बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य को खराब कर रहे कार्टून और शॉर्ट वीडियोज, पेरेंट्स को देना होगा जल्दी ध्यान

Children Mental Health: फोन में कार्टून व शॉर्ट वीडियो देखने से छोटे छोटे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है, जिसे पेरेंट्स को लंबे समय तक इग्नोरन हीं करना चाहिए।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : December 14, 2025 12:44 PM IST

Impact of Phone on Children: क्या सच में आजकल लोग अपने बच्चों की परवरिश नहीं कर पा रहे हैं? पहले जब पेरेंट्स अपना काम करते हुए भी समय निकालकर बच्चों के लिए समय निकाल लेते थे और छोटे बच्चों को घंटों तक खिलाते थे। अब ये चीजें भी कम हो गई हैं। छोटे बच्चों को पेरेंट्स फोन में कार्टून या शॉर्ट वीडियोज लगाकर दे देते हैं। बच्चे खुद ही स्क्रॉल करते रहते हैं। अगर बच्चा रोने लगे तो पेरेंट्स को लगता है कि वह फोन मांग रहा है और उसके फोन दे दिया जाता है, बच्चा भी फोन में लग जाता है और घंटों तक स्क्रीन की तरफ देखता रहता है। लेकिन क्या पेरेंट्स को पता है कि बच्चे का फोन में इतनी देर तक लगा रहना उनकी आंखों को तो खराब कर रहा है, लेकिन इससे बच्चे का मानसिक स्वास्थ्य भी खराब होता जा रहा है और बच्चे को इससे बचाना बहुत ही जरूरी है। इस लेख में हम आपको बच्चे पर कार्टून और शॉर्ट वीडियो के असर के बारे में बात करेंगे और साथ ही जानेंगे कि बच्चों को इसकी आदत कैसे छुड़ाएं।

बच्चों पर स्क्रीन का असर

अगर पेरेंट्स बच्चों को बिहेवियर को थोड़ा बारीकी से नोटिस करना शुरू कर दें कि तो उन्हें खुद पता लग जाएगा कि वीडियों देख कर बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत असर पड़ रहा है। बच्चे का दिमाग एक खाली पेज की तरह होता है, वह जो भी देखता है वही सीखता रहता है। आजकल सोशलमीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर आने वाली ज्यादातर सामग्री ऐसी है, जो बच्चे के लिए सही नहीं मानी जाती है।

बच्चे के स्वास्थ्य पर इसका असर

बच्चे घंटों तक कार्टून वीडियोज देखते रहते हैं और शॉर्ट वीडियो स्क्रॉल करते रहते हैं, जिसका सीधा असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। बच्चे जितने देर तक एक जगह बैठकर स्क्रीन को देखते हैं, उनमें तनाव उतना ही ज्यादा बढ़ता है और उसके कारण उन्हें बच्चों में ज्यादा चिड़चिड़ापन रहने लगता है।

ऐसे में क्या किया जाना चाहिए

बच्चे को अगर फोन की आदत पड़ गई है, तो उसे प्रैक्टिकल खेलों में शामिल करें। बाहर घूमाने ले जाएं, आस-पड़ोस के हम उम्र के बच्चों के साथ उसकी जान पहचान कराएं। फोन यूज करने का टाइम टेबल रखें, जिससे धीरे-धीरे बच्चे को भी सिर्फ एक ही समय फोन यूज करने की आदत पड़ जाएगी। साथ ही बच्चे के आगे फोन का इस्तेमाल न करें, जो कि पेरेंट्स द्वारा अक्सर की जाने वाली सबसे बड़ी गलतियों में से एक है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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