून देखने से बच्चों का लैंग्वेज स्किल्स बेहतर हो सकती है, वे नए शब्द सीखते हैं और कम्युनिकेशन करने का तरीका समझते हैं।
  2. कई शोज बच्चों को नैतिक मूल्य, जैसे- सच बोलना, दूसरों की मदद करना, शेयरिंग और अनुशासन जैसी अच्छी आदतें भी सिखाते हैं।
  3. कार्टून बच्चों की कल्पनाशक्ति और क्रिएटिविटी बढ़ाने में भी मदद कर सकते हैं। नई कहानियां, अलग-अलग किरदार और काल्पनिक दुनिया बच्चों के दिमाग को सोचने और समझने के नए तरीके देती हैं।

ज्यादा कार्टून देखने के क्या हैं नुकसान?

डॉक्टर कहती हैं कि समस्या तब शुरू होती है, जब बच्चे घंटों तक स्क्रीन के सामने बैठे रहते हैं। लगातार बदलते दृश्य और तेज आवाजें बच्चों के दिमाग को ज्यादा उत्तेजित कर सकती हैं। इससे कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जैसे-

  • इससे उनकी एकाग्रता प्रभावित हो सकती है और पढ़ाई में मन लगाना मुश्किल हो सकता है।
  • ज्यादा स्क्रीन टाइम से बच्चों में चिड़चिड़ापन, नींद की समस्या और शारीरिक गतिविधि में कमी भी देखी जा सकती है।
  • अगर बच्चा बाहर खेलने की बजाय हर समय कार्टून देख रहा है, तो इसका असर उसकी फिटनेस और सोशल डेवलपमेंट पर भी पड़ सकता है।
  • कुछ कार्टून्स में दिखाए जाने वाले हिंसक दृश्य या गलत व्यवहार भी बच्चों पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं, क्योंकि बच्चे अक्सर जो देखते हैं, उसे अपनाने की कोशिश करते हैं।

क्या करें पैरेंट्स?

डॉक्टर कहते हैं कि आप कुछ बातों का ध्यान रखकर बच्चों के स्क्रीन टाइम को हेल्दी बना सकते हैं, जैसे-

  1. छोटे बच्चों के लिए 1 घंटे के आसपास और बड़े बच्चों के लिए तय सीमा रखें।
  2. एजुकेशनल और पॉजिटिव मैसेज देने वाले शोज ही बच्चों को देखने दें।
  3. बच्चों के साथ बैठकर आप भी कार्टून देखें, इससे आप समझ पाएंगे कि बच्चा क्या देख रहा है और उससे क्या सीख रहा है।
  4. आउटडोर गेम्स और क्रिएटिव एक्टिविटी जैसे- ड्रॉइंग, कहानी पढ़ना, खेलना और परिवार के साथ समय बिताना इत्यादि बढ़ाएं।

Disclaimer : ध्यान रखें कि कार्टून बच्चों के लिए पूरी तरह खराब नहीं हैं। सही कंटेंट, सही समय और पैरेंट्स की निगरानी में यह सीखने और मनोरंजन का अच्छा जरिया बन सकते हैं। लेकिन अगर कार्टून दिनचर्या का सबसे बड़ा हिस्सा बन जाए, तो यह बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास पर असर डाल सकता है।

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