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Written By: Yogita Yadav | Published : February 22, 2019 2:40 PM IST
स्ट्रेचिंग की मदद से अपने पॉश्चर में सुधार कर आप अपने बच्चे की लंबाई बढ़ा सकते हैं। लड़कियां की लंबाई 11.5 वर्ष और लड़कों की लंबाई 13.5 वर्ष तक ही बढ़ती है। ©Shutterstock.
बच्चे के टीनएज तक आते हर माता-पिता को यह तनाव होने लगता है कि उनके बच्चे का कद पूरी तरह बढ़ भी पाएगा या नहीं। जंक और प्रोसेस्ड फूड खाने के आदी बच्चों में यह समस्या ज्यादा देखने में आती है। पर अगर आप चाहें तो समय रहते इस समस्या को इस तरह दूर कर सकते हैं।
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कब तक बढ़ता है कद
एक बार हड्डियां के बढ़ना रूकने के बाद, लंबाई को बढ़ाने की सीमा तय हो जाती है। फिर लंबाई को बढ़ना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्ट्रेचिंग की मदद से अपने पॉश्चर में सुधार कर आप अपने बच्चे की लंबाई बढ़ा सकते हैं। लड़कियां की लंबाई 11.5 वर्ष और लड़कों की लंबाई 13.5 वर्ष तक ही बढ़ती है।
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथर्न कैलिफोर्निया वेबसाइट के डॉक्टर लॉरेंस एस नैनस्टीन के अनुसार, लड़कों को लड़कियों की तुलना में हड्डियों की ग्रोथ बंद होने से पहले लंबाई बढ़ाने का दो साल का लंबा समय मिलता है। लंबाई बढा़ने के लिए स्ट्रेच एक अच्छा आइडिया है, क्योंकि यह रीढ़ की हड्डी में संकुचन को कम करता है। अमेरिकी कॉसिल ऑफ एक्सरसाइज के अनुसार, स्ट्रेचिंग से आपको पॉश्चर में सुधार करने और लंबाई की सीमा बढ़ाने में मदद मिलती हैं।
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स्ट्रेचिंग के इन योगासनों को कर सकते हैं फॉलो
ताड़ासन - ताड़ासन को पर्वत योग मुद्रा भी कहते हैं। इस स्ट्रेच योग को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर दरी बिछाकर सीधे खड़े हो जाएं। अपने दोनों पैर को आपस में मिलाकर और दोनों हथेलियों को अपने बगल में रखें फिर पूरे शरीर को स्थिर रखें और दोनों पैरों पर अपने शरीर का वजन सामान रखें। उसके बाद दोनों हथेलियों की अंगुलियों को मिलाकर सिर के ऊपर ले जाएं। हथेलियों सीधी रखें और सांस भरते हुए अपने हाथों को ऊपर की ओर खींचिए, जिससे आपके कंधों और चेस्ट में भी स्ट्रेच आएगा। इसके साथ ही पैरों की एड़ी को भी ऊपर उठाएं और पैरों की अंगुलियों पर शरीर का संतुलन बनाए रखिए। इस स्थिति में कुछ देर रहें।
भुजंगासन - भुजंगासान को कोबरा पोज भी कहते हैं। इस आसान में चेहरे पर स्ट्रेच महसूस करते हुए अपनी उंगालियों को कंधों की तरफ और कोहनी को अपनी साइट में रखते हैं। साथ ही अपने शरीर के निचले हिस्से पर दबाव बनाये रखते हैं। अपनी बाहों को सीधा रखते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर की तरफ और निचले हिस्से को जमीन पर रखते हैं। ऊपरी हिस्से को तब तक ही उठाते हैं, जितना की आप आराम से उठा सकें। अपनी रीढ़ में स्ट्रेच महसूस करें। सांस छोड़ते और 15 की गिनती करते हुए धीरे-धीरे अपने ऊपरी हिस्से को नीचे लायें। इससे आपके चेस्ट और पेट की मसल्स में स्ट्रेच होगा। इसको नियमित करने से लंबाई बढाई जा सकती है। इस मु्द्रा को नियमित रूप से करने लंबाई बढ़ाने में मदद मिलती है क्योंकि इससे आप बैठते, उठते और खड़े होते समय रीढ़ की हड्डी लंबा बनाये रखने में मदद मिलती है।